सी एम कॉलेज,दरभंगा में आजादी के 75 वर्ष के उपलक्ष्य में ‘अमृत महोत्सव’ कार्यक्रम आयोजित।
एनएसएस द्वारा “स्वतंत्रता संग्राम एवं आज का भारत” विषयक भाषण एवं पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित
खून से लिखी आजादी वाले भारत को हम पसीनों से खुशहाल बनायें- प्रो विश्वनाथ
सफल प्रतियोगियों को प्रमाण पत्र एवं स्मृतिचिह्न प्रदान कर की गयी हौसला अफजाई
युवाओं द्वारा समाज में आजादी से लगाव एवं राष्ट्रप्रेम की भावना जगाना अमृत महोत्सव का मूल उद्देश्य- डा चौरसिया

भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पूरे देश में अमृत महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है,जिसका आगाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मार्च को महात्मा गांधी के नियम कानून के खिलाफ दांडी मार्च के दिन किया है। सी एम कॉलेज में अमृत महोत्सव की आज की शुरुआत भी ऐतिहासिक दिन में हुआ है, क्योंकि 3 अप्रैल को भारत के फील्ड मार्शल मानिक शाह का जन्मदिवस है। वर्तमान भारत भौतिक संरचना एवं सूचना तकनीक के क्षेत्र में काफी आगे बढ़ गया है। खून से लिखी आजादी वाले देश भारत को हम अपने पसीने से खुशहाल बनाएं।उक्त बातें सी एम कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो विश्वनाथ झा ने महाविद्यालय की एनएसएस इकाई के तत्वावधान में आयोजित अमृत महोत्सव के अंतर्गत “स्वतंत्रता संग्राम एवं आज का भारत” विषयक भाषण एवं पोस्टर प्रतियोगिता का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि हम हमेशा राष्ट्र के नवनिर्माण में निःस्वार्थ भाव से लगे रहें।अमृत महोत्सव का कार्यक्रम 15 अगस्त,2022 तक चलेगा और इस बीच महाविद्यालय में अनेकानेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विषय प्रवर्तक के रूप में संस्कृत विभागाध्यक्ष डा आर एन चौरसिया ने कहा कि भारत अनेकता में एकता का देश है, जिसके पास अद्भुत क्षमता है। हम ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना में विश्वास करते हैं,जिसका हम सिर्फ विचार ही नहीं देते,वरण उस पर चलते भी हैं। भारत में राष्ट्रभक्तों की बड़ी उज्ज्वल परंपरा रही है।चंद्रगुप्त मौर्य,शिवाजी,गुरु गोविंद सिंह,महाराणा प्रताप, सुभाष चंद्र बोस आदि राष्ट्रभक्तों की लंबी सूची है। राष्ट्र की उन्नति में ही हमारी वास्तविक उन्नति है, क्योंकि राष्ट्रसेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता है। राष्ट्र के सर्वांगीण उन्नति हेतु हर व्यक्ति में स्वराष्ट्र प्रेम परम आवश्यक है।
इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो दिवाकर सिंह ने कहा कि भारत एक प्रजातांत्रिक देश है।यही हमारी सबसे बड़ी मजबूती है,क्योंकि भारत लोक कल्याणकारी राष्ट्र है।जहां विभिन्न पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से कृषि,उद्योग,सूचना प्रौद्योगिकी आदि सभी क्षेत्रों में विकास किया जा रहा है।भारत की आजादी काफी संघर्ष के बाद प्राप्त हुई थी,जिसे बनाए रखना हम सभी का परम कर्तव्य है।
विशिष्ट वक्ता के रूप में इतिहास विभाग के प्राध्यापक डा अखिलेश कुमार विभू ने कहा कि भारत को उन्नत राष्ट्र बनाने के लिए हमें राष्ट्र के लिए जीना और मरना सीखना होगा।आजादी के 75 वर्ष पूरा होने के अवसर पर हमें विचार करना चाहिए कि हमने क्या खोया और क्या पाया? हमें अपने स्वतंत्र सेनानियों से सीख लेनी चाहिए कि राष्ट्र के प्रति हमारा क्या दायित्व होना चाहिए? प्रसन्नता की बात है कि भारत के पास सबसे बड़ी युवाशक्ति है, जिसके बल पर भारत का संपूर्ण विकास संभव है।
इस अवसर पर “स्वतंत्रता संग्राम एवं आज का भारत” विषय का भाषण प्रतियोगिता में प्रियांशु कुमार-प्रथम,खुल्द महफूज- द्वितीय,समसुद्दीन-तृतीय, जयप्रकाश कुमार साहू-चतुर्थ तथा केशव मिश्र ने पंचम स्थान प्राप्त किया,जबकि पोस्टर प्रतियोगिता में कुमार सौरभ-प्रथम,उल्लास भारती-द्वितीय,सत्यम कुमार- तृतीय,कोमल कुमारी-चतुर्थ तथा श्रेया बोहरा एवं अर्चना भास्कर ने संयुक्त रूप से पंचम स्थान प्राप्त किया,जिन्हें प्रमाण पत्र,स्मृतिचिह्न एवं मैडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रतियोगिताओं के जज के रूप में हिंदी के प्राध्यापक डा रूपेंद्र झा,डा रीता दुबे तथा डा मीनाक्षी राणा,आतिका बद्र,प्रकाश कुमार झा,नीतीश कुमार झा,प्रियांशु कुमार,खुशबू कुमारी,सुंदरम पाठक,अमित शुक्ला तथा फातिमा खातून आदि ने विचार व्यक्त किए।
वरीय स्वयंसेवक नारायण जी साहू के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ से किया गया,जबकि स्वागतगान आस्था निगम,शालू कुमारी व निशा कुमारी आदि ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में डा नरेंद्र कुमार झा,अमरजीत कुमार,श्रया कुमारी,नीरज कुमार,प्रकाश कुमार झा,दीपक कुमार,जय प्रकाश झा,राकेश कुमार राम तथा सूरज ठाकुर आदि सहित एक सौ से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया,जिन्हें अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की संयोजिका डा रीता दुबे ने कहा कि अमृत महोत्सव आजादी से संबंधित कार्यक्रमों की श्रृंखला है,जिसके द्वारा युवाओं के मन में राष्ट्रप्रेम की भावना जगाते हुए अंततः समाज को राष्ट्रप्रेम की ओर उन्मुख किया जाएगा।
धन्यवाद ज्ञापन एनएसएस पदाधिकारी प्रो रितिका मौर्या ने किया।
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