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Darbhanga 6 से 8 वीं वर्ग के छात्र स्वेच्छा से जा सकेंगे स्कूल -माता-पिता की लिखित सहमति ज़रूरी –

6 से 8 वीं वर्ग के छात्र स्वेच्छा से जा सकेंगे स्कूल

-माता-पिता की लिखित सहमति ज़रूरी
-कोरोना

Edit By _ ajit kumar Singh

संक्रमण के कारण एक वर्ष बाद खुले स्कूल
-छात्र को अनिवार्य रूप से मास्क पहनकर जाना होगा स्कूल
-स्कूल में शारीरिक दूरी व साफ सफाई का रखना होगा ध्यान

 

 

दरभंगा कोरोना संक्रमण के मद्देनजर विगत कई महीनों से बंद पड़े स्कूल व शिक्षण संस्थान को अब स्वास्थ्य विभाग के निर्देश से खोलने की इजाजत दे गई है| गाइडलाइन के अनुसार छात्रों को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। संक्रमण को देखते हुए गाइडलाइन के अनुसार प्रबंधक को स्कूल संचालन करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके तहत स्वेच्छा से छात्र स्कूल में आ सकते हैं। इसके लिए माता-पिता की लिखित सहमति लानी होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस संबंध में एसओपी यानि स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी किया| अनलॉक- 4 में दी गई अनुमति के मुताबिक शिक्षण संस्थानों में 50% तक शिक्षण और गैर शिक्षण कर्मचारियों को ऑनलाइन कक्षा/ टेली काउंसलिंग और संबंधित कार्यों की अनुमति दी गयी है। साथ ही स्कूल में भी छात्रों को शारीरिक दूरी का पालन करना होगा एवं निश्चित तौर पर चेहरे पर मास्क लगाने को जरूरी बताया गया है।

करीब एक वर्ष बाद खुले स्कूल:
विदित हो कि 1 वर्ष से अधिक समय से बंद स्कूल अब चरणवार तरीके से खुलने जा रहे हैं। इसके लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है| अभी स्कूल पूरी तरह नहीं खुल सकते, केवल आंशिक (पार्शियल)तौर पर खोलना ( रीओपनिंग) होगा| जिसके लिए भी स्कूलों को हेल्थ मिनिस्ट्री द्वारा जारी एसओपी का पालन करना होगा| अभी स्कूल केवल हायर क्लास के स्टूडेंट्स यानि 6वीं वी से 8 वीं के लिए खोले गए। ताकि उनकी पढ़ाई का नुकसान और ज्यादा न हो.| हालांकि, यह स्वैच्छिक होगा यानी छात्रों के ऊपर होगा कि वह स्कूल जाना चाहते हैं या नहीं|. इस दौरान छात्रों के बीच कम से कम 6 फीट की दूरी रखनी होगी.| फेस कवर/मास्क भी जरूरी होंगे.| कंटेनमेंट जोन में स्थित स्कूलों को खोलने की इजाजत नहीं होगी.| स्कूल असेंबली, स्पोर्ट्स व अन्य इवेंट में भीड़भाड़ पर सख्ती से रोक होगी.| स्कूल को किसी भी आपात स्थिति में संपर्क करने के लिए शिक्षकों/छात्रों/कर्मचारियों को राज्य के हेल्पलाइन नंबर और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के नंबर आदि भी बोर्ड पर डिस्प्ले करने होंगे.|

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की गाइडलाइंन

स्कूलों को 6वीं से 8वीं तक के छात्रों को स्वेच्छा से आने की मंजूरी देनी होगी, यानि यह छात्रों के लिए अनिवार्य नहीं होगा.
सभी स्टूडेंट्स को जहां तक हो सकेगा शारीरिक दूरी का ख्याल रखते हुए आपस में 6 फीट फिट की दूरी बनाकर रखनी है.
स्कूल में फेस कवर या मास्क का प्रयोग अनिवार्य (मेनडेटरी) है, यानि लगाना ही लगाना है.
हाथ गंदे न भी लगें तब भी समय -समय पर 40 से 60 सेकेंड तक साबुन से धोने हैं। इसी प्रकार एल्कोहल बेस्ड हैंड सैनिटाइजर का भी जहां तक संभव हो प्रयोग करना है और कम से कम 20 सेकेंड तक इससे हाथ साफ करने हैं.
रेस्पिरेट्री एटिकेट्स को कड़ाई से फॉलो करना है. यानि छींकते या खांसते वक्त मुंह पर कपड़ा या रुमाल या टिश्यू रखना है और टिश्यू को सही स्थान पर फेंकना है.
हेल्थ की सेल्फ मॉनिटरिंग मॉनीटरिंग करनी है और जरा भी तबियत खराब लगे तो जल्द से जल्द बताना है.
शिक्षकों, कर्मचारियों को फेस मास्क, हैंड सैनिटाइजर, उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी स्कूल मैनेजमेंट को होगी.ढका हुआ डस्टबिन होना चाहिए और कूड़े के निस्तारण की उचित व्यवस्था होनी चाहिए.
कहीं भी थूकना सख्त मना है.
आरोग्य सेतु सेतू को इंस्टॉल करने और प्रयोग करने की सलाह दी जाएगी.
छात्र अपने लॉकर का इस्तेमाल कर सकते हैं। फिजिकल डिस्टेंसिंग और डिसइन्फेक्शन का ध्यान रखना होगा.
साफ-सफाई करने वाले कर्मचारी को थर्मल गन, डिस्पोजल पेपर टॉवेल, साबुन, 1% सोडियम हाइपोक्लोराइट सॉल्युशन देना होगा.
सफाईकर्मी को काम पर लगाने से पहले सही तरह से प्रशिक्षित करना होगा.

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