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आयुष्मान कार्ड बनाने में बिहार में मधुबनी तीसरे स्थान पर -17 फरवरी से 25 मार्च तक 40,000 से अधिक लोगों का बना कार्ड

आयुष्मान कार्ड बनाने में बिहार में मधुबनी तीसरे स्थान पर
-17 फरवरी से 25 मार्च तक 40,000 से अधिक लोगों का बना कार्ड
-पंचायतों में कैंप लगाकर बनाया जा रहा कार्ड
-3 मार्च तक सघन अभियान चलाकर पात्र लाभुकों का बनाया जा रहा गोल्डेन कार्ड

 

Edit”By- ajit kumar singh

मधुबनी जिले के 17 फरवरी से 3 मार्च तक आयुष्मान पखवारा का आयोजन किया जा रहा है। पखवारा में विशेष अभियान के तहत पंचायतों में शिविर लगाकर पात्र लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा है| आयुष्मान भारत के जिला कार्यक्रम समन्वयक कुमार प्रियरंजन ने बताया 25 फरवरी तक जिले में 40174 पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाया गया है। आयुष्मान कार्ड बनाने में बिहार में मधुबनी की रैंकिंग तीसरी है। विदित हो आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए जिले के 325 कार्यपालक सहायक को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत गोल्डन कार्ड बनाये जाने के संबंधित जिलास्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया गया है। पंचायतों में कार्यपालक सहायक से शिविर लगाकर पंचायत स्तर पर लाभार्थी का गोल्डन कार्ड बना रहे हैं। वहीं जागरूकता रथ से पंचायतों में प्रचार प्रसार कर लोगों को गोल्डन कार्ड बनाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। सिविल सर्जन डॉ. सुनील कुमार झा ने बताया केंद्र सरकार की यह महत्वकांक्षी योजना है। जिसे शत-प्रतिशत सफल बनाने में सभी की सहभागिता अनिवार्य है। खासकर पंचायती राज के प्रतिनिधियों की अहम भूमिका है। प्रस्तावित पखवारा में अधिक से अधिक गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया। पात्र लाभार्थी को इस योजना के तहत 5 लाख प्रति वर्ष मुफ्त इलाज के लिए सरकार द्वारा सूचीबद्ध अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाता है।

योजना के तहत 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा:
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का क्रियान्वयन पत्र लाभार्थियों को वर्ष में 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा प्रदान करने के लिए किया जाता है। योजना के सम्पूर्ण क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है कि सभी पात्र लाभार्थियों को योजना से सम्बंधित गोल्डन कार्ड बना कर उपलब्ध करायी जाये। जिले में निर्गत गोल्डन कार्ड का प्रतिशत कम है। अतः पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान पखवाड़ा के तहत 3 मार्च तक आयोजित विशेष शिविर में गोल्डन कार्ड उपलब्ध कराया जायेगा।

क्या है आयुष्मान भारत योजना:
आयुष्मान भारत के जिला कार्यक्रम समन्वयक कुमार प्रियरंजन ने बताया आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से केंद्र सरकार गरीब, उपेक्षित परिवार और शहरी गरीब लोगों के परिवारों को स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराना चाहती है।आयुष्मान भारत योजना को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भी कहा जाता है। यह योजना देश के गरीब लोगों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा देना है|

किसे मिलता है योजना का लाभ:
जिला कार्यक्रम समन्वयक कुमार प्रियरंजन ने बताया, 2011 में सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना हुई थी जिसमें पात्रता के आधार पर लाभार्थी की सूची भारत सरकार के द्वारा ही तैयार की गयी है। सुरक्षा योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है।आयुष्मान भारत योजना के जो लोग लाभार्थी हैं वह सीएससी सेंटर पर जाकर कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। कार्ड की पात्रता के लिए नए परिवार का नाम नहीं जुड़ सकता है, परंतु जो परिवार का नाम सूची में है और उनके यहां उनके परिवार के नए सदस्य का नाम जोड़ा जा सकता है-जैसे शादी होने के बाद पत्नी, बच्चे का नाम जोड़ा जा सकता है।

जिले में 5 अस्पताल हैं सूचीबद्ध:
आयुष्मान भारत के जिला कार्यक्रम समन्वयक कुमार प्रियरंजन ने बताया जिले में योजना अन्तर्गत जिले के सभी सरकारी अस्पताल सूचीबद्ध हैं एवं निजी अस्पतालों में मधुबनी मेडिकल कॉलेज, क्रिप्स हॉस्पिटल, आस्था सर्जिकल, मां उग्रतारा नेत्रालय एवं हरसन हॉस्पिटल सूचीबद्ध हैं । राज्य स्तरीय समीक्षा में निर्देश दिया गया है कि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लाभार्थियों को मुफ्त इलाज मुहैया करवाया जाय।

गोल्डेन कार्ड बनवाने के लिए लाभुकों को चाहिए ये कागजात :
जिला आईटी मैनेजर प्रभाकर रंजन ने बताया कि गोल्डेन कार्ड बनाने के लिए बीपीएल राशन कार्ड एवं प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना का पत्र जरूरी है। इसके बिना गोल्डन कार्ड यानी आयुष्मान भारत कार्ड नहीं बन सकता है। बीपीएल कार्ड धारक प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना का पत्र ब्लॉक में कार्यरत आशा कार्यकर्ता से आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

केंद्रीय सशस्त्र बल को भी मिलेगा आयुष्मान योजना का लाभ

देश में जो केंद्रीय सशस्त्र बल हैं उनका तथा उनके परिवार के सदस्यों का आयुष्मान योजना के तहत लाभ देने के लिए शामिल किया गया है जिसके लिए सभी अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी तथा प्राइवेट अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत अस्पताल को योजना का लाभ देने के लिए कहा गया है। एसएसबी जयनगर और राजनगर को वर्चुअल माध्यम से भी योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है।

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