Breaking News

मधुबनी निश्चय पोर्टल से होगी टीवी मरीजों की निगरानी डॉ. आर के सिंह

निश्चय पोर्टल से होगी टीवी मरीजों की निगरानी डॉ. आर के सिंह
गृह भ्रमण के दौरान पहचान कर शीघ्र कराएं बलगम जांच
एएनएम स्कूल के सभागार में हुई बैठक में एसटीएस को दिए निर्देश।

 

मधुबनी जिले को यक्ष्मा मुक्त बनाने के लिए एएनएम स्कूल के सभागार में गुरुवार को एनटीईपी (नेशनल ट्यूबक्यूलोसिस एलिमेशन कार्यक्रम) के अंतर्गत निश्चय औषधि को लेकर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें लैब टेक्निशियन, एसटीएस, एसटीएलएस सम्मिलित हुए । अध्यक्षता संचारी रोग एवं यक्ष्मा नियंत्रण के डॉ. आर. के सिंह ने की।
निश्चय पोर्टल से प्रशासनिक स्तर पर ऑनलाइन निगरानी
डॉ. आर. के सिंह ने कहा कि टीबी पर प्रभावी नियंत्रण और उन्मूलन के लिए सरकार ने एक नई योजना लागू की है। इसका उद्देश्य क्षय रोग से मुक्ति पाना है। नई योजना के तहत सारथी के तौर पर निश्चय पोर्टल बनाया गया है। इसके माध्यम से प्रशासनिक स्तर पर ऑनलाइन निगरानी की जा रही है। पोर्टल के माध्यम से टीबी मरीजों और उनके इलाज से संबंधित सूचनाएं और इलाज से स्वास्थ्य में सुधार की जानकारियां दर्ज हो रही हैं । प्रतिदिन पोर्टल अपडेट किया जा रहा है। इसमें सुझाव और शिकायत को लेकर भी सुविधाएं दी गई हैं ।

मास्टर ट्रेनर के रूप में राज्यस्तरीय चाय प्रोजेक्ट के स्वंग कुमार पांडे ने दवा की मांग, उपलब्धता ऑनलाइन के माध्यम से ही करने के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान
जिला में टीबी मरीजों के खोजबीन के साथ ही उन्हें समय पर दवा उपलब्ध कराने को कहा गया।

टीवी मरीजों की पहचान होते ही गृह भ्रमण करें
सीडीओ डॉ आर. के. सिंह ने कहा कि यक्ष्मा रोग एक जटिल रोग है। इसे जल्द से जल्द पहचान कर
इलाज शुरु किया जाना चाहिए, ताकि दूसरों व्यक्तियों में यह संक्रमित बीमारी न पहुंचे। वहीं बैठक के दौरान सभी एसटीएस को यह भी निर्देश दिया कि यक्ष्मा रोग की पहचान होते ही एसटीएस उसके घर का भ्रमण जरूर करें। गृह भ्रमण के दौरान छह वर्ष तक की उम्र के बच्चों को जेएनएच की गोली देना सुनिश्चित करें। वहीं अगर गृह भ्रमण के दौरान उनके घर के किसी व्यक्ति में भी टीबी के लक्षण पाए जाते हैं तो शीघ्र ही उनके बलगम जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय।

एमडीआर-टीबी हो सकता है गंभीर, रहें सतर्क
एमडीआर-टीबी होने पर सामान्य टीबी की कई दवाएं एक साथ प्रतिरोधी हो जाती हैं । टीबी की दवाओं का सही से कोर्स नहीं करने एवं बिना चिकित्सक की सलाह पर टीबी की दवाएं खाने से ही सामान्यता एमडीआर-टीबी होने की संभावना बढ़ जाती है।

निक्षय पोषण योजना के तहत मिलते हैं 500 रुपये
टीबी के मरीजों को उचित खुराक उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से निक्षय पोषण योजना चलायी गयी है। जिसमें टीबी के मरीजों को उचित पोषण के लिए 500 रुपये प्रत्येक महीने दिए जाते हैं। यह राशि उनके खाते में सीधे पहुंचती है। सरकार की मंशा है कि टीबी के मरीजों में 2025 तक 90 प्रतिशत की कमी लायी जा सके।
ये भी शामिल हुए –
मौके पर जीत प्रोजेक्ट के ऑपरेशन मैनेजर संजय चौहान, ऑपरेशन लीड आकाश कुमार, फील्ड ऑफिसर तन्मय सिन्हा तथा लैब टेक्निशियन, एसटीएस, एसटीएलएस भी मौजूद रहे.

Check Also

दरभंगा • डी एम सी एच में इलाज़रत पीड़ित से मिला माले नेताओं की टीम 

🔊 Listen to this   • डोमू राम के हमलावरो को गिरफ्तार करें पुलिस – …