मानस बिहारी वर्मा को भाकपा(माले) दी श्रधांजलि।
मिथिलांचल ने एक बड़े वैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता को खो दिया- माले

दरभंगा देश के जाने-माने प्रसिद्ध वैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता मानस विहारी वर्मा नही रहे, आज उन्होंने अंतिम सांस ली। निधन की खबर सुनते ही पूरे मिथिलांचल में शोक की लहर दौड़ पड़ी। भाकपा(माले) ने उनके निधन पर गहरी शोक वयक्त की है। भाकपा(माले) मिथिलांचल प्रभारी धीरेन्द्र झा, जिला सचिव बैधनाथ यादव, वरिष्ठ नेता आर के सहनी, लक्ष्मी पासवान, राज्य कमिटी सदस्य अभिषेक कुमार, आइसा जिला अध्यक्ष प्रिंस राज ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
शोक संदेश के माध्यम से भाकपा(माले) ने कहा है पूर्व राष्ट्रपति डॉ कलाम के अनन्य सहयोगी वर्मा जी ने रिटायरमेंट के बाद मिथिलांनचल में समाज सेवा के कई अध्याय की शुरुआत की। दरभंगा में महिला इंजीनियरिंग कॉलेज खुलवाने में उनकी अहम भूमिका निभाई। जिसके डायरेक्टर व कई वर्ष तक रहे। कोशी-कमला के बाढ़ पीड़ित इलाके में उन्होंने कई सफल अभियान चलाए और नदियों के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक बनाया।
दलित-गरीबो के बच्चों के बीच सुदूर ग्रामीण इलाके में शिक्षा अभियान और वैज्ञानिक सोच समझ के अभियान की नींव डाली। आगे माले नेताओं ने कहा कि देश और समाज के साम्प्रदायिकरण के खतरे के विरुद्ध चल रहे अभियान में वे चट्टान की तरह खड़े रहे।
उन्होंने कहा कि मिथिलांनचल ने एक बड़े वैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता को खो दिया जो कि बहुत बड़ी क्षति है। इस दौर में उनकी बहुत जरूरत थी।
भाकपा(माले) राज्य कमिटी सदस्य अभिषेक कुमार ने उनके आवास पर जाकर शोकाकुल परिवार से मिले और सांत्वना दी।
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