आईसीएमआर के 20 सदस्य टीम द्वारा जिले में शुरू होगा सीरो सर्वे
– 10
प्रखंड के 10 गांव में होगा सर्वे
– राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने पत्र लिखकर सिविल सर्जन को दी जानकारी
मधुबनी/21 अगस्त
कोरोना संक्रमण के प्रसार के ट्रेंड को समझने एवं इसकी व्यापकता की निगरानी के मद्देनजर राज्य के चयनित जिलों में जनसंख्या आधारित ‘सीरो-सर्वेक्षण’ का द्वितीय चरण की शुरुआत होगी। इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक, मनोज कुमार ने सिविल सर्जन को पत्र लिखकर जानकारी दी है। विदित हो कि जिले में मई माह में भी पूर्व में सीरो सर्वे किया गया था। जारी दिशानिर्देश के अनुसार भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अंतर्गत पटना में स्थित आर.एम.आर.आई.एम.एस संस्था के सदस्य जिले में ‘सीरो-सर्वेक्षण’ करेगा।
सिविल सर्जन सुनील कुमार झा ने बताया आईसीएमआर की टीम में कुल 20 सदस्य हैं। सदस्य जिले के चयनित इलाकों के घर-घर जाकर सैंपल लेंगे। सीरो सर्वे की मदद से यह पता लगाया जाएगा है कि शहर में कोरोना वायरस का संक्रमण कहां तक फैल चुका है और कितने लोगों के अंदर कोरोना वायरस से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो चुकी है या फिर उनके शरीर में एंटीबॉडी बन चुकी है।
जिले के 10 प्रखंड के 10 गांव में होगी सर्वे:
सीरो सर्वे के लिए जिले के 10 प्रखंड के 10 गांव को चयनित किया गया है, जिसमें मधवापुर के लोमा , जयनगर के उसराही देवधा, खुटौना के मझौरा, फुलपरास के महिंदबार, कलुआही के मधईपुर, बिस्फी के बेंगरा, रहिका के दंगर बिट्टी, राजनगर के रघुवीरचक, झंझारपुर के गेधनपुर, मधेपुर के मधेपुर ग्राम है।
10 ग्राम में 400 व्यक्तियों का होना है सीरो सर्वे:
सीरो सर्वे के लिए जिले के 10 ग्राम में 400 व्यक्ति का सर्वे होगा, जिसमें 10 वर्ष से ऊपर वर्ग के लोगों के रक्त के नमूने संग्रहित किया जाना है। प्रत्येक वार्ड गांव से 40 नमूने लिए जाएंगे। टीम 4 दिनों तक सर्वे करेगी। राष्ट्रीय सर्वे में तकनीकी सहयोगात्मक अनुश्रवण डब्ल्यूएचओ के पदाधिकारी एवं फील्ड मॉनिटर द्वारा किया जाएगा। जिले में रक्त के नमूनों को आर.एम.आर.आई पटना में जांच के लिए भेजने की जिम्मेवारी जिला स्वास्थ समिति की होगी।
सीरो सर्वे है क्या
सीरो सर्वे के अनुसार रैंडम के हिसाब से सैंपल लिए जाएंगे। एक परिवार के एक ही व्यक्ति का सैंपल लिया जाएगा। इसके अनुसार पता लगेगा कि कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडीज किस तरह विकसित हो रही हैं और उनके विकसित होने की दर क्या है। ब्लड सैंपल की जांच करके यह पता लगाया जाता है कि जिस व्यक्ति का सैंपल लिया गया है, उसके अंदर हर्ड इम्युनिटी विकसित हुई है या नहीं। सैंपल की जांच के लिए एक विशेष किट का इस्तेमाल किया जा रहा है। यदि कोई व्यक्ति कोरोना की चपेट में आता है, लेकिन उसके अंदर कोई लक्षण नहीं उभरता है, तो ऐसे लोगों के शरीर में 5-7 दिन के अंदर अपने आप एंटीबॉडी बनना शुरू हो जाती हैं, जो वायरस को शरीर में पनपने नहीं देती हैं। सर्वे से इन्हीं एंटीबॉडीज की जांच करके पता लगाया जाएगा कि जिले में किस एरिया में कितने लोगों को कोरोना हुआ, और कितने लोग अपने आप ठीक भी हो गए। जिससे आने वाले समय में स्वास्थ्य विभाग को इसका फायदा मिलेगा।
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