कोरोना काल मे गर्भावस्था के दौरान हल्दी वाला दूध पीना लाभदायक
औषधीय
गुणों के लिए जानी जाती है हल्दी
रोग प्रतिरोधक क्षमता को मे सहायक है हल्दी वाला दूध
गर्भस्थ शिशु के विकास में सहायक
अन्य संक्रमण तथा सर्दी-जुकाम से लड़ने में करता है मदद
दरभंगा. 5 अगस्त. कोरोना काल में सभी अपने स्वास्थ्य के प्रति बेहद संजीदा हो गए हैं। युवा, बुजुर्ग या महिलाएं सभी को अपने स्वास्थ्य की चिंता सता रही है, लेकिन इस संक्रमण के दौर में भी कुछ ऐसे उपाय हैं जिसको अपना कर हम कोरोना को मात दे सकते हैं। खासकर गर्भवती महिलाओं को संक्रमण के इस समय में अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इस समय हल्दी वाला दूध पीना उनके लिए बहुत लाभदायक साबित हो सकता है। निजी क्लीनिक चला रहे आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ विनय कुमार ने बताया कि कोरोना वायरस सबसे पहले श्वास तंत्र पर हमला करता है। इस दौरान गले में इन्फेक्शन की बहुत ज्यादा संभावना रहती है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को हल्दी युक्त दूध का सेवन जरूर करना चाहिए, ताकि संक्रमण से बच सकें। बताया कि गर्भावस्था वह समय होता है, जब हर महिला स्वस्थ और पौष्टिक आहार लेने के लिए सजग हो जाती है। निस्संदेह गर्भावस्था के दौरान आप जो कुछ भी खाती हैं, वह आपके खुद के स्वास्थ्य और आपके बच्चे के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
हल्दी के औषधीय गुण:
डॉ विनय कुमार ने बताया अपने औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है। हल्दी, पीले रंग का मसाला, एक गर्भवती महिला को कई प्रकार के लाभ प्रदान करता है। हल्दी में कुछ बायो-एक्टिव कम्पाउंड होते हैं, जैसे कर्क्यूमिन जो हल्दी को एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण देते हैं। इसमें मैंगनीज, पोटैशियम और आयरन जैसे आवश्यक मिनरल्स भी भरपूर होते हैं। साथ ही यह विटामिन बी6 और विटामिन सी जैसे विटामिन का बेहतरीन स्रोत है। फाइबर से भरपूर होने के कारण हल्दी एक बेहद उपयोगी औषधीय मसाला भी है। और यह सेहत को अनगिनत फायदे प्रदान करती है जैसे कि पाचन और लिवर की फंक्शनिंग में सुधार, रेगुलर मल त्याग होना, कंजेस्चन में कमी आदि। डॉ कुमार ने बताया कि कच्ची हल्दी का इस्तेमाल नहीं करें।
गर्भस्थ शिशु के विकास में सहायक
डॉ कुमार के अनुसार हल्दी, जब दूध के साथ ली जाती है, तो यह सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है। यह गर्भवती महिला को अतिरिक्त कैल्शियम प्रदान करती है, जो गर्भ में बढ़ते बच्चे के स्केलेटल की बढ़त और विकास के लिए आवश्यक है। गर्भावस्था के दौरान आप हल्दी वाला दूध पी सकती हैं क्योंकि यह आपको कई तरह के लाभों दे सकता है, लेकिन यह बात याद रखें कि आप इसे सीमित मात्रा में पिएं क्योंकि इसका बहुत ज्यादा इस्तेमाल फीटस के स्वास्थ्य पर उल्टा या नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
गर्भावस्था के दौरान हल्दी वाला दूध पीने के फायदे
डॉ कुमार के अनुसार गर्भावस्था में हल्दी वाला दूध लेने पर, हार्मोनल असंतुलन के कारण गर्भवती महिला के शरीर में होने वाले विभिन्न परिवर्तनों, जैसे वॉटर रिटेंशन, और कम इम्युनिटी से निपटने में मदद मिल सकती है। यह गर्भवती महिला को ताकत भी देता है, क्योंकि बढ़ते बच्चे और यूटरस के फैलने के कारण अंदरूनी अंगों पर प्रेशर बढ़ जाता है। इस प्रकार, हल्दी वाला दूध पीने से मतली और बेचैनी कम होकर गर्भावस्था एक आरामदायक अनुभव बन सकती है।
अन्य संक्रमण और सर्दी-जुकाम से लड़ने में मदद करता है
डॉ कुमार के अनुसार हल्दी के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण ठंड और फ्लू से भी राहत दिलाते हैं। हल्दी वाला गर्म दूध पीना गले की खराश और खांसी-जुकाम के लिए एक बेहतरीन घरेलू उपाय है। साथ ही इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है
नींद अच्छी आती है
डॉ कुमार के अनुसार हल्दी डाला हुआ एक गिलास गर्म दूध एक अच्छी नींद दिलाने के लिए जाना जाता है, इससे गर्भवती महिलाओं की बेचैनी कम होती है जो उन्हें एक शांत नींद दिलाती है।
हल्दी में मिलने वाले पोषक तत्वों की अनुमानित मात्रा जाने:
वैल्यू प्रति टेबलस्पून (15 ग्राम)
कैलोरी 42 किलोकैलोरी
कार्बोहाइड्रेट 7.38 ग्राम
प्रोटीन 1 ग्राम
फैट्स 1 ग्राम
फाइबर 3.21 ग्राम
सोडियम 3 मिलीग्राम
कैल्शियम 18.3 मिलीग्राम
आयरन 6.9 मिलीग्राम
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