यौन शोषण और बलात्कार के शिकार बच्चों और उनके परिवारों को समय पर न्याय, स्वास्थ्य ,सहायता और पुनर्वास सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए अभियान की शुरुआत

सीतामढ़ी:- बचपन बचाओ आंदोलन के द्वारा बाल शोषण मुक्त गांव बनाने के पांच दिवसीय जन जागरूकता अभियान के पांचवें दिन परिहार प्रखंड के चांदपुरा गांव में स्वयं सहायता समूह ,आंगनवाड़ी सेविका के साथ बैठक कर गांव में बच्चों की सुरक्षा के लिए बाल शोषण से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी देकर संकल्प लिया गया की किसी भी बच्चे के साथ शोषण होता है तो उसकी तुरंत शिकायत कर उन बच्चों की आवाज बनेंगे । इस संबंध में बचपन बचाओ आंदोलन के मुकुंद कुमार चौधरी ने कहा कि बाल शोषण मुक्त गांव के लिए पांच दिवसीय जन – जागरूकता अभियान के तहत गांव में परिवर्तन लाने के लिए अभियान चलाया गया जिसमें गांव के छात्र-छात्रा भारी संख्या में बाल शोषण मुक्त गांव की परिकल्पना को साकार करने के लिए आगे आए है निश्चित रूप से जल्द ही परिवर्तन का परिणाम हम सबों के समक्ष होगा। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा की आज जरूरत है बाल शोषण होने पर अपनी चुप्पी तोड़ने की बचपन बचाओ आंदोलन के संस्थापक नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित श्री कैलाश सत्यार्थी जी के निर्देशन में कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन आज से जस्टिस फॉर एवरी चाइल्ड अभियान की शुरुआत की है जो यौन शोषण और बलात्कार के शिकार बच्चों और उनके परिवारों को समय पर न्याय ,स्वास्थ्य, सहायता और पुनर्वास सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए अभियान की शुरुआत की गई है यह अभियान एक वर्ष तक चलेगा बिहार सहित देश के उन 100 जिलों में चलाया जाएगा जो बाल उत्पीड़न और बच्चों के बलात्कार के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील है , हमारी संस्कृति में “मैं “पर जोर नहीं है, “हम ” को प्रमुखता है। इस लिए हम सभी को बाल यौन शोषण और बलात्कार के खिलाफ एक जुट होकर आगे आना होगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर बच्चे को न्याय और उसका प्राकृतिक अधिकार मिले, जिससे वह एक खुशहाल और उन्मुक्त बचपन का आनंद उठा सके.”।
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