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Bihar दरभंगा ;- दृढ़ इच्छाशक्ति व आत्मबल से राम स्नेही शरण ने कोरोना को दी मात

दृढ़ इच्छाशक्ति व आत्मबल से राम स्नेही शरण ने कोरोना को दी मात
पत्नी की मौत के बाद धार्मिक गतिविधि से जुड़ने वाले कोरोना योद्धा ने नहीं मानी हार
अस्पताल में चिकित्सक व परिजनों के सहयोग से मिली सफलता
कोरोना प्रोटोकॉल के अनुपालन से वायरस से बचाव संभव- राम स्नेही

दरभंगा कोरोना काल में कुछ ऐसे योद्धा हैं, जिन्होंने आत्मबल व दृढ़ इच्छा शक्ति के बल पर वायरस को मात दी है। इसमें उनके परिवार के लोगों का भी पूरा सहयोग रहा। साथ ही अस्पताल की सही चिकित्सा के कारण कोरोना के मरीज स्वस्थ हो रहे हैं। जिला के हनुमाननगर – पटोरी निवासी 45 वर्षीय राम स्नेही शरण ने 15 दिनों में ही कोरोना को मात देकर संक्रमित के मन में आशा का संचार किया है। मीठी मुस्कान ललाट पर तिलक एवं भागवत भजन में तल्लीन रामस्नेही शरण फिलहाल परिजनों के संग सामान्य जिंदगी जी रहे हैं। राम स्नेही बीते हुये पल को बिसार कर आगे की जिंदगी जीने की ओर अग्रसर हैं। बीते मंगलवार को हनुमान नगर पीएचसी पर दिए गए सैंपल में रैपिड एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आयी। निगेटिव आने के बाद परिजनों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। यह खबर सुनकर आसपास के लोग व शुभचिंतक ने भी राहत की सांस ली। अब इनके ग्रामीण इनसे सलाह लेते हैं। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर राम स्नेही उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं। कोरोना योद्धा राम स्नेही लोगों को इससे बचाव के लिये जागरूक भी कर रहे हैँ। इसका फायदा आसपास के लोगों को मिल रहा है।
अयोध्या में हो गये थे कोरोना संक्रमित:
हनुमाननगर प्रखंड के राम स्नेही की पत्नी नहीं हैं। शादी के 2 साल बाद ही एक पुत्र होने के बाद पत्नी की मृत्यु हो गयी। उसके बाद उनकी अभिरुचि धार्मिक गतिविधियों में होने लगी। लिहाजा भजन गायन एवं वादन में अभिरुचि रखने वाले रामस्नेही सियाराम किला झुंनकी घाट अयोध्या जी से जुड़ गए। वहीं से नौ दिवसीय रामचरितमानस नवाह परायण यज्ञ में मानस प्रवचन एवं गायन को लेकर बीते 13 अप्रैल को प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश में सम्मिलित हुए। 18 अप्रैल को उनकी तबीयत बिगड़ गयी। परिजनों के सहयोग से राम स्नेही को तेज बुखार व बदन दर्द की शिकायत होने पर उन्हें अयोध्या लाया गया। स्थानीय डॉक्टर से इलाज के बाद आश्रम में उनकी हालत सुधरी, लेकिन रामनवमी के कार्यक्रम में उनकी हालत फिर बिगड़ गयी। डॉक्टर की दवा पर ही उनकी हालत में सुधार हुआ। फिर वह ट्रेन द्वारा बिहार के नवादा जिला स्थित अकबरपुर प्रखंड के खैरा गांव में राम जानकी मंदिर आश्रम पर आ गए। वहीं अकबरपुर पीएचसी पर उन्होंने कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक ली। दो दिन उनकी हालत सामान्य रही। बाद में उनकी हालत चिंताजनक हो गई। अकबरपुर पीएससी की मेडिकल टीम ने उनकी जांच पड़ताल की।. कोरोना जांच के दौरान 24 अप्रैल को रिपोर्ट पॉजिटिव आयी। संक्रमित होने के बाद एंबुलेंस द्वारा नवादा के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। दृढ इच्छा शक्ति वाले राम स्नेही ने हार नहीं मानी। स्थिति बिगड़ता देख उन्होंने अपने पुत्र विवेक कुमार को फोन किया। पुत्र तत्काल अपने पिता को 26 अप्रैल को नवादा अस्पताल से एंबुलेंस से पटोरी लेकर आया। पटोरी अपने आवास पर विश्राम के बाद 27 को एंबुलेंस द्वारा ही डीएमसीएच ले जाया गया। जहां पॉजिटिव रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टरों ने जिला स्कूल स्थित क्वॉरेंटाइन सेंटर में इन्हें भर्ती कर दिया। ऑक्सीजन लेवल 72 तक चला गया था, लेकिन ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा मिलने एवं पुत्र की तीमारदारी तथा भगवान में अटूट विश्वास एवं दृढ़ इच्छाशक्ति की बदौलत रामस्नेही स्वस्थ हो गए।

अस्पताल में मिला बेहतर उपचार :
राम स्नेही ने बताया कि डीएसीएच से संबद्ध जिला स्कूल कोबिड सेंटर में उनको बेहतर उपचार व देखरेख मिली. साथ ही उनके पुत्र ने भी उन्हें अकेला नहीं छोड़ा. कहा कि किसी प्रकार की समस्या होने पर चिकित्सक तुरंत उपचार शुरू कर देते थे. इसके अलावा ऑक्सीजन की भी कमी नहीं हुई. नतीजतन आज वो बिल्कुल स्वस्थ हैं. बताया कि शुरूआती दौर में वह भी डर गये थे. लेकिन बाद में अपने आत्मबल से मन के कमजोरी को दूर किया. इसमें चिकित्सकों ने पुरा सहयोग दिया. चिकित्सकों ने उन्हें बताया कि कोरोना में सही उपचार होने पर बिल्कुल ठीक हो जायेंगे. इसके अलावा अस्पताल के कर्मियों ने भी पुरा सहयोग किया. संक्रमण के दौर में वह पुरी तरह दवा लेते रहे. अस्पताल की ओर से दिये जाना वाला डायट लिया. सभी के सहयोग से वो कोरोना को हराने में सफल रहे.

आसपास के लोग ले रहे सलाह:

कोरोना को पराजित करने के बाद राम स्नेही दूसरे लोगों के लिये नजीर बन गये हैं. खासकर कोरोना संक्रमित मरीज के परिजन उनसे सलाह लेकर लाभान्वित हो रहे हैं. राम स्नेही ने बताया कि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज के परिजन उनसे संपर्क करते हैँ. राम स्नेही उनको हमेशा चिकित्सक की सलाह से दवा लेने का परामर्श देते हैं. इसके अलावा उनको राम स्नेही पुरी तरह मन को मजबुत रखने को कहते है. मरीजों को किसी भी तरह के नाकारात्मक विचार से दूर रहने को कहते हैं. इससे लाभ उठाकर कई मरीज स्वस्थ हुये हैं. लोगों के बीच राम स्नेही चर्चा का विषय बन गये हैं. राम स्नेही ने कहा कि कोरोना को मात देने में सभी लोगों का सहयोग जरूरी है. एक अकेला से इससे छुटकारा नहीं मिल सकता. कोरोना वायरस को हराने के लिये सभी लोगों को मिलकर प्रयास करना होगा. साथ ही कोरोना प्रोटोकाल का अनुपालन करने से इससे बचाव कर सकते हैं. इस दौरान किसी भी प्रकार की भ्रांतियों से दूर रहने की जरूरत है।

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