डॉ.कफील खान की रिहाई के माँग को लेकर राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस -आइसा
दरभंगा में कई जगह आइसा नेता व कार्यकर्ता ने दिया धरना।
संविधान व लोकतंत्र पर बढ़ रहे हमले के खिलाफ तेज होगा आंदोलन-संदीप
दरभंगा
1
डॉ.कफील खान को रिहा करने,उनपर दर्ज रासुका को खत्म करने की मांग को लेकर आइसा के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत दरभंगा में विभिन्न जगहों पर नेता कार्यकर्ता ने धरना दिया।
जिसमे मुख्यरूप से आइसा के राज्य सह सचिव संदीप कुमार चौधरी व नवीन कुमार चौधरी ने अपने आवास पर धरना दिया।
आइसा जिला अध्यक्ष प्रिंस राज व मोहम्मद शहाबुद्दीन, मोहम्मद सलामत,मोहम्मद सलाम सहित ने आइसा जिला कार्यालय में।
जिला सचिव विशाल कुमार मांझी व रवि कुमार ने शहवाजपुर पंचायत के मब्बी गांव में शारीरक दूरी का पालन करते हुए धरना दिया।
मौके पर आइसा के राज्य सह सचिव संदीप कुमार चौधरी ने कहा कि मोदी – योगी सरकार के काला कानून व भ्रष्टाचार के खिलाफ जो भी आवाज उठाता है उसे आज जेल में डाल दिया जाता है।उन्होंने कहा कि डॉ कफील ने बिहार के गरीब जनता को विषम प्रस्थिति में सहायता किया है।जब नीतीश – मोदी की सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर था और मुजफ्फरपुर में बच्चे चमकी भुखार की वजह से मर रहे थे तब डॉ कफील ने अपने डॉ होने का फर्ज निभाते हुए मुजफ्फरपुर के गरीब बस्तियों में जाकर कैम्प लगाकर बच्चों का इलाज।जब पटना में बाढ़ की पानी की वजह से लोगो को स्वास्थ्य सेवाएं नही मिल रही थी तब डॉ कफील ने उस गंदी पानी मे उतर कर वहां के लोगो की मदद की और बच्चों दावा पहुचाई।और जब सी ए ए जैसे काला कानून के खिलाफ आंदोलन में सक्रिय सहभागी बने तो झूठे मुकदमे में रासुका लगा कर जेल में डाल दिया गया ये फासीवादी सरकार का संविधान विरोधी लोकतांत्रिक विरोधी करवाई है जिसके देश की युवा पीढ़ी बरदास्त नही करेगी।और डॉ कफील की रिहाई तक आंदोलन तेज करेगी।
वही आइसा जिला अध्यक्ष प्रिंस राज ने कहा कि मोदी-योगी की सरकार विरोध की आवाज को दबाना चाहती है। जब उन्होंने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में सरकार की आपराधिक लापरवाही के कारण 60 से अधिक बच्चों की मौत हुई। जब उन्होंने इस मौत के खिलाफ बोला तो उन पर झूठा मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया। जब 2 साल बाद सरकार ने जांच कमिटि बनाकर जांच करवाकर उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मोदी-योगी सरकार डॉ कफील के पीछे हाथ धोकर पर गई है।
आगे श्री राज ने कहा कि मोदी सरकार लोकतंत्र कर संविधान की गला घोंट रही है। सरकार के गलत नीति का विरोध करने वाले को जेल के सलाखों में दाल देती है। जिसे देश के छात्र बर्दास्त नही करेंगे। उन्होंने डॉ कफील को जल्द से जल्द रिहा करने की मांग की है।
प्रिंस राज-जिला अध्यक्ष, आइसा
Darbhanga News24 – दरभंगा न्यूज24 Online News Portal