
बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के विचारों के सच्चे वाहक अभाविप
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद दरभंगा इकाई द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में माल्यार्पण कर संविधान के शिल्पकार डॉ बाबा साहब अम्बेडकर को किया गया याद।
इस अवसर पर अभाविप बिहार के प्रदेश सह संगठन मंत्री अजीत उपाध्याय ने कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण की कल्पना बिना डॉ अम्बेडकर के सोच के बिना नही कर सकते है, उन्होंने अपना सर्वस्व हमारे देश व समाज हेतु न्यौछावर कर दिया वह हमारे देश के एक स्वर्णिम धरोहर है वर्तमान पीढ़ी को आवश्यकता है कि बाबा साहब से प्रेरणा लेकर उनके सपनों का भारत का निर्माण करें जहाँ सबको समानता, एकता, भाईचारे का भारत बन सके साथ ही कोविड टीकाकरण को भी बाबा साहब के जन्मोत्सव पर विशेष रूप से समर्पित किया गया है तो हमारा दायित्व है अपने समाज के लोगों का अधिक से अधिक टीकाकरण हो इसका ख्याल रखें यही बाबा साहब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
वहीं प्रांत सह मंत्री पूजा कश्यप ने कहा कि बाबा साहेब ने कहा कि जहां बुध हो वहां कार्ल मार्क्स की आवश्यकता ही नहीं है मैं बौद्ध धर्म इसलिए अपनाया कि यह भारतीय पंथ है उन्होंने उस समय उस मणुस्मृति को जलाया था जो अंग्रेजों द्वारा संष्लेशित कर छपवाया गया था।
वहीं इस अवसर पर विभाग संयोजक सुमित सिंह ने कहा कि समरस समाज के प्रणेता डॉ अम्बेडकर की 130 वी जयंती को अभाविप के कार्यकर्ता सभी इकाई मे बड़े ही धूमधाम से मना रहे है देश के कालखण्ड में कुछ ऐसा भी वक्त आया जब षड्यंत्र रच गया कि अम्बेडकर के अस्तित्व को समाप्त कर दिया जाए पर उन्हें यह नही मालूम था कि अम्बेडकर सूर्य की प्रकाश की भांति प्रकाशमान है , जिन्हें ढ़कना असंभव है डॉ अम्बेडकर की यश कृति सदैव सम्पूर्ण सृष्टि को राह दिखाती रहेगी।
वही विभाग संगठन मंत्री हेमन्त मिश्रा ने कहा कि अभाविप बाबा साहेब के विचारों का वाहक है खासकर आज के दौर में बाबा साहेब के विचारों को कुचलने एवं उनके सही बातों को छुपा कर गलत तरीके से मनगढ़ंत नेगेटिव बातों को प्रचारित करने का जो प्रयास किया जा रहा है उसे दूर कर समाज में ऐसे ही कार्यक्रम के माध्यम से सही विचार लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करना होगा उनके इस्लाम एवं ईसाईयत आदि के बारे में विचारों को लोगों तक पहुंचाने होंगें जिससे उनके नाम पर राजनीति करने वाले राजनीतिक दुकानदारों की दुकानें बंद हो।
वहीं इस अवसर पर अभाविप के जिला संयोजक उत्सव पराशर ने कहा कि अभाविप दरभंगा इकाई द्वारा डॉ अम्बेडकर की जन्मजयंती में अवसर पर हम सभी इकट्ठा हुए है बाबा साहब हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है क्योंकि जिस प्रकार का जीवन मे उन्होंने संघर्ष कर आगे बढ़े व अपना अमित छाप हमारे बीच छोड़ें उससे हमसभी को अपने जीवन में सिख लेने की आवश्यकता है, उनके नाम का इस्तेमाल कर जिस प्रकार लोग राजनीति करते है उसका 1% लाभ भी अगर समाज के अंतिम वर्ग में बैठे व्यक्ति को पहुँच जाए तो उनके सपनों का भारत की कल्पना सार्थक हो जाएगा डॉक्टर आंबेडकर ने अपना पूरा जीवन छुआछूत और जातिवाद जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संघर्ष में लगा दिया, इस बीच वह गरीब, दलितों और शोषितों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे स्वतंत्र भारत के वो पहले विधि एवं न्याय मंत्री थे, भारतीय संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति के अध्यक्ष पद पर उनके दायित्व निर्वहन के चलते उनके समर्थक उन्हें संविधान का जनक भी कहते हैं, डॉ अम्बेडकर बनना आसान नही है पर दुर्भाग्य की बात है कि डॉ अम्बेडकर को साजिश के तहत केवल एक खास वर्ग में बाँधने का प्रयत्न होता रहा है पर सच्चाई यह ही कि वह सम्पूर्ण समाज के लिए काम किये।
इस अवसर पर सावन कुमार, रितेश कुमार ., आनंद कुमार सिंह , रोहित कुमार यादव, सुमित, सुभाष, दीपक, निखिल,लक्की, कुंदन ज्योति मनीषा सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।
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