नेपाल में फँसे खुटवारा पंचायत के सैकड़ों ईंटभट्ठा मजदूरों को घर वापसी के लिये परिजनों ने सरकार से गुहार लगायी।

है। काम बंद हो जाने से सभी भुखों मरने की स्थिति मेंं है . यहाँ घर में बाल बच्चे पत्नी चिंता से परेशान हो रही है। तीन माह से नेपाल के ईंटभट्ठा में काम बंद परा है। आरंभिक बंदी के दौरान भट्ठा मालिकों से पेट भरने के लिये कुछ खर्च मिल जा रहा था लेकिन अब वो भी बंद कर चुका है। मजदूर आना चाहता है लेकिन उसे कोई साधन नहीं मिलता . मजबुरी में मजदूरों को भूखे रहना परता है . हालांकि घरवाले हमेशा फोन कर हालचाल जानने की कोशिश में लगे रहते हैं . स्थानीय लोगों का कहना है कि खुटवारा पूरा गौसाघाट हेंगोली रामबेरई डीहबेरई मोसिमपुर धोई बदिया सहित आसपास के दर्जनों गाँवों के सैकड़ों की संख्या में दिहाड़ी मजदूर नेपाल के भक्तपुर काठमांडू धारके धाऊखेल पाँचखला जिला के ईंटभट्ठा पर काम करने गया था . लॉकडाउन होने के कारण सभी फँस चुका है . हालांकि इसे ठीकेदार के माध्यम से वहां भेजा गया था। ठीकेदार भी अपनी तरफ से उसे लाने का प्रयास करते रहे हैं लेकिन उसे माध्यम मिलना कठिन हो रहा है। यहाँ पारिवारिक स्थिति दयनीय होती जा रही है . इस बात से परेशान घरवालों की मंगलवार को घैर्य जबाब दे गया एवं उग्र होकर सड़क पर उतरकर आये . गुस्साये परिजन अपने पति बेटे बहिनपुत सभी को घर वापसी के लिये सरकार से गुहार लगाती रही . पूरा गाँव की महादलित टोल निवासी बीना देवी का कहना है कि घर खर्ची चलाना भी मुश्किल हो रहा है ऊपर से आदमी जिंदा लौट के आ सकेगा या नहीं यही चिंता खाये जा रही है . पानो देवी ने कहा छ माह से हमारे पति नेपाल में काम करते हैं . काम बंद हो जाने से मालिक पैसा भी देना बंद कर दिया है . इसी तरह चंद्रकला देवी रेखा देवी एवं जीरा देवी आदि दर्जनों महिलाएं अपनी दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि परिवार की स्थिति दिन प्रतिदिन खड़ाब
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