कोरोना काल में नीरज संक्रमण के खिलाफ़ लड़ रहे लड़ाई
प्रमुख स्वास्थ्य केन्द्रों एवं एम्बुलेंस को कर रहे हैं सैनिटाइज
पत्नी भी बैंकिंग सेवा के साथ फैला रही जागरूकता
जिले को कालाजार मुक्त करने की दिशा में मिली सफलता
मधुबनी/19 जुलाई:
वैश्विक महामारी कोरोना से बचाने के लिए स्वास्थ्य कर्मी, डॉक्टर, नर्स, टेक्नीशियन के अलावा समाज के कई अन्य क्षेत्र में कार्य करने वाले लोग अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

ऐसे ही एक योद्धा पिछले 6 माह से कोरोना के इस संकट काल में निरंतर कोरोना योद्धा के रूप में कार्य कर रहे हैं। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण सलाहकार के पद पर सदर अस्पताल में कार्य कर रहे नीरज सिंह कोरोना संक्रमण के साथ वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम को लेकर दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं. संक्रमण के खिलाफ़ इस लड़ाई में उनकी पत्नी दीपिका भी बैंकिंग सेवा प्रदान करते हुए अपने पति की तरह लोगों को कोरोना से बचाव को लेकर जागरूक कर रही हैं. दोनों की कार्य के प्रति समर्पण का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि घर में डेढ़ साल की एक बेटी होने के बाद भी दोनों ने विगत 6 महीनों से एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली है. उनका यह समर्पण उनके कार्य के प्रति सच्ची निष्ठा को ही नहीं दर्शाता बल्कि संकट के इस घड़ी में उनके संक्रमण के प्रति लड़ने के जज्बे को भी प्रदर्शित करता है.
संक्रमण काल में साफ़-सफाई अधिक जरुरी:
नीरज सिंह बताते हैं लोगों की सुरक्षा के लिए कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए वह सदर अस्पताल, एंबुलेंस, हॉटस्पॉट एवं कंटेंटमेंट जोन आदि जगहों की नियमित सेनीटाइजेशन को सुनिश्चित करा रहे हैं. उन्होंने बताया बारिश के मौसम की शुरुआत के बाद कोरोना के साथ अन्य वेक्टर जनित रोगों( मलेरिया, कालाजार एवं डेंगू) का खतरा बढ़ गया है. इसके मद्देनजर जिले के सभी प्रखंडों में बेहतर साफ़-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. जिसके कारण कोरोना काल में डेंगू एवं मलेरिया जैसे अन्य वेक्टर जनित रोग भी नियंत्रण में है.
कालाजार का हुआ उन्मूलन:
नीरज सिंह ने बताया हाल में ही स्वास्थ्य विभाग ने 60 दिनों के लिए कालाजार मरीजों की खोज तथा इससे बचाव के लिए गांव-गांव जाकर छिड़काव कराया गया। कालाजार के क्षेत्र में स्वास्थ्य कर्मियों ने निरंतर कार्य किया, जिससे जिले में कालाजार मरीजों की संख्या अब बिल्कुल नगण्य हो गई है और मधुबनी जिले को भारत सरकार के गाइडलाइन के अनुसार कालाजार मुक्त घोषित किया गया है।
बैंकिग सेवा के साथ पत्नी भी लोगों को कर रही जागरूक:
बैंकिंग सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाली नीरज की पत्नी दीपिका भी कोरोना महामारी की जंग में अपना फर्ज निभा रही है। दीपिका सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया मेन ब्रांच मधुबनी में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं. उनकी एक डेढ़ साल की बेटी भी हैं. लेकिन दोनों ने विगत 6 महीने से एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली है एवं निरंतर लोगों को सेवा देने में जुटे हैं. दीपिका ने बताया अपने डेढ़ साल के छोटे बच्चे को दाई के सहारे छोड़कर बिना ब्रेक लिए प्रत्येक दिन बैंक जाना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा है. लेकिन वह अपने पति से प्रेरित होकर बैंकिंग सेवा देने के साथ बैंक में आने वाले ग्राहकों को भी कोरोना से बचने के उपाय बताती हैं. कभी-कभी बैंक में आने वाले कुछ लोगों को मास्क एवं शारीरिक दूरी जैसे महत्वपूर्ण उपायों के बारे में जानकारी कम होती है. ऐसी दशा में वह लोगों को कोरोना से बचाव की जानकारी देती है. दीपिका कहती हैं, ‘‘कोरोना को हराने की जिम्मेदारी सिर्फ स्वास्थ्य कर्मियों के ऊपर नहीं है. यह एक आपातकाल का समय है. इस समय प्रत्येक व्यक्ति को एक-जुट होकर संक्रमण के खिलाफ़ लडाई लड़नी होगी. घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल एवं लोगों से शारीरिक दूरी अपनाकर प्रत्येक व्यक्ति कोरोना योद्धा की भूमिका निभा सकते हैं’’.
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