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दरभंगा. 11 मई. वर्ल्ड नर्स डे(12 मई) पर पूरा विश्व चिकित्सकीय सेवा में दिन- रात मरीजों की सेवा करने वाली नर्स को याद करता है।

हायाघाट पीएसची में कार्यरत एएनएम के मानवीय सेवा के कायल हैं चिकित्सक व कर्मी
• डयूटी पर मौजूद रहने पर मरीज व परिजनों की लगती है भीड़
• गर्भवती महिलाओं का सफल प्रसव कराने में निपुण
• बेहतर काम करने के लिये डीएम ने किया पुरस्कृत
• कोरोना संक्रमण को कम करने को लेकर ग्रामीणों को कर रही जागरूक

दरभंगा. 11 मई. वर्ल्ड नर्स डे(12 मई) पर पूरा विश्व चिकित्सकीय सेवा में दिन- रात मरीजों की सेवा करने वाली नर्स को याद करता है.

दरभंगा news 24 live …

सेवा भाव के प्रति समर्पण को लेकर विश्व स्तर पर उन्हें याद किया जाता है . नर्स व एएनएम मरीजों की सेवा को ही अपना धर्म मानती हैं. अपने परिवार से दूर अस्पताल में ही मरीजों की चिकित्सा करती हैं. उनके दवा व चिकित्सकीय जरूरत का ध्यान रखती हैं. अस्पताल में किसी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत मरीजों को सेवा प्रदान करती हैं. गंभीर स्थिति होने पर डॉक्टर को बुला कर मरीजों की जान बचाती हैं. ऐसी स्थिति में किसी भी अस्पताल की चिकित्सकीय व्यवस्था का पुरा दारोमदार नर्स पर ही निर्भर करता है. बेगैर नर्स व एएनएम का किसी अस्पताल का संचालन नहीं हो सकता है. लिहाजा नर्स व एएनएम को अस्पताल का एक मजबूत स्तंभ माना जाता है.

कुछ ऐसा ही पुनीत कार्य कर रही है, हायाघाट पीएचसी में कार्यरत एएनएम रश्मि रवी . मरीज व परिजन के साथ- साथ गांव वाले उनके सेवा से प्रसन्न रहते हैँ. इसलिये जब एएनएम रश्मि का डयूटी रहती है, उस समय मरीज व परिजनों की भीड़ अस्पताल में जुट जाती हैं. उस भीड़ में सभी मरीज व परिजनों की हर समस्या को दूर करती हैं. चाहे कोई गर्भवती महिला हो या अन्य कोई शारीरिक समस्या सबसे पहले मरीज या परिजन रश्मि से मिलते हैं. उसके बाद वह अंदर जाकर डयूटी पर मौजूद डॉक्टर से मिलकर अपनी समस्या बताती है. इस कारण सभी मरीज व परिजन उनके सेवा भाव के कायल हो चुके हैं. पूरे गांव में लोग एएनएम रश्मि की सेवा भाव की चर्चा करते है.

सबसे ज्यादा गर्भवती महिलाओं को वांडर ऐप से जोड़ने पर मिल चुका है सम्मान:

विगत 13 वर्ष से एनएम रश्मि हायाघाट पीएचसी में मरीजों की सेवा कर रही हैं. सफल रूप से प्रसव कराने में लोग रश्मि पर सभी भरोसा करते हैं. इसी वर्ष जनवरी माह में 100 से अधिक गर्भवती महिलाओं को वंडर ऐप से जोड़ने पर डीएम डॉ त्यागराजन एसएम ने उन्हें पुरस्कृत किया था. एक कार्यक्रम का आयोजन कर रश्मि को पुरस्कार दिया गया. डीएम ने रश्मि के कार्यशैली की प्रशंसा की. उस कार्यक्रम में डीएम ने कहा था कि उनका काम काफी सराहनीय है. एक ही महीनें में 100 से अधिक गर्भवती महिलाओं की जानकारी दिया है जिसे वंडर ऐप पर प्रवृष्टि कर दिया गया है. उन गर्भवती महिलाओं को अब किसी प्रकार की चिकित्सकीय परेशानी नहीं होगी. किसी प्रकार की समस्या होने पर उसे तुरंत चिकित्सकीय सहायता दिलायी जा सकेगी. डीएम ने कहा यह काम अन्य एएनएम व नर्स के लिये अनुकरणीय है.
ग्रामीणों को पढ़ा रही स्वच्छता का पाठ
इस समय पूरा विश्व कोरोना महामारी से जुझ रहा है. अस्पतालों में कोरोना योद्धा के रूप में एएनएम या नर्स सच्ची निष्ठा से देश की सेवा कर रही हैं. उनकी सेवा भाव को भुलाया नहीं जा सकता है. इसी कड़ी में एएमएन हायाघाट पीएचसी में आने वाले मरीज व परिजनों को लॉक डाउन व सोशल डिस्टेसिंग की बात बता रही हैं. अस्पताल से छुट्टी होने पर गांव के लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के लिये साफ- सफाई के बारे में जानकारी देती हैं. लोगों को बताती है कि कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिये घर में ही रहे. अतिआवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें. नियमित अंतराल पर अपने हाथों को साबुन से धोंवे. साबुन नहीं रहने पर सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर अपने हाथों को किटाणुरहित करें. रश्मि ग्रामीणों व अपने रिश्तेदारों को हमेशा मॉस्क पहनने की सलाह देती हैं. इसका फायदा गांव वालों को हुआ है. लोग कोरोना वायरस के प्रति जागरूक व सचेत हो गये हैं.

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