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मधुबनी। 17 सूत्री मांग को लेकर स्वास्थ्य संविदा कर्मी रहे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर •कोविड-19 से संबंधित कार्य हुआ प्रभावित रिपोर्ट (दरभंगा NEWS 24 LIVE)

17 सूत्री मांग को लेकर स्वास्थ्य संविदा कर्मी रहे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

•कोविड-19 से संबंधित कार्य हुआ प्रभावित

बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मी संघ के आह्वान पर जिले मैं कार्यरत संविदा कर्मी मंगलवार से अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए संविदा कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण स्वास्थ्य विभाग का कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो गया है खासकर कोरोना संक्रमण से संबंधित डाटा व सैंपल कलेक्शन कार्य, रिपोर्टिंग प्रभावित हुआ है। हड़ताल के कारण जिला स्वास्थ समिति में ताला लटका रहा जिसके कारण जिले में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित किसी भी प्रकार का डाटा को अपडेट नहीं किया गया पूर्व से ही जिले में कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है ऐसे में स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से संकट विकराल रूप धारण कर सकता है।

संघ के द्वारा बताया गया राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत सभी पदाधिकारी एवं कर्मियों की कई वर्षों से अपनी लंबित मांगों के लिए सरकार को लिखित, मौखिक वह अनेक माध्यम से अवगत कराते रहा है परंतु अभी तक इसका निराकरण नहीं किया गया है जिसमें एनएचएम के तहत कार्यरत सभी पदाधिकारी एवं कर्मियों पर हो रहे शोषण के खिलाफ पूर्व में कई प्रमुख मांगों का अब तक निराकरण नहीं होने के कारण संघ के द्वारा कई बार विरोध प्रदर्शन की गई थी।

प्रोत्साहन राशि में बरती जा रही भेदभाव:

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सिर्फ नियमित चिकित्सकों एवं पारा मेडिकल कर्मियों को ही कोविड-19 हेतु प्रोत्साहन राशि दिया जा रहा है जबकि पूरे बिहार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संविदा पर कार्यरत राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधन इकाई एवं चिकित्सीय विद्यालयों को समतुल्य लाभ देने से वंचित रखा गया है।

कोरोना संक्रमण काल में संविदा कर्मी दिन-रात कर रहे कार्य:

जिले के कई स्वास्थ्य प्रबंधकों एवं अन्य कर्मियों के द्वारा रात- दिन कार्य किया जा रहा है सभी नियमित व संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को अवकाश रद्द होने की स्थिति में सभी स्वास्थ संविदा कर्मी भी सभी तरह के अवकाश के दिन भी मुख्यालय में जाकर अपने दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।

संविदा कर्मी 13 जुलाई से कर रहे विरोध प्रदर्शन:

विदित हो कि विगत 13 जुलाई से 19 जुलाई तक अपनी मांगों को लेकर काला बिल्ला लगाकर कर्मी द्वारा कार्य संपादित किया गया काला बिल्ला लगाकर विरोध करने के उपरांत भी सरकार के द्वारा मांगों को पूरा नहीं करने के कारण पूर्व से निर्धारित बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मी संघ बिहार जिला शाखा मधुबनी द्वारा दिनांक 20 जुलाई को सांकेतिक हड़ताल तथा 21 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए जिसकी सूचना वरीय पदाधिकारी को पूर्व में दे दी गई है।

संविदा कर्मी की प्रमुख मांगे:

•राज्य से लेकर स्वास्थ्य उपकेंद्र तक प्रबंधकीय कैडर कर्मियों का 1 माह का समतुल्य प्रोत्साहन राशि दिया जाए।

•राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा पर कार्यरत सभी कर्मी जो राज्य स्तर से स्वास्थ्य उप केंद्र तक कार्यरत हैं को पब्लिक हेल्थ मैनेजमेंट कैडर लागू कर समायोजन करते हुए नियमित किया जाए।

•राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत राज्य स्तर से लेकर स्वास्थ्य उपकेंद्र तक सभी संविदा कर्मी का जिनका वर्ष 2011 से अब तक मानदेय पुनरीक्षण लंबित हैं को शीघ्र पुनरीक्षित किया जाए

•फिटमेंट कमेटी की अनुशंसा को लागू की जाए

•एनएचएम अंतर्गत नियुक्ति में पूर्व से कार्यरत कर्मियों की आयु 15 वर्ष की छूट एवं प्राथमिकता दी जाए।

