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मिथिला डेवलपमेंट बोर्ड की मांग को एमएसयू के सदस्यो के द्वारा फेसबुक लाइव — रिपोर्ट (दरभंगा NEWS 24 LIVE)

मिथिला डेवलपमेंट बोर्ड की मांग को एमएसयू के सदस्यो के द्वारा फेसबुक लाइव —
मिथिला स्टूडेंट यूनियन यूनियन के द्वारा विभिन्न जिलों के विभिन्न प्रखंड में मिथिला डेवलपमेंट बोर्ड की मांग को लेकर होने वाले धरने को राज्य में हुए लॉकडाउन के कारण स्थगित कर दिया गया हैं लेकिन मांग अभी भी यहाँ के युवाओं के द्वारा डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से मांगी जा रही हैं इस बार मिथिला स्टूडेंट यूनियन के सदस्यों ने इसके लिए फेसबुक लाइव को अपना हथियार बनाया है 16 जुलाई से लॉकडाउन होने के कारण सभी कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया था जिसके बाद संगठन के सदस्यों के द्वारा 19 जुलाई रविवार को मिथिला डेवलपमेंट बोर्ड की मांग को लेकर सभी पदाधिकारी को फेसबुक लाइव पर आने का निर्देश दिया जिसमे डेवलपमेंट बोर्ड हैं क्या?और मिथिला को इस बोर्ड की क्या जरूरत हैं? इस बोर्ड की स्थापना से कैसे इस छेत्र का विकाश संभव होगा? इस पर चर्चा करना और लोगों को इस बोर्ड की जानकारी उपलब्ध करवाना इस लाइव का मुख्य उद्देश्य रहा 5k,6k,10k,20k व्यू वाले यह वीडियो साफ बता रहा हैं की लाखों लोगों ने अलग-अलग वाल से लाइव के माध्यम से मिथिला डेवलपमेंट बोर्ड के गठन का सपना एक बार फिर से देखा हैं कहते हैं ना अगर इरादे नेक होतो उसे कोई नहीं रोक सकता यह बात साबित आज एक बार फिर से मिथिला स्टूडेंट यूनियन के युवाओं ने किया हैं इस बाबत एमएसयू के विश्वविद्यालय प्रभारी अमन सक्सेना ने कहा एमएसयू पिछले कई वर्षो से मिथिला डेवलपमेंट बोर्ड की मांग को लेकर संसद भवन से लेकर सड़क तक और सड़क से लेकर जेल तक का सफर तय किया हैं एक लाख करोड़ वाले विशेष पैकेज की मांग को लेकर बड़े-बड़े आंदोलन दरभंगा की धरती से लेकर दिल्ली की धरती तक किया गया हैं लेकिन पटना और दिल्ली में बैठी मिथिला विरोधी सरकार हमारी मांग पर कुछ करने की तो दूर एक शब्द कुछ बोलना भी कभी मुनाजीब नहीं समझा हैं आंदोलन सड़क पर हो या डिजिटल हमने कभी कोई कसर नहीं छोड़ा इन्हे बताने के लिए की हमारी जरूरत मिथिला डेवलपमेंट बोर्ड की है मिथिला के 20 जिलों का विकाश का एक मात्र साधन मिथिला डेवलपमेंट बोर्ड ही हैं आज लाइव पर एमएसयू के कई कार्यकर्ता ने डेवलपमेंट बोर्ड की जानकारी देते हुए बताया राज्य के पिछड़े क्षेत्र के डेवलपमेंट के लिए केंद्र सरकार के द्वारा एक विशेष पैकेज के तहत उस क्षेत्र के उत्थान के लिए डेवलपमेंट बोर्ड का गठन करती हैं महाराष्ट्र,गुजरात,आँध्रप्रदेश,असम के क्षेत्रों के लिए जब इस बोर्ड का गठन किया जा सकता हैं तो देश के सबसे पिछड़ा क्षेत्र मिथिला क्षेत्र के लिए क्यों नहीं किया जा सकता हैं कहते हैं इस मिथिला क्षेत्र को आजादी का नजर लग गया हैं गुलाम भारत का यह सम्पन क्षेत्र आज आज़ाद भारत में भुखमरी कुपोषण पलायन और बेरोजगारी का शिकार हो गयी हैं मुलभुत अधिकार शिक्षा स्वास्थ्य और रोजगार के लिए यह क्षेत्र आज गंगा के उस पार या फिर दूसरे राज्य पर आश्रित हो गया हैं संविधान के धारा 371 (A-J) के तहत इस बोर्ड का गठन किया जाता हैं पिछड़े क्षेत्रों के विकाश के लिए विशेष पैकेज के तहत केंद्र की सरकार उन्हें मदद करती हैं जिसमे राज्य का कोई भी हस्तछेप नहीं होता वैकासिक पिछड़ेपन को दूर करने के लिए इस बोर्ड का गठन किया जाता है आज यह क्षेत्र आर्थिक,शैक्षणिक,स्वास्थ्य,सामाजिक,राजनितिक आदि हर तरह से बिहार के अन्य क्षेत्रों से पीछे हैं और देश के अन्य क्षेत्रों के तुलना में इसका स्तर निम्नतम हैं ऐसे में मिथिला में इस बोर्ड का गठन होना अति आवश्यक और यहाँ के लोगों का अधिकार हैं मिथिला डेवलपमेंट के अंतर्गत एयरपोर्ट,सेंट्रल यूनिवर्सिटी,टेक्सटाइल पार्क,आईटी पार्क,एम्स,आईआईटी,आईआईएम जैसी संस्थान का स्थापना होना प्रत्येक जिला में पॉलिटेक्निक इंजीनियरिंग कॉलेज और मेडिकल कॉलेज की स्थापना करना बंद परे उद्योग धंधा चीनी मिल,जुट मिल,सूत मिल,पेपर मिल,खाद मिल को चालु करना,बाढ़ और सुखार का स्थायी निदान,मछली पालन,मखान उद्योग पान उद्योग को आगे बढ़ाना क़ृषि आधारित उद्योग विकसित करना,टूरिज्म भाषा कल्चर के सम्बहर्न हेतु बजट,महिला सकती उपयोग हेतु जिला स्तर पर व्यापक मैन्युफैक्चरिंग चेन की स्थापना करना,गांधी सेतुः के समानांतर पुल का निर्माण करना आदि मांग हैं यूनियन के सदस्यों ने साफ टुक में कहा जब तक मांग पूरा नहीं हो जाएगा तब तक विभिन्न माध्यम से आंदोलन किया जाएगा जान दे देंगे लेकिन हम अपना हक़ और अधिकार मिथिला डेवलपमेंट बोर्ड लेकर रहेंगे- अमन सक्सेना विश्वविद्यालय प्रभारी
मिथिला स्टूडेंट यूनियन

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