Breaking News

समस्तीपुर /मुजफ्फरपुर/ सीतामढ़ी जिला के सीमा से लगने वाले प्रखंडों में टिड्डी के हमले की आशंका।

 

समस्तीपुर /मुजफ्फरपुर/ सीतामढ़ी जिला के सीमा से लगने वाले प्रखंडों में टिड्डी के हमले की आशंका.

टिड्डी

रिपोर्ट अविनाश कुमार

को खत्म करने के लिए फायर ब्रिगेड टीम की तैनाती हुई।

टिड्डियों को भगाने के लिये ज्यादा शोर मचाने का सलाह ।

दरभंगा : जिलाधिकारी दरभंगा डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा टिड्डियों के संभावित हमले को देखते हुए इसको खत्म करने के लिए फायर व्रिगेड की टीम को तैनात रहने का निदेश दिया है। कहा है कि राज्य के पश्चमी चम्पारण जिला के कुछ प्रखंडों मे टिड्डी दलों के आगमन की सूचना है। यह संभावना है कि टिड्डीयो का यह दल समस्तीपुर /मुजफ्फरपुर/ सीतामढ़ी जिला के सीमा से सटे इस जिला के प्रखंडों में हमला कर सकता है।
इसमें दरभंगा जिला के सिंहवाड़ा, बहेड़ी, हायाघाट, हनुमाननगर, बिरौल, कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पुर्वी, प्रखंड विशेष रूप से संवदेनशील बताया गया है। उन्होंने कहा है कि
टिड्डीयो के हमले से फसलों को बचाने के लिए सभी लोगो को पूर्ण सतर्क एवं जागरूक रहनी होगी। कहा कि टिड्डियो को पहचानना सरल है।
उन्होंने कहा है कि टिड्डियों के आगमन हो जाने पर सभी को एक साथ शोर मचाना चाहिए. इसके लिए ड्रम, थाली , घंटी, ढोलक, टीना, आदि का इस्तेमाल उपयोगी ही सकता है। कहा कि टिड्डियो का दल समूह में तेजी से उड़ता है। इसलिए टिड्डियो के आते ही सभी लोगो को जोर-जोर से शोर मचाना चाहिए। एक या दो लोगो के शोर मचाने से यह नहीं होगा. कहा कि ज्यादा संख्या में लोंगो के द्वारा शोर मचाने से टिड्डियो का दल हवा की दिशा में बाहर निकल जायेगा ।
जिला कृषि पदाधिकारी दरभंगा द्वारा बताया गया कि टिड्डियो के हमले से फसलो को बचाने हेतु कंटिंजेंट प्लान तैयार कर लिया गया है । कहा कि अगर टिड्डियो का झुंड कहीं बैठ जाता है तो कीटानुनाशक दवा का इसपर छिड़काव कर इसे खत्म कर दिया जायेगा। टिड्डियों को खत्म करने के लिए फायर विग्रेड की 10 टीमों को तैयार किया गया है। जिला पदाधिकारी के निदेश पर फायर व्रिगेड की टीम को कीटनुनाशक दवा, पी.पी.ई. किट्स आदि उपलब्ध करा दिया गया है।
वहीं कृषि विज्ञान केन्द्र जाले के वैज्ञानिक डॉ राजेन्द्र प्रसाद द्वारा टिड्डियो के पहचानने का तरीका बताया गया। कहा कि मादा टिड्डी का आकार नर टिड्डी से बड़ा होता है । टिड्डियों का दल हमेशा ग्रुप/कलस्टर में उड़ता है। इनकी संख्या लाखों मे होती है। टिड्डी का अंडा चावल के दाने के आकार का होता है। अंडा से टिड्डी के निकलने में 35-40 दिन लगते है।
कहा कि टिड्डियो का रंग अलग अलग प्रकार का होता है। टिड्डियो से बचने का सबसे कारगार तरीका यह है कि इसे कहीं बैठने न दें। एक साथ ज्यादा शोर होने पर ये उपर-उपर ही निकल जाते है।
जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी /बी.ए.ओ को जनप्रतिनिधियो के साथ आज ही बैठक करके उन्हे टिड्डियो के हमले से सुरक्षा हेतु जानकारी प्रदान करने का निदेश दिया है। कहा कि सतर्क एवं सजग रहकर बड़ी से बड़ी घटना को भी टाला जा सकता है ।उन्हें कहा गया है कि टिड्डियों के आने एवं कहीं बैठने की सूचना तुरंत दी जाये
इस बैठक में डी.ए.ओ., समीर कुमार, कृषि विज्ञानं केन्द्र, जाले के डॉ राजेन्द्र प्रसाद, पी.डी. आत्मा शकील अख्तर अंसारी, फायर व्रिगेड के प्रभारी रमेश कुमार एवं अन्य अधिकारी/पुलिस अधिकारी शामिल थे।

जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी
दरभंगा।

Check Also

दरभंगा • डी एम सी एच में इलाज़रत पीड़ित से मिला माले नेताओं की टीम 

🔊 Listen to this   • डोमू राम के हमलावरो को गिरफ्तार करें पुलिस – …