Breaking News

Bihar दरभंगा ;- संक्रमण के बाद भी दांत व मुंह की देखभाल ज़रूरी- डॉ कोले

संक्रमण से उबर चुके व्यक्ति तुरन्त बदलें टूथब्रश व टँग क्लीनर

संक्रमण के बाद भी दांत व मुंह की देखभाल ज़रूरी- डॉ कोले
पान मसाला व गुटका के सेवन से संक्रमण की संभावना अधिक
किसी प्रकार की लापरवाही दुबारा कोरोना संक्रमण को दे सकता दावत

दरभंगा, 15 मई कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच टूथब्रश को बदलने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना से स्वस्थ हो चुके संक्रमित लोगों को अपने टूथब्रश को बदलने की जरूरत है। ऐसा न करने से दोबारा संक्रमित होने की संभावना बढ़ जाती है। कोरोना वायरस लोगों को संक्रमित कर रहा है। कई ऐसे व्यक्ति को पूरी सतर्कता बरतनी ज़रूरी है। मानव शरीर के सभी अंगों की देखभाल ज़रूरी है। खासकर जो व्यक्ति कोरोना से उबर चुके हैं रिपोर्ट निगेटिव आयी है, बावजूद स्वास्थ्य के प्रति संजीदगी ज़रूरी है। इसमे कभी भी लापरवाही बरतने से दुबारा संक्रमित हो सकते हैं। . इसलिए अन्य अंगों के अलावा दांत की भी सुरक्षा ज़रूरी है, ताकि दुबारा संक्रमित न हो जाएं।

टूथब्रश दोबारा कर सकता है संक्रमित
डीएमसीएच के वरीय दंत चिकित्सक डॉ सुमंत कुमार कोले का कहना है कि ऐसे सभी व्यक्ति जो हाल में ही कोरोना से संक्रमित हुए थे उन्हें फौरन अपना टूथब्रश बदल लेना चाहिए। ऐसा न करना उन्हें दोबारा संक्रमित कर सकता है। बताया कि टूथब्रश न केवल दोबारा संक्रमित कर सकता है बल्कि परिवार वालों को भी इससे हानि हो सकता है। दरअसल, ज्यादातर लोग कॉमन वॉशरूम का इस्तेमाल करते हैं।

जीभ क्लीनर बदलना भी जरूरी
डॉ कोले का कहना है कि केवल टूथब्रश ही नहीं जीभ क्लीनर आदि को भी बदल लेना चाहिए| कहा कि कोरोना के अलावा किसी भी प्रकार के मौसमी फ्लू, खांसी व सर्दी से उबर चुके लोगों को टूथब्रश और जीभ क्लीनर बदल लेना चाहिए। ऐसा करने से दोबारा संक्रमण की संभावना कम हो जाती है।

लक्षण दिखने के 20 दिनों के बाद बदलें टूथब्रश व टंग क्लीनर
डॉ. कोले की मानें तो हमें लक्षण मिलने के 20 दिनों के बाद अपने टूथब्रश व जीभ क्लीनर को बदलना चाहिए| उन्होंने यह भी बताया कि मुंह में छिपे वायरस या बैक्टीरिया को समाप्त करने का सबसे अच्छा उपाय है गर्म पानी के साथ नमक की कुछ मात्रा मिलाकर कुल्ला करना। इसके लिए कई प्रकार के माउथवॉश और बेताडाइन गार्गल भी मार्केट में उपलब्ध है।

संक्रमित व्यक्ति से निकलकर वायरस आसपास के सतह को करती है दूषित
डॉ कोले ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वायरस की छोटी बूंदें संक्रमित व्यक्ति के मुंह से खांसी, छींक आदि के माध्यम से निकलकर आसपास की सतहों को दूषित कर देती है। इस दौरान सतर्कता ज़रूरी है।

किसी भी प्रकार की असावधानी संक्रमित कर सकता है।

गुटका व पान मसाला सेवन करने वाले सतर्क
डॉ कोले के अनुसार नियमित रूप से गुटका, पान मसाला, खैनी, सिगरेट, बीड़ी आदि का सेवन करते हैं तो सावधन हो जाइए। इससे दांत, मुंह के रोगों की समस्या तो बढ़ेगी ही साथ ही कोरोना को भी दावत दे रहे हैं। मुंह में ये चबाते समय लार का स्राव अधिक होने से बार-बार थूकना पड़ता है।बीड़ी और सिगरेट से फेफड़ा कमजोर होगा। ऐसे में लोग अगर कोरोना से संक्रमित होते हैं तो उनपर कोरोना वायरस अपना अधिक प्रभाव डालता है। इस लिए इस दौर में गुटका, पान मसाला, खैनी, सिगरेट, बीड़ी आदि के सेवन से बचते हुए नियमित दिनचर्या, बेहतर खानपान, दांतों की सफाई पर विशेष ध्यान दें। दांत की बीमारी से खून, हृदय, मधुमेह, गुर्दा , सांस संबंधित समस्या भी बढ़ने की संभावना हो जाती है। इससे बचाव के लिए मुंह की सफाई व कभी-कभी दांत के मसूड़े की मालिस हल्दी को ग्लिसरीन में मिलाकर करनी चाहिए।

चिकित्सक की परामर्श से लें दवा
डॉ कोले ने कहा दांत में दर्द होने पर दवा व एंटीबायोटिक का प्रयोग अपने दंत चिकित्सक से परामर्श कर ले सकते हैं। आजकल बच्चों में भी यह सब बीमारी बहुत आम हो चली है। इसका बचाव भी खानपान एवं दांतों की सफ़ाई से किया जा सकता है। बताया कि कोरोना से बचाव ज़रूरी ह,. इसलिए सदा मास्क पहनें। हाथ को साफ रखें इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी कोरोना प्रोटोकॉल का अनुपालन ज़रूरी है।

Check Also

• आयुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित… 

🔊 Listen to this   • आयुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की …