आइसोलेशन सेंटर की साफ-सफाई का रखा जाएगा विशेष ख्याल
– प्रधान सचिव ने आइसोलेशन सेंटर में साफ-सफाई बरतने को कहा
– जिले
में पांच आइसोलेशन सेंटर हैं कार्यरत
मधुबनी। 24 जुलाई
अब आइसोलेशन/क्वारंटीन सेंटरों के साफ-सफाई पर विशेष ख्याल रखा जाएगा। जिससे वहां के स्वास्थ्यकर्मियों के बीच भी संक्रमण रोकने मे सहायता मिलेगी। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव उदय सिंह कुमावत ने सभी जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को पत्र लिखकर यह आइसोलेशन/क्वारंटीन सेंटर की साफ-सफाई को लेकर स्पष्ट निर्देश दिया है। इस पत्र में प्रधान सचिव के माध्यम से कहा गया है कि आइसोलेशन सेंटर में साफ-सफाई का कार्य जिला स्तर पर पूर्व से निर्धारित आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से ही कराया जाय। अगर किसी भी स्थिति में पूर्व की निर्धारित एजेंसी साफ-सफाई नहीं करती है तो बिहार श्रम संसाधन विभाग द्वारा निर्धारित मानदंड या दैनिक परिश्रम के अधार पर कराया जाय। साफ-सफाई के कार्यों एवं सेनेटाइजेशन का पर्यवेक्षण आइसोलेशन सेंटर के प्रभारी के द्वारा होगा तथा इनके द्वारा सत्यापन के आधार पर ही आउटसोर्स कंपनी के कर्मियों का भुगतान होगा।
जिले में पांच आइसोलेशन सेंटर है कार्यरत:
जिले में पांच आइसोलेशन सेंटर स्थापित किया गया है जिसमें एएनएम ट्रेंनिंग स्कूल झंझारपुर में वेडों की संख्या 135 है, एएनएम ट्रेंनिंग स्कूल जयनगर में बेडों की संख्या 135 है, एएनएम ट्रेंनिंग स्कूल बेनीपट्टी में बेडों की संख्या 135, जीएनएम स्कूल रामपट्टी राजनगर(सीसीसी)में बेडो की संख्या 300, जीएनएम स्कूल रामपट्टी, राजनगर (डीसीएचसी) में वेदों की संख्या 10 सहित कुल 715 बेड हैं। वहीं मरीजों की संख्या बढ़ने पर पेड़ों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने कहा कि प्रधान सचिव के द्वारा भेजे गये पत्रों पर अक्षरश: अमल किया जाएगा। हमारी साफ-सफाई पहले से भी बेहतर है उसे और बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
कोविड-19 से बचाव के लिए साफ-सफाई जरूरी: कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए साफ सफाई का विशेष महत्व है। इसलिए अपने आसपास तथा कार्यस्थल का नियमित रूप से सफाई करें ताकि कोरोना के संक्रमण के साथ-साथ अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाव किया जा सके।
निम्न मानकों के साथ होनी है सफाई: प्रत्येक आइसोलेशन सेंटर की सफाई को सुनिश्चित करने के लिए सफाई कर्मी को झाडू, पोछा, वाईपर, बाल्टी, 1 प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराईट, ब्लिचिंग पाउडर, फिनाईल, फ्लोर क्लीनर समुचित मात्रा में उपलब्ध कराया जाएगा। जिसका क्रय बिहार वित्त नियमावली के आधार पर होगा। तत्काल में नेशनल हेल्थ मिशन के मद से इन सामाग्रीयों की खरीद की जाएगी। प्रत्येक जिला द्वारा इस मद में व्यय आकलन कर राशि की मांग स्वास्थ्य विभाग से की जाएगी। आबंटन उपलब्ध हो जाने के बाद एनएचएम में राशि की प्रतिपूर्ति कर दी जाएगी।
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