देश में मानवता को शर्मशार करने वाले गंदी राजनीतिक जारी ,पप्पू यादव के साथ सरकार ने तानाशाही रवैया को अपनाया :-

जहां एक ओर देश दुनिया वैश्विक महामारी व इस दुष्ट वायरस के प्रभाव से तरहीमाम है वहीं इन दिनों दूसरी ओर इस भयावह स्थिति में मानवता को शर्मसार करने वाले सरकार व कई माफिया लगातार राष्ट्रहित के लिए कार्य करने वाले जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के मधेपुरा के पूर्व सांसद जैसे एक सच्चा सेवक व आम लोगों के जीवन का मशाल को अपने गंदी नीतियों के तहत निशाना व एक रणनीति तैयार करते हुए आखिर एक झूठी खेल की तहत गिरफ्तारी करवा ही दिया । वास्तविकता तो यह है कि सरकार व उसके संरक्षण में कार्य करने वाले माफिया व दलाल ने अपने कई नाकामी को छुपाने, अपने कई झूठी रणनीतियों के विफलता व कई सच्चाई को उजागर होने से बचने के लिए बिना कारण बताते हुए एक गलत नीतियों के तहत अचानक गिरफ्तार कराया जिसको देश के चौथी स्तंभ ,कई राजनीतिक दल के लोग, पुलिस प्रशासन, छात्र ,शिक्षक, फिल्म जगत में कार्य करने वाले लोग तथा आम नागरिक भी भली भांति स्पष्ट रूप से समझ रहे है और सरकार के ऐसी रवैया पर काफी निंदा किया ।
सामाजिक कार्यकर्ता व युवा नेता बिहार प्रेम पासवान ,जन अधिकार पार्टी के जिला अध्यक्ष डॉ. मुन्ना खान, पप्पू सरदार, काशिफ इकबाल, दीपक कुमार झा ,कुणाल पांडेय ,प्रकाश सिंह,रौशन कुमार झा एलएनएमयू बीएड छात्र संगठन के उपाध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी धीरेन्द्र कपूर,सीएम जाप अध्यक्ष रितेश सिंह यादव, मो० दिलशाद,विवेक भारती,सुजीत पासवान,सचिन पासवान,कृष्णा पासवान, ओमराज किट्टू कुमार, शंकर कुमार आदि ने बताया कि पप्पू यादव के गिरफ्तारी के बाद अब ऐसा प्रतीत हो रहा है कि देश के विभिन्न क्षेत्र में निवास करने वाले अब ये तमाम लोग वैश्विक महामारी के काल में संपूर्ण मानवता व सरकार के तानाशाही रवैया तथा वर्तमान स्वास्थ्य व्यवस्था की नाकामी को ध्यान में रखते हुए समझदारी के साथ अपने कार्यशैली,विचार व प्रतिक्रिया के माध्यम से सरकार को जल्द उखाड़ फेकने वाला है । तभी जाकर लगातार संसाधनों के अभाव में जिंदगी और मौत से लड़ रहे लोगों स्थिति में व्यापक रूप से जल्द से जल्द सुधार होगा और यह सुधार निश्चित रूप से आम लोगों को मानसिक तनाव से मुक्त रखते हुए धरातल पर जीवन सुरक्षित व स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य रखते हुए उसके चेहरे पर मुस्कान लाने में मददगार साबित होगा । पप्पू यादव ने सरकार के नाकामी तथा दोहरी रणनीतियों का उजागर तथा जनता के हितों की बातों का जिक्र करते हुए अपने ट्विटर हैंडल व अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार की नाकामी ,गंदी, दोहरी,झूठी रवैया को उजागर करते हुए कई चुनौती तथा देश की वर्तमान स्थिति व जानता तथा अपने साथ हो रहे अन्याय को देखते हुए गुस्ताखी जाहिर किया है *जो इस प्रकार है :-
1. नीतीश जी एक बात गांठ बांध लीजिए कि जब कोरोना महामारी में लोगों के बीच जाने से मरने की बात से नहीं डरा तो आपके जुल्म से क्या झुकूंगा? मैं, मेरे साथी और मेरा परिवार न डरा है न डरेगा । बीजेपी को उसकी औकात दिखा चुका हूं।आप अपनी कुर्सी की चिंता कीजिए।जिंदगियां बचाने की लड़ाई जारी रहेगी।
2. साथियों मैं जेल में हूं,पर जिंदगी बचाने और सेवा करने की रणनीति जारी रहनी चाहिए। रानीगंज विशनपुर की बेटी सोनी जो मां-पिता को खो अनाथ हो गई। उन्हें अपनी मां को मजबूरन दफनाना पड़ा।उनकी भरपूर मदद करें । वहीं बहन रुचि जिनके अस्मत पर डॉ अखिलेश ने हाथ डाला,उन्हें न्याय दिलाने को लड़ें!
