सदर : इलाके में छ दिनों से लगातार हो रहे आँधी बारिश एवं ओला वृष्टि ने किसानों का कमर तोड़ दिया है . अधिकांश

किसानों ने तो बाजी मार ली थी लेकिन कुछ किसान का भाग्य साथ नहीं दिया उनके खेत में लगा गेहूं का फसल काल के गाल में समा गया . मब्बी ओपी के शाहपुर निवासी किसान कामाख्या नारायण सिंह का कहना है कि एक दिन का समय और मिलता तो तीन सौ क्विंटल गेहूं घर ले आते लेकिन इंद्रदेव की प्रकोप से सबकुछ लुट गया . उनका साकार होते सपना एक ही पल में ध्वस्त हो गया . उनके 15 एकड़ खेत में लगे गेहूं पत्थल की मार से नष्ट हो गया . खेत में नीचे सोया गेहूं के बाली में एक भी दाना बचा नहीं है . ओला वृष्टि के कारण सब झड़ चुका है . किसान कामाख्या ने अपने 15 ऐकड़ के बड़े प्लॉट में गेहूं की खेती की थी . फसल उगाने के लिये पटवन आदि में 1000 रुपये कट्ठा के हिसाब से तीन लाख से अधिक पूँजी लगाना परा था . इसमें उन्होंने तीन सौ क्विंटल गेहूं उपज की अनुमान थी . उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ से किसान समृद्धि योजना में दो हजार रुपये दिया जाना भीख के बराबर है . इससे बड़े किसान को क्या लाभ मिलेगा . उनका कहना है कि सरकारी अन्य योजनाओं का लाभ सही किसानों तक नहीं पहुँच पाता है . पदाधिकारियों की मिलीभगत से गलत लोग ही फायदा उठाते हैं . इसी तरह और भी कई किसान ऐसे हैं जिनका यही हाल है
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