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दरभंगा डीएमसीएच में तंबाकू इस्तेमाल करने वाले का कटा चलान ,10 लोगों पर जुर्माना दरभंगा NEWS 24 LIVE – ajit kumar singh

डीएमसीएच में तंबाकू इस्तेमाल करने वाले का कटा चलान ,10 लोगों पर जुर्माना

उल्लंघनकर्ताओ के खिलाफ़ जिला प्रशासन एवं पुलिस चलाएगा सघन अभियान
सार्वजनिक स्थानों और सरकारी दफ्तरों में तम्बाकू सेवन करने वालों को किया जाएगा दण्डित
दरभंगा को तम्बाकू मुक्त जिला बनाने का किया संकल्प
वर्ष 2016 में जिला ध्रूमपान मुक्त हो चुका है घोषित

 

 

दरभंगा जिले में कोरोना महामारी और गंभीर रोगों से बचाव के लिए सदर अस्पताल के पास गुटखा, तंबाकू बेचने व खाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी डॉ एस के मिश्रा एवं सोशियो इकानॉमिक एण्ड एडुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी ( सीड्स ) के कार्यक्रम पदाधिकारी मनोज कुमार झा के द्वारा डी एम सी एच दरभंगा अस्पताल परिसर में तम्बाकू एवं तम्बाकू उत्पादों का सेवन करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का अभियान चलाया गया । जिसमें तम्बाकू नियंत्रण कोषांग के इन्द्रजीत कुमार, साइकोलॉजिस्ट कंचन सोनी एवं बासुकीनाथ झा ,डॉ उमेश कुमार, रिंकी कुमारी ए एन एम ,रश्मि कुमारी अन्य भी शामिल थे। कुल 10 लोगों को अस्पताल परिसर में तम्बाकू सेवन करके यत्र-तत्र थूकने के कारण दण्डित किया गया और जुर्माना वसूला गया है । ज्ञात हो कि दरभंगा जिला प्रशासन ने इससे सम्बंधित आदेश 19/06/2020 को ही जारी कर दिया था। अभी कोरोना वायरस का समय चल रहा है। जहां –तहां थूकने से करोना वायरस फैलने की संभावना रहती है । तम्बाकू सेवन करने वाले लोगों के विरुद्ध छापामारी अभियान में जुर्माना वसूला जा रहा और उन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दुबारा देखे जाएंगे तो आप को 6 महीना तक की जेल भी हो सकती है। दरभंगा जिला को जिला प्रशासन के द्वारा 20/01/2016 को ध्रूमपान मुक्त जिला घोषित किया जा चुका है। अब तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिला को तम्बाकू मुक्त जिला बनाने के लिए जिला के सभी विभागों को अपने-अपने स्तर से पूरा प्रयास करने का जरूरत है।
तंबाकू सेवन से मुंह का कैंसर की संभावना रहती है :
एनसीडीओ डॉ. एस. के. मिश्रा ने बताया तंबाकू का किसी भी तरह से सेवन कैंसर का कारक बन रहा है। इसमें भी पान मसाले के साथ तंबाकू मिलाकर सेवन करना, खैनी खाने से मुंह के कैंसर के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। यह युवाओं में भी देखने को मिल रहा है। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत सरकार द्वारा प्रकाशित गैट्स 2 के सर्वे में बिहार में तम्बाकू सेवन करने वालों में कमी आने की बात है, यह आंकड़ा पिछले 7-8 साल में 53.5% से घट कर 25.9% हो गया है। जिसमें चबाने वाले तम्बाकू सेवन करने वालों का प्रतिशत 23.5% है।
यत्र तत्र थूकने से कोरोना संक्रमण का खतरा अधिक :
एनसीडीओ डॉ. एस के मिश्रा ने बताया तंबाकू का सेवन जन स्वास्थ्य के लिए बहुत हीं हानिकारक है।थूकना संक्रमण रोग के फैलने का एक प्रमुख कारण है। तंबाकू सेवन करने वाले की प्रवृति यत्र-तत्र थूकने की होती है। थूकने के कारण कई गंभीर बीमारी यथा कोरोना, इंसेफलाइटिस, यक्ष्मा, स्वाइन फ्लू आदि का संक्रमण फैलने की संभावना रहती है। भा.द.वि. (आईपीसी) की धारा 268 एवं 269 के तहत कोई भी व्यक्ति यदि महामारी के अवसर पर उपेक्षापूर्ण अथवा विधि विरुद्ध कार्य करेगा जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रमण हो सकता है तो उसे छह माह की कारावास एवं अथवा 200 रुपये जुर्माना किया जा सकता है।

तंबाकू चबाने वाले भी कोरोना वायरस से रहें सतर्क :
एनसीडीओ डॉ. एस के मिश्रा के मुताबिक तंबाकू चबाने वालों को गंभीर रोग जैसे- कैंसर, फेफड़े की गंभीर बीमारी और मधुमेह से ग्रसित होने की संभावना सबसे अधिक रहती है। ऐसे में कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद तंबाकू चबाने वालों में गंभीर श्वसन संक्रमण रोग होने की संभावना रहती है।

फेफड़ों को प्रभावित करता है धूम्रपान:
धूम्रपान फेफड़ों को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इससे प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता कमजोर हो जाती है। धूम्रपान, ई-सिगरेट, धुआं रहित तंबाकू, पान मसाला और इस तरह के उत्पादों का उपयोग फेफड़ों के संक्रमण के जोखिम और गंभीरता को बढ़ा देते हैं।
जिले को तम्बाकू मुक्त जिला बनाने की मुहिम शुरू करनी-
सीड्स के राज्य समन्वक मनोज झा ने बताया कि पिछले सालों में राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार सरकार के द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम (कोटपा 2003) के अनुपालन का एक स्वतंत्रत एजेंसी से सर्वेक्षण करवाया जाता रहा है। उक्त अनुपालन सर्वेक्षण में धूम्रपान मुक्त के तय मानकों के आधार पर दरभंगा जिला को धूम्रपान मुक्त जिला घोषित किया जा चुका है। ज़िला वासियों से अपील करते हुए कहा कि हमलोगों को अपने जिले को तम्बाकू मुक्त जिला बनाने की मुहिम शुरू करनी है, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियों को तम्बाकू के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 में भारतीय संसद द्वारा पारित कोटपा अधिनियम के सफल क्रियान्वयन के कारण देश में तंबाकू नियंत्रण पर काफी हद तक सफलता प्राप्त किया गया है। धूम्रपान करना एक खतरनाक आदत है जहां छोटे-छोटे बच्चे हैं वहां तो स्थिति और भी अधिक नाजुक बन जाती है। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को अभियान के रूप में चलाए जाने के काफी अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं। केंद्र सरकार, राज्य सरकार, सरकार के सभी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संस्थानों एवं मीडिया जगत का इस अभियान को चलाने में काफी सहयोग मिला है। अब सार्वजनिक स्थलों यथा सिनेमा हॉल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सार्वजनिक सड़क, शिक्षण संस्थानों, कार्यालयों सहित अन्य स्थानों पर धूम्रपान करना एक दंडनीय अपराध है।

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