3. वीरपुर जेल में मैं भूख हड़ताल पर हूं। न पानी है, न वाशरूम है, मेरे पांव का ऑपरेशन हुआ था, नीचे बैठ नहीं सकता, कमोड भी नहीं है । कोरोना मरीज की सेवा करना,उनकी जान बचाना, दवा माफिया,हॉस्पिटल माफिया,ऑक्सीजन माफिया,एम्बुलेंस माफिया को बेनकाब करना ही मेरा अपराध है। मेरी लड़ाई जारी है!
4. मैं कोविड निगेटिव हूं तो फिर मुझे क्वारन्टीन सेंटर वीरपुर क्यों भेजा गया है? क्या मुझे कोरोना पॉजिटिव कर मेरे सेहत से खिलवाड़ करना है?
जब सुप्रीम कोर्ट का गाइडलाइन है कि बहुत आपात स्थिति न हो तो किसी को गिरफ्तार न किया जाय।किसी को जेल न भेजा जाय, तो फिर मुझ पर यह जुल्म क्यों?
5. सुबह के 9 बजे से रात के 1 बजे तक 16 घंटे से मुझे बैठाकर रखा गया है। मैं शुगर का मरीज हूं, पांव की पूर्व में सर्जरी हुई थी। एक माह पहले गॉल ब्लैडर की सर्जरी हुई है। मुझे पूरा आराम करने डॉक्टरी सलाह दी गयी थी। मेरे सारे सहयोगी एक दाना-पानी नहीं पिये हैं ।आखिर मेरा क्या जुर्म है?
6. अभी से मेरे सहयोगी एवं मेरे परिजन मेरे विचारधारा के अनुरूप मेरा दृष्टिकोण आपसे साझा करेंगे। रिहा होने तक मेरे अभियान को वह जारी रखेंगे । मेरा अप्रत्यक्ष संवाद और सेवा की राजनीति जारी रहेगी। उसके बाद पुनः प्रत्यक्ष रूप से आपके बीच उपस्थित रहेंगे । आप सबों का स्नेह बना रहे। प्रणाम!
7. पूरे देश के सभी नागरिकों, सभी राजनीतिक दल के साथियों, बुद्धिजीवियों, लेखकों-चिंतकों, इतिहासकारों, साहित्यकारों, शिक्षकों, छात्रों, किसानों, युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, मां-बहनों, मीडिया के साथियों को दिल से आभार । आप सबने इतना प्रेम दिया इसके लिए आजीवन ऋणी रहूंगा । मेरा प्रणाम!
