सी एम कॉलेज की एनएसएस इकाई तथा भारत विकास परिषद् के द्वारा “कोविड-19 : सुरक्षा एवं जागरूकता” विषयक वेबीनार आयोजित

कोरोना को जन जागरूकता एवं सामूहिकता के बल पर हरायेंगे- संजय सरावगी
सकारात्मक सोच एवं पूर्ण टीकाकरण ही कोरोना का स्थायी निदान- डा बी बी शाही
कोरोना महामारी का इलाज से बचाव ज्यादा बेहतर- डा अलका द्विवेदी
योग-प्राणायाम,व्यायाम-खेल और हिम्मत-सतर्कता से हारेगा कोरोना- अनिल कुमार
कोरोना काल में शारीरिक दूरी रखें,पर भावात्मक रूप से जुड़े रहें- प्रो विश्वनाथ
कोविड-19 का दूसरा लहर ज्यादा खतरनाक है,क्योंकि यह कम अवस्था वाले को भी ज्यादा प्रभावित कर रहा है।हमलोग जनजागरूकता चलाकर सामूहिक रूप से कोरोना को हराएंगे। सावधानी और टीकाकरण ही इससे बचाव का सर्वोत्तम उपाय है। बिहार में 5 लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं,यहां रिकवरी रेट 79% है। उक्त बातें दरभंगा के नगर विधायक संजय सरावगी ने सी एम कॉलेज,दरभंगा की एनएसएस इकाई तथा भारत विकास परिषद् की भारती-मंडन शाखा,दरभंगा के संयुक्त तत्वावधान में “कोविड-19 : सुरक्षा एवं जागरूकता” विषयक वेबीनार का उद्घाटन करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के द्वारा युवा आमलोगों को कोरोना के प्रति सकारात्मक सुझाव देकर अधिक से अधिक जागरूक करें। 18 से अधिक अवस्था वाले व्यक्ति वेबसाइट एवं संबंधित ऐप पर अपना पंजीयन कराकर टीकाकरण करवाएं। विधायक ने स्वयंसेवकों को अपना नंबर देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की कठिनाई हो या कोरोना पेशेंट से निर्धारित दर से अधिक रुपए लिए जाते हैं तो हमें सूचित करें। प्रशासन द्वारा उनके विरुद्ध निश्चित रूपेण कार्रवाई की जायेगी।
मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय चिकित्सा परिषद् की दरभंगा शाखा के अध्यक्ष डा बी बी शाही ने कहा कि सकारात्मक सोच एवं पूर्ण टीकाकरण ही कोरोना से बचाव का स्थायी निदान है। प्रकृति के अत्यधिक छेड़छाड़ एवं शोषण से प्रत्येक 100 वर्षों में हमें ऐसी महामारियों का सामना करना पड़ता है।उन्होंने बताया कि टीकाकरण के बाद यदि कोरोना का संक्रमण होता भी है तो वह जानलेवा नहीं होगा,बल्कि सिर्फ सर्दी व बुखार आदि तक ही सीमित रहेगा। डॉ शाही ने कहा कि कोरोना वायरस से घबराए नहीं,बल्कि धैर्य के साथ डॉ के परामर्श से उचित दवाइयां ले। परहेज बरतें,आराम करें, व्यायाम-प्राणायाम करें।साथ ही फल-सब्जी,दूध-दाल,मछली-मांस आदि का अधिक सेवन करते हुए 2- 3 लीटर पानी पिए।उन्होंने कहा कि 95% व्यक्ति सावधानी के साथ होम आइसोलेशन में ही ठीक हो जाते हैं। यदि चार-पांच दिनों तक एक सौ डिग्री से ऊपर बुखार हो तो कोरोना-जांच अवश्य कराएं।आरटीपीसीआर सर्वोत्तम जांच पद्धति है।उन्होंने डॉ की सलाह पर ही कोरोना पेशेंट को पारासिटामोल,विटामिन-सी, एंटीबायोटिक,जिंक-गोली तथा खांसी आदि की दवा लेने की सलाह दी।
विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डा अलका द्विवेदी ने कहा कि कोरोना के वायरस का इलाज से बचाव ही ज्यादा बेहतर उपाय है।यह मुख्य रूप से आंख,नाक और मुंह से फैलता है,जिसे ढककर हम इसके संक्रमण को रोक सकते हैं।उन्होंने गर्भावस्था एवं मासिक स्राव के दौरान कोरोना संक्रमित को डॉ से परामर्श कर दवा लेने तथा संक्रमित पेशेंट को हॉस्पिटल में ही डिलीवरी कराने की सलाह दी। सावधानीपूर्वक नवजात शिशु को माँ का दूध पिलाने का सुझाव दिया,क्योंकि दूध के माध्यम से कोरोना नहीं फैलता है।
भारत विकास परिषद् की भारती-मंडन शाखा,दरभंगा के अध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा कि योग-प्राणायाम,व्यायाम-खेल और हिम्मत-सतर्कता से कोरोना वायरस का संक्रमण रोका जा सकता है।उन्होंने लीवर,कीडनी, अस्थमा,हर्ट,डायबिटीज,कैंसर आदि के मरीजों को कोरोना काल में विशेष सावधान रहने की जरूरत बतायी।उन्होंने कहा कि यदि हिम्मत और आत्मविश्वास हो तो 90% से अधिक संक्रमित व्यक्ति घर पर ही उचित दिनचर्या एवं समुचित सलाह के द्वारा ठीक हो जाते हैं।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रधानाचार्य प्रो विश्वनाथ झा ने कहा कि हमें अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए लोगों में सकारात्मकता का भाव भरना चाहिए।कोरोना काल में शारीरिक दूरी रखे,पर भावात्मक रूप से एक-दूसरे से जुड़े रहे। डॉक्टर,पुलिस,सफाई कर्मी,जनप्रतिनिधि व प्रशासन के प्रति सकारात्मक भाव रखना चाहिए,क्योंकि उनके बदौलत ही कोरोना वायरस से हम बच सकते हैं। कोरोना ने हमें परिवार एवं प्रकृति के महत्व को बताया है। हम हंसे,हंसाए दुःख बांटे और सुख बढ़ाएं।अफवाह न फैलाएं,न डरे न डराये,बल्कि एक-दूसरे की मदद करें।तभी मानवता की रक्षा होगी।
वेबीनार में डा अब्दुल हई,डा शंभू मंडल,डा मनोज कुमार सिंह,डा नीलमणि सिंह,डा मीना कुमारी,डा दिव्या शर्मा,ललित कुमार झा,राघव कुमार,वरुण कुमार,जय प्रकाश कुमार साह, कुमार अनुराग,अजीत झा,सिमरन,श्रीरमण अग्रवाल, राजकुमार गणेशन,संजीव कुमार, अरबाज खान,विकास कुमार गिरी,सुजीत कुमार मिश्रा,राहुल कुमार चौधरी,नीतीश झा,त्रिपुरारी शर्मा,अमरजीत कुमार,दयाशंकर, शशि कुमार सोनी तथा राम कुमार झा सहित 80 से अधिक शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने कोरोना से संबंधित अनेक प्रश्नों को पूछा,जिनका नगर विधायक तथा विशेषज्ञ डॉक्टरों ने समुचित उत्तर दिया। परिषद् के सचिव डा आर एन चौरसिया के संचालन में आयोजित वेबीनार में अतिथियों का स्वागत एनएसएस इकाई दो के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो अखिलेश कुमार राठौर ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन एनएसएस इकाई 1 के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो रितिका मौर्या ने किया।
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