•एनएचएम अंतर्गत कार्यरत सभी संविदा कर्मियों को 15% प्रति वर्ष की वार्षिक वृद्धि की जाए

•एनएचएम अंतर्गत सभी संविदा कर्मियों को नियमितीकरण प्रक्रिया होने तक एचआर पॉलिसी लागू किया जाए एवं चयनमुक्त जैसी निरंकुश प्रथा को समाप्त किया जाए।

•राज्य स्तर से स्वास्थ्य उपकेंद्र तक संविदा पर कार्यरत पदाधिकारी अथवा कर्मियों को अतिरिक्त प्रभार ना दी जाए यदि दी जाती है तो अतिरिक्त प्रभार पर उनके कार्य उपलब्धि को मानक मानते हुए किसी भी प्रकार की कोई दंडात्मक कार्रवाई पर अंकुश लगाया जाए साथ ही दी गई अतिरिक्त प्रभार हेतु प्रोत्साहन राशि दी जाए।

•एनएचएम अंतर्गत चयनमुक्त सभी संविदा कर्मियों को बिना शर्त वापस लिया जाए।

•एनएचएम अंतर्गत कार्यरत किसी भी कर्मी को अपरिहार्य कारणों से टर्मिनेट नहीं किया जाए राज्य स्वास्थ्य समिति के बायोलॉज की कंडिका 2 पॉइंट 5 (1)के आधार पर सस्पेंशन किया जाए प्रक्रिया या सुनवाई 30 दिन अंदर पूरी की जाए और जब तक सस्पेंशन प्रक्रिया संपन्न नहीं हो जाती तब तक भरण पोषण हेतु आश्रित मानदेय की 50% राशि प्रतिमाह भुगतान की जाए।

•राज्य स्तर से प्रखंड स्तर तक आउटसोर्स प्रथा को बंद किया जाए एवं पूर्व से बहाल सभी आउटसोर्स कर्मियों को एनएचएम में समायोजित की जाए।

•एनएचएम अंतर्गत कार्यरत सभी कर्मियों को आवेदन के आधार पर राज्य के अन्य जिलों में अविलंब स्थानांतरण की जाए।

•एनएचएम कर्मी के सेवाकाल के दौरान आकस्मिक मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को 25 लाख क्षतिपूर्ति रूप में एवं परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए।

•डीपीएमयू के तर्ज पर राज्य एसपीएमयू, आरपीएमयू एवं चिकित्सा महाविद्यालय के कर्मियों एवं बीपीएमयू कर्मी को भी आवासीय भवन उपलब्ध कराया जाए अगर आवासीय भवन उपलब्ध नहीं हो तो उस स्थिति में आवासीय भत्ता प्रदान करने की कृपा की जाए।

•एनएचएम अंतर्गत कार्यरत राज्य से लेकर स्वास्थ्य केंद्र तक के सभी स्तर के कर्मियों को ईपीएफ की सुविधा से आच्छादित किया जाए चाहे उनकी आहरित मानदेय 15000 स्लेव ईपीएफ पर की कटौती की जाए

• आयुष डॉक्टर को जिस तरह मानदेय राज्यांश से किया गया है जिसमें करीब 62% की वृद्धि की गई है उसी तरह सभी एनएचएम अंतर्गत कार्यरत कर्मियों का भी मानदेय राज्ययांश वृद्धि की जाए।

जिला तथा सभी पीएससी के कर्मी रहे हड़ताल पर:

बिहार राज्य संविदा संघ जिला शाखा मधुबनी ने बताया कि सरकार एवं विभाग से 17 सूत्री मांगों को लेकर जिला अंतर्गत संविदा पर कार्यरत जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला लेखा प्रबंधक, जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी,जिला डेटा सहायक, जिला कार्यालय सहायक, जिला लेखा सहायक, अस्पताल प्रबंधक, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एफ.आर. यू. लेखापाल, प्रखंड लेखापाल प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक प्रखंड अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सहायक पर्यवेक्षक कालाजार तकनीकी पर्यवेक्षक, वरीय यक्ष्मा पर्यवेक्षक, प्रयोगशाला पर्यवेक्षक, प्रयोगशाला प्रौद्योगिकी यक्ष्मा पारा मेडिकल फार्मासिस्ट,एएनएम, एएनएम आरबीएसके एवं अन्य कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए।

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