8. मुझे मधेपुरा के 32 साल पुराने मुकदमे में जेल भेजा जा रहा है। पूरे दिन लॉकडाउन के उल्लंघन के आरोप में बैठाकर रखा। फिर ढूंढकर मामला निकाला गया। बीजेपी के दबाव में नीतीश कुमार जी इतने कमजोर पड़ जाएंगे यह अंदाजा नहीं था । आग्रह है कि कोविड मरीजों के उपचार में कोई कमी न रहने दें।
9. कोरोना मरीजों, उनके परिजनों एवं गरीब रिक्शा-ठेला चालकों, फुटपाथ पर बसर करने वाले मजदूरों बंधुओं को विगत एक सप्ताह से जन अधिकार सेवादल द्वारा भोजन मुहैया कराया जा रहा था। उसे प्रशासन ने बंद करवा दिया है । इसके विरोध में मैं अनिश्चिकालीन भूख हड़ताल पर हूं, न ही दवा लूंगा।
10. सरकारों को कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी करनी चाहिए तो पप्पू यादव से लड़ रहे हैं । हमारे साथ सेवा में, मदद में, जिंदगी बचाने में प्रतिस्पर्धा करो न! फंसाने और जेल भेजने की साजिश में समय जाया क्यों कर रहे हो? पूरे बिहार में मामला खोज रहे हैं,कैसे फंसाकर अपनी नाकामी छुपाएं
11. नीतीश जी प्रणाम धैर्य की परीक्षा न लें।अन्यथा जनता अपने हाथों में व्यवस्था लेगी,तो आपका प्रशासन सारा लॉकडाउन प्रोटोकॉल भूल जाएगा । मेरा एक माह पहले ऑपेरशन हुआ है।तब भी अपना जीवन दांव पर लगा जिंदगियां बचा रहे हैं।अभी मेरा टेस्ट हुआ,कोरोना निगेटिव आया।आप पॉजिटिव कर मारना चाहते हैं
12. 5 घंटे से गांधी मैदान थाने में बैठा रखा है । इतनी देर में कितने लोगों के लिए ऑक्सीजन हॉस्पिटल बेड, रेमडीसीवीर आदि का प्रबंध कर पाता!
कितनी जिंदगी बचाने का प्रयास कर पाता । नीतीश कुमार जी जो करना है जल्दी करें । आप भाजपा के दबाव में क्रूरता की हद न पार करें । इतिहास माफ नहीं करेगा ।
13. लॉकडाउन उल्लंघन के नाम पर गिरफ्तारी सरकार ने खुद मार ली अपने पांव पर कुल्हाड़ी । जाग गयी जनता तो मोदी-नीतीश यह आपको पड़ेगी भारी ।
14. कोरोना काल में जिंदगियां बचाने के लिए अपनी जान हथेली पर रख जूझना अपराध है, तो हां मैं अपराधी हूं। पीएम साहब, सीएम साहब दे दो फांसी या भेज दो जेल
झुकूंगा नहीं, रुकूंगा नहीं ।लोगों को बचाऊंगा । बेईमानों को बेनकाब करता रहूंगा!
15. बिहार की सीमा से सटे बीरपुर और बारे गांव में गंगा नदी में 500 से अधिक लाशें कल से ही बह रही है ।लेकिन ढोंगी हिन्दू हृदय सम्राट सीएस को कोई फिक्र नहीं! अबकी बार इनसे अंतिम संस्कार भी नहीं हो रहा है। अब इनकी सरकार का ही अंतिम संस्कार करना होगा।
16. स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और जिंदगियां बचाने के लिए सिर्फ मंगल पांडेय ही नहीं बिहार के स्वास्थ्य सचिव समेत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्द्धन,पीएम मोदी, ढोंगी योगी सबको पदमुक्त करना होगा। वैज्ञानिक दृष्टिकोण वालों को पदों पर बिठाएंगे तभी मानवता बचेगी।
17. बक्सर में सैंकड़ों लाशें गंगा में बहते हुए पाया गया। बिहार सरकार कहती है कि यूपी से बहकर आया है।
मेरा तो मानना है यह बिहार/उ.प्र. की नहीं इंसान की लाश है । इनकी हत्यारी सरकारों पर कठोर करवाई हो ।बीजेपी की दोनों जगह सरकार है, वह स्पष्ट करे कि कौन जिम्मेवार है? क्या कोई बहाना फिर तैयार है?
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