सर्दी में बुजुर्गों का रखें विशेष ख्याल
इस मौसम में डायबिटिक व ब्लडप्रेशर के मरीज़ों की बढ़ सकती परेशानी
शारीरिक समस्या होने पर निकट के सरकारी अस्पताल में करें सम्पर्क
60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग कोलेस्ट्रॉल टेस्ट (लिपिड प्रोफाइल) जरूर कराएं- डॉ विनय

दरभंगा,9 नवम्बर। ठंड के मौसम में सर्दी, खांसी या बुखार की सम्भावना बढ़ जाती है। लिहाजा स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत है। इस दरम्यान हमें अपने घर के बड़े—बुजुर्ग की सेहत का भी खास ख्याल रखना चाहिए। हालांकि, सर्दी के मौसम में ठंड लगना कोई बीमारी नहीं होती है, लेकिन यह एक एक लक्षण है जो किसी अन्य बीमारी का कारण बन सकता है। दूसरी तरफ कोरोना के कारण और भी सतर्कता आवश्यक है। इस दौरान घर के बड़े बुजुर्गों पर विशेष स्वास्थ्य संबंधी निगरानी ज़रूरी है। इस परिस्थिति में किसी प्रकार की चिकित्सा सुविधा के लिए निकट के सरकारी अस्पताल में सम्पर्क कर सकते हैं।
बढ़ती उम्र में शारीरिक क्षमता हो जाती कम-
उम्र के ज्यादा हो जाने के कारण बीमारी से लड़ने की शारीरिक क्षमता कम हो जाती है। बुजुर्ग लोगों के हाथ-पैर भी कम ही काम कर पाते हैं । इसी वजह से उनके शरीर में कम गर्मी पैदा होती है। आज घर के बड़े—बुजुर्गो की इस सर्दी के मौसम में ख्याल रखने वाली कुछ जरूरी बातों की जानकारी ज़रूरी है। जिनका पालन कर हम अपने घर के बुजुर्गो को अच्छे से ध्यान रख सकोंगे। बुजुर्गों को ठंड में होने वाली सबसे सामान्य समस्या है, सांस की परेशानी । अगर यह समस्या पुरानी है तो ऑक्सीजन के अन्य विकल्प हमेशा तैयार रखना चाहिए। उनके कमरे को पूरी तरह बंद ना करें और उनके शयन कक्ष में कभी भी आग या धुएं का इस्तेमाल ना करें ।
सर्द मौसम में बढ़ सकती परेशानी
चिकित्सक डॉ विनय कुमार ने कहा कि सर्दी के मौसम में बुजुर्गों में डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी परेशानी सामान्य नहीं होतीं बल्कि ये परेशानियां कुछ और बढ़ जाती हैं। खून हमारे अंदर जीवन होने का एक प्रतीक है। इसे लेकर भी बुजुर्गों की परेशानी बढ़ जाती है। ठंड बढ़ने से कई बार खून थोड़ा गाढ़ा हो जाता है, जिससे नाड़ी में सिकुड़न बढ़ जाती है। डॉ कुमार ने बताया कि इस मौसम में बुजुर्गों में हार्ट की बीमारी बढ़ने की आशंका होती है। दरअसल, मौसम बदलते ही हमारी जीवनशैली भी बदलने लगती है। लोग मांस, मछली के साथ घी ज्यादा खाते हैं और प्यास कम लगने की वजह से पानी कम पीते। धुंध होने की वजह से प्रदूषण के कण नीचे आ जाते हैं, जो हार्ट तक पहुंचते हैं। इससे हार्ट की बीमारी की आशंका बनी रहती है। नसों के सिकुड़न का खतरा ठंड की वजह से बढ़ जाता है। जब नसें सिकुड़ जाती हैं, तब शरीर में खून के संचार के लिए हार्ट को ज्यादा पंप करना पड़ता है। हार्ट का काम बढ़ जाने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है और फिर हार्ट अटैक का खतरा भी ज्यादा हो जाता।
सर्दी के मौसम में बुजुर्गों को कोई भी बीमारी होने की सम्भावना अधिक रहती है। दरअसल, इस मौसम में बुजुर्गों के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। फिर मौसम परिवर्तन का असर भी इन पर तुरंत होता है। बुजुर्गों में ठंड के मौसम में बैक्टीरिया और वायरस संबंधी बीमारी की आशंका काफी बढ़ जाती है। सर्दी, खांसी, बुखार, बदन दर्द जैसी परेशानियां बढ़ जाती है। इसके अलावा ठंड की वजह से बुजुर्गों की आंखें शुष्क हो जाती हैं और फिर वे चिपकने लगती ।
क्या करें, क्या न करें
डॉ विनय ने बताया कि अस्थमा, डायबिटीज, हाई बीपी, दिल की बीमारी की परेशानी से जूझ रहे बुजुर्गों को इस मौसम में गुनगुना पानी पीना चाहिए। ताकि सर्दी, जुकाम और खांसी की समस्या दूर रहे। गर्म पानी में नमक डालकर गरारे करना काफी फायदेमंद होता है।
ठंड के मौसम की शुरुआत से पहले डायबिटीज के मरीज और 60 साल से ज्यादा की उम्र के बुजुर्ग कोलेस्ट्रॉल टेस्ट (लिपिड प्रोफाइल) जरूर कराएं, क्योंकि इस मौसम में शरीर को गर्मी देने के लिए नसें सिकुड़ने लगती और खून गाढ़ा हो जाता है।
इससे खून के संचार में परेशानी आती है और फिर पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाने के कारण दिल का काम आम दिनों के मुकाबले बढ़ जाता है।
कोरोना संक्रमण को ले रहें सतर्क-
¬ -हमेशा मास्क का करें इस्तेमाल
-एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
– सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें।
– अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
– आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
– छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।
-बाहर निकलने से करें परहेज़
-सुबह घर की छत या लॉन में टहलना उचित
-ज़रूरत पड़ने पर अस्पताल जाने पर में बरतें विशेष सावधानी।
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