• ज्ञान भारतम मिशन के तहत सल्फिया यूनानी मेडिकल कॉलेज में 100 वर्ष पुरानी दुर्लभ पाण्डुलिपियों का सर्वेक्षण, पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान का हुआ अनावरण

दरभंगा जिला पदाधिकारी कौशल कुमार के निर्देशानुसार संचालित ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत दुमदुमा मोहल्ला स्थित सल्फिया यूनानी मेडिकल कॉलेज एन्ड हॉस्पिटल में पाण्डुलिपियों का सर्वेक्षण किया गया।
इस अवसर पर जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी चंदन कुमार ने संस्थान पहुँचकर पुस्तकालय में संरक्षित दुर्लभ पाण्डुलिपियों का अवलोकन किया।
कॉलेज के पुस्तकालयाध्यक्ष श्री अब्दुल करीम द्वारा संस्थान के संरक्षण में उपलब्ध 100 वर्ष से अधिक पुरानी पाण्डुलिपियों का विस्तृत प्रदर्शन किया गया। ये पाण्डुलिपियां उर्दू, अरबी एवं फारसी भाषाओं में लिखी हुई हैं, जो प्राचीन ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। इनमें ‘मंतिक’ एवं ‘सैदला’ नामक हस्तलिखित पुस्तकें विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।
‘सैदला’ नामक पुस्तक में यूनानी पद्धति से विभिन्न औषधियों के निर्माण की विस्तृत विधियां वर्णित हैं, जो पारंपरिक चिकित्सा विज्ञान के अध्ययन में अत्यंत उपयोगी हैं।
सर्वेक्षण के दौरान ज्ञान भारतम पोर्टल पर पाण्डुलिपियों से संबंधित आवश्यक प्रविष्टियों को अद्यतन किया गया, जिसमें संस्थान के आईटी प्रबंधक श्री आतिफ फरीदी द्वारा महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया।
निरीक्षण के क्रम में कॉलेज के PSM शाखा द्वारा यूनानी चिकित्सा पद्धति के माध्यम से विभिन्न रोगों के उपचार, रोग-निवारण तथा औसत आयु वृद्धि के उपायों की जानकारी भी साझा की गई। साथ ही संस्थान के पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं एवं छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियों का भी अवलोकन किया गया।
इस अवसर पर जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी ने कहा कि इस प्रकार के सर्वेक्षण से न केवल प्राचीन पाण्डुलिपियों का संरक्षण संभव हो रहा है, बल्कि दरभंगा जिले की समृद्ध ज्ञान परंपरा को भी पुनर्जीवित करने का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न संस्थानों में संरक्षित दशकों पुराने ज्ञान के भंडार को आमजन तक पहुंचाने का यह एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
• उल्लेखनीय है कि इस पहल से यह स्पष्ट हो रहा है कि दरभंगा जिला प्राचीन काल से ही ज्ञान, चिकित्सा एवं सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।
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