ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में “बाबा साहब अम्बेडकर के सपनों के भारत ” विषय पर आयोजित हुआ राष्ट्रीय सेमिनार। राजनीति शास्त्र विभाग के तत्वावधान में आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा,
” बाबा साहब का व्यक्तित्व को मानने में किसी विचारधारा को दिक्कत नहीं ”
गरीब – वंचितों को मुख्य धारा में जोड़े बिना बाबा साहब का सपना नहीं हो सकता पूरा – रेखा कुमारी
21वी शताब्दी अम्बेडकर की शताब्दी – चौठि राम यादव
आधुनिक युग के चमकते सितारे हैं बाबा साहब अम्बेडकर – सुषमा यादव

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से बाबा साहब डॉ भीम राव अम्बेडकर के 130 वीं जयंती पर “अम्बेडकर के सपनों का भारत” विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन हुआ। सेमिनार से पूर्व विश्वविद्यालय स्थित बाबा साहब के प्रतिमा पर कुलपति प्रो.सुरेन्द्र प्रताप सिंह, प्रति कुलपति प्रो.डॉली सिन्हा, कुलसचिव प्रो.मुश्ताक अहमद, सामाजिक विज्ञान संकाय अध्यक्ष प्रो गोपी रमन प्रसाद सिंह, कार्यक्रम संचालन समिति के अध्यक्ष व प्रभारी विभागाध्यक्ष प्रो.मुनेश्वर यादव, कार्यक्रम संचालन समिति के सचिव डॉ. घनश्याम राय, संयोजक डॉ.मुकुल बिहारी वर्मा, कुलपति के निजी सचिव डॉ. के.एन.श्रीवास्तव, परीक्षा नियंत्रक डॉ. एस एन रॉय, डॉ.आनंद मोहन मिश्रा, एन एस एस पदाधिकारी डॉ.विनोद बैठा, छात्र संदीप कुमार चौधरी, सीदार्थ राज,सनी कुमार, केशव चौधरी,राजेश कुमार राम,अविनाश कुमार, संभू मुखिया, संतोष यादव सहित दर्जनों लोगों ने माल्यार्पण किया।माल्यार्पण के पूर्व विभागीय प्रोफेसर ने सम्मानित पदाधिकारियों को फूल का गुलदस्ता देकर सम्मानित किया।
सेमिनार का उद्घाटन सत्र:-
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो.सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर का व्यक्तिव को मानने में किसी भी राजनीतिक विचारधारा को दिक्कत नहीं है बल्कि आज के दौर में बाबा साहब 130 करोड़ भारतीयों के आदर्श है।उन्होंने इतने महत्वपूर्ण विषय पर सेमिनार आयोजित करने के लिए राजनीति विज्ञान विभाग को बधाई दी।
सेमिनार को संबोधित करते हुए बिहार सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक प्रो.रेखा कुमारी ने कहा कि बाबा साहब अम्बेडकर एक ऐसे व्यक्तित्व हैं कि उनके बारे में बोलने के लिए यदि कहा जाय जो किसी भी हालात में इसको टाला नहीं जा सकता है।उन्होंने कहा कि गरीब – वंचितों को मुख्य धारा में जोड़े बिना हम बाबा साहब के सपनों को पूरा नहीं कर सकते।रेखा कुमारी कोरोना संक्रमित होने के बाबजूद भी ऑनलाइन कार्यक्रम में शामिल हुई।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए हिंदी विभाग बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. चौठी राम यादव ने कहा कि 21 वीं शताब्दी अंबेडकर की शताब्दी है। उन्होंने कहा कि अम्बेडकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भागीदारी नहीं बल्कि भारतीय सामाजिक व आर्थिक समृद्धि के लिए आंदोलन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि अम्बेडकर का विचार स्पष्ट था कि जब राष्ट्र की बात होगी तो मैं राष्ट्र के लिए अग्रिम पंक्ति में रहूंगा लेकिन जब राष्ट्र के अंदर सामाजिक सहानुभूति की बात होगी तो मैं दलित – वंचित समुदाय के बीच खड़ा रहूंगा।
