बारिश के मौसम में बच्चों के सर्दी, खांसी व बुखार कोरोना को दे सकता न्योता- डॉ मनोज
पांच साल तक के बच्चों में सर्दी, खांसी, व बुखार होने पर नही करे नज़रअंदाज़
सही
देखभाल नही करने पर बच्चों में संक्रमण की सम्भावना
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिकता पर दे ध्यान
दरभंगा. 18 जुलाई. बारिश के मौसम में कई बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। खासकर इस मौसम में वायरल बीमारी जैसे सर्दी खांसी बुखार आदि जैसे रोग के होने की संभावना रहती है. इसके अलावा इस मौसम में स्किन डिजीज से संबंधित रोग परेशान करते हैं। इस परिदृश्य में 5 साल तक के बच्चों को वायरल बीमारी की संभावना प्रबल रहती है। इससे उन बच्चों में कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा ज्यादा रहता है। लिहाजा बच्चों को बच्चों पर ज्यादा केयर करने की आवश्यकता है, ताकि मौसमी बीमार एवं कोरोना वायरस के संक्रमण से बच्चों को बचाया जा सके।
राज पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मनोज कुमार का कहना है 5 साल तक के बच्चों को ज्यादा देखने की आवश्यकता है। कोई भी सर्दी खांसी व बुखार मैं असावधानी बरतने पर बच्चा कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकता है ।इस कारण सर्दी खांसी बुखार होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेंना चाहिए।
सामान्य बुख़ार और जुक़ाम:
वायरल बुख़ार, मौसम बदलने के साथ वातावरण में आए कीटाणुओं से होने वाले बुख़ार को कहते हैं. ये हवा और पानी के ज़रिए फैलते हैं। सामान्य बुख़ार किस तरह का है ये वायरस के प्रकार पर निर्भर करता है. इतने अलग-अलग वायरस जांचने के लिए बहुत ज्यादा टेस्ट उपलब्ध नहीं हैं. वैसे तो इसमें सिर्फ़ बुख़ार ही आता है। लेकिन कुछ में खांसी और जोड़ों में दर्द भी हो सकता है. लेकिन ये फ़्लू, डेंगू या चिकनगुनिया नहीं होते हैं. बुख़ार तीन से सात दिनों तक रह सकता है. इसकी मियाद वायरस पर निर्भर करती है. इस कारण बच्चों को हमेशा निगरानी में रखें।
अपने आसपास साफ-सफाई का रखें ध्यान:
बारिश के मौसम में नमी की वजह से मच्छर, बैक्टीरिया सबसे ज्यादा पनपते हैं. ये मच्छर और बैक्टीरिया गंदगी और आसपास जलभराव के कारण होते हैं, इसलिए घर और अपने घर से आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें. घर में फर्श की सफाई फिनाइल से जरूर करें. कीचड़ की वजह से भी मच्छर पनपते हैं, इसलिए घर के अंदर जूते-चप्पल न रखें. कीचड़ से सने जूते चप्पलों को अच्छी तरह साफ करें क्योंकि इनसे बैक्टीरिया और मच्छर घर में प्रवेश करते हैं. घर में ऐसे स्थान जहां पानी भरा रहता है, जैसे कूलर, गमले आदि की भी सफाई जरूर करें. ताकि बच्चों को इस प्रकार के रोग से रक्षा हो सके।
बच्चों को सूती कपड़े पहनाएं:
मानसून के मौसम में कभी धूप, कभी बारिश का आना-जाना लगा रहता है. ऐसे मौसम में बच्चों को सूती कपड़े पहनाने से उन्हें आराम मिलता है. कपड़े ऐसे हों कि उनके पूरे शरीर को कवर करते हों. सूती कपड़े पसीने के रूप में निकलने वाले शरीर के टॉक्सिन को आसानी से सोख लेते हैं और शरीर से गंदगी को आसानी से दूर कर देते हैं. सूती या खादी के वस्त्र पहने में भी बच्चों को सहज लगते हैं.
बारिश के मौसम में पांच साल से अधिक बच्चों को घर का खाना ही खिलाएं:
बारिश के मौसम में संक्रमण से बचाने के लिए बच्चों को घर का खाना ही खिलाएं. बड़े बच्चों को बाहर के जंक फूड ज्यादा पसंद आते हैं, लेकिन यही जंक फूड बारिश के मौसम में नुकसानदायक हो सकते हैं. इसके अलावा बाहरी खाने में ज्यादा साफ-सफाई का भी ध्यान नहीं रखा जाता है, ऐसे में बच्चे बीमार पड़ सकते हैं. घर में बहुत देर का रखा हुआ बासी खाना बच्चों को नहीं खिलाना चाहिए क्योंकि इसमें बैक्टीरिया हो सकते हैं.
विटामिन सी का भरपूर करें सेवन:
डॉ कुमार का कहना है कि बच्चों की इम्युनिटी मजबूत करने के लिए उन्हें विटामिन ‘सी’ से भरपूर चीजें खिलाते रहें. इससे बच्चे मौसमी बीमारियों के प्रकोप से आसानी से बच सकते हैं. जिन बच्चों को सर्दी जुकाम की समस्या हर मौसम में होती है, उन्हें तो विटामिन ‘सी’ का सेवन नियमित रूप से करवाना चाहिए.
बचाव के तरीके:
डॉक्टर कुमार कहते हैं कि साफ-सफाई बचाव का सबसे अच्छा तरीका है.बच्चों को स्तनपान कराने के समय स्वच्छता पर ध्यान देनी चाहिए। बच्चों का डाइपर हमेशा सूखा रहना चाहिए। हमेशा गर्म कपड़ों पर सुलाना चाहिए। बाहरी दूध नही दें। इसके अलावा बच्चों में स्किन सबंधित बीमारी से बचाने के लिए बच्चों के स्वच्छता पर भी ध्यान देना अनिवार्य है।
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