अपने संबोधन में मुख्य वक्ता बी पी एस महिला विश्वविद्यालय,हरियाणा की कुलपति व यूजीसी की सदस्या प्रो.सुषमा यादव ने कहा कि आधुनिक युग की चमकते सितारे है अम्बेडकर। उन्होंने कहा कि आर्थिक, सामाजिक, कानून तमाम विषयों के ज्ञाता थे अम्बेडकर।उन्होंने कहा कि एक अमीर और एक गरीब दोनों को एक वोट का अधिकार दिया गया लेकिन जब तक सामाजिक,आर्थिक बराबरी नहीं मिल जाती हम बाबा साहब के सपनों का भारत नहीं बना सकते है और इसके लिए हम बहस तेज करने की जरूरत है।
विभाग द्वारा आयोजित लेख प्रतियोगिता के चयन के आधार पर स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान विभाग के तृतीय समेस्टर के छात्र सनी कुमार और प्रथम समेस्टर की छात्रा निधि कुमारी ने उद्वघाटन सत्र को संबोधित किया।
प्रतिकुलपति प्रो.डॉली सिन्हा ने भारत रत्न बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर की 130 वीं जयंती पर इतने महत्वपूर्ण विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित करने के लिए राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर व छात्रों को बधाई दी।
सामाजिक विज्ञान संकाय अध्यक्ष प्रो. गोपी रमण प्रसाद सिंह ने कहा कि बाबा साहब की सपनों कि भारत तब बनेगी जब सामाजिक समरसता कायम रहेगी जिसके तीन तत्व सहानुभूति गतिशीलता और उच्चतर सहभागिता है।
कुलसचिव डॉ मुश्ताक अहमद ने कहा कि बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर का जीवन हीं दर्शन है।
सेमिनार में अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम संचालन समिति के अध्यक्ष व प्रभारी विभागाध्यक्ष प्रो.मुनेश्वर यादव ने किया।कार्यक्रम का संचालन संगठन सचिव डॉ.घनश्याम राय ने किया।धन्यवाद ज्ञापन संयोजक डॉ.मुकुल बिहारी वर्मा ने किया।
तकनीकी सत्र दो बजे शुरू हुआ। तकनीकी सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर मुनेश्वर यादव, सह अध्यक्षता डॉ घनश्याम राय और मोडरेटर का कार्य डॉ मुकुल बिहारी वर्मा ने किया। तकनीकी सत्र को डॉ प्रीति चंद्रा,सहायक प्राचार्य, राजनीति विज्ञान विभाग,श्रीमती आर डी जी कॉलेज ऑफ एडुकेशन एण्ड लॉ,राजकोट, गुजरात, डॉ जगदीप सिंह,सहायक प्राचार्य, राजनीति विज्ञान विभाग, गर्वनमेंट कॉलेज, नारायणगड़,अंबाला, हरयाणा, डॉ शिवानी भारद्वाज, सहायक प्राचार्य, इतिहास विभाग, टी एन बी कॉलेज, भागलपुर ने रिर्सोस पर्सनस के रूप में संबोधित किया। छात्र छात्राएं क्रमशः संदीप कुमार,केशव कुमार चौधरी, राजीव कुमार यादव,चंदन कुमार, प्रीति कुमारी, कृष्णा यादव, डॉ गुंजन कुमारी, गेस्ट फेकेल्टी,के एस कॉलेज, दरभंगा ने अपने विचार व्यक्त किए।
विभाग के छात्र छात्राएं क्रमशः सिद्धार्थ राज,संदीप चौधरी, प्रदीप कुमार,नेहा भारती, सतीश कुमार, अविनाश कुमार, राजेश कुमार, प्रभात आनंद, राम बाबूराम, आर्यन राज,रंजीत पासवान आदि ने सक्रिय भागीदारी की।
तकनीकी सहयोग गणेश पासवान और सिद्धार्थ राज ने किया।
तकनीकी सत्र का धन्यवाद ज्ञापन डॉ गुंजन कुमारी ने किया।
Darbhanga News24 – दरभंगा न्यूज24 Online News Portal