Breaking News

भाकपा(माले) के राज्यव्यापी आवाहन पर जिला में दर्जनों जगह विरोध दिवस आयोजित।

 

भाकपा(माले) के राज्यव्यापी आवाहन पर जिला में दर्जनों जगह विरोध दिवस आयोजित।

भाकपा(माले) जिला कार्यालय में मनाया गया विरोध दिवस।

पंचायत सरकार के कार्यकाल को 6 महिना बढ़ाते हुए सारा कार्यभार पंचायत प्रतिनिधि को सौपा जाय – माले

कोविड को देखते हुए पंचायत चुनाव को 6 महीना आगे बढ़ाया जाए- माले

निर्वाचित जनप्रतिनिधि पंचायतों पर थोपे जा रहे नौकरशाही फरमान के खिलाफ आवाज को बुलंद करें – माले

दरभंगा पंचायतों को नौकरशाही के हाथों सौपने के खिलाफ भाकपा(माले) के राज्यव्यापी आवाहन पर आज जिला दर्जनों जगहों पर विरोध दिवस मनाया गया। इस विरोध दिवस में पंचायत प्रतिनिधि बसंतपुर पंचायत के मुखिया कुमारी नीलम, बहादुरपुर देकुली के मुखिया नंदलाल ठाकुर, पिररी पंचायत के मुखिया तीलिया देवी, सरपंच, सदर पंचायत समिति केशरी कुमार यादव,सहित अन्य समिति, वार्ड सदस्य, वार्ड पंच के अलावा भाकपा(माले) कार्यकर्ताओ ने भाग लिया।
इस अवसर पर मांग किया गया कि पंचायतों के कार्यकाल 6 महीने के लिए आगे बढ़ाने, पंचायत चुनाव की अवधि 6 महीना के लिए आगे बढ़ाने, पंचायतों के अधिकार को नौकरशाहों के हाथों में सौपना बन्द करने, कोविड महामारी से मुकाबला के लिए पंचायतो का अधिकार बढ़ाने, पंचायत के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बन्द किया जाय।

कार्यक्रम भाकपा(माले) जिला कार्यालय में वरिष्ठ नेता आर के सहनी के नेतृत्व में आयोजित की गई। इस अवसर पर लक्ष्मी पासवान, शिवन यादव, गंगा मंडल, आइसा जिला अध्यक्ष प्रिंस राज में भाग लिया। वही दूरी ओर केवटी में भाकपा(माले) जिला सचिव बैद्यनाथ यादव के नेतृत्व में विरोध दिवस मनाया गया।
इसके साथ ही बहादुरपुर, हायाघाट, सदर, बिरौल, केवटी सहित अन्य प्रखंडों में कार्यक्रम आयोजित की गई।

इस अवसर पर वरिष्ठ नेता आर के सहनी ने कहा कि आज पूरा बिहार कोरोना महामारी से जूझ रहा है। और सरकार इस आपदा में अवसर की तालाश कर रही हैं। आज जब इस कोरोना महामारी में सभी पंचायत प्रतिनिधि अपने अपने पंचायतों में कोरोना महामारी से जूझ रहे है और उस समय सरकार पंचायत प्रतिनिधि के अधिकारों पर हमला कर रही है। उन्होंने कहा कि आज वक्त की मांग है कि कोरोना काल मे पंचायत चुनाव को 6 महीना आगे बढ़ाया जाए। विदित हो कि पंचायत सरकार का कार्यकाल 15 जून को खत्म हो रहा है। और सरकार चुनाव कराने के बदले नौकरशाहों कें हाथो पंचायतों को सौपना चाहती है जिसे भाकपा(माले) बर्दास्त नही करेगी और इसके खिलाफ जनांदोलन को तेज करेगी।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि पंचायतों पर नौकरशाही कब्जा का दबदबा से जनता को बचाने के लिए आगे आकर आंदोलन का हिस्सा बनने का आवाहन किया।

वही भाकपा(माले) जिला सचिव बैद्यनाथ यादव में कहा कि आज जब पूरा बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई है। पंचायतों में उप स्वास्थ्य केंद्र बंद पड़े है। इस स्थिति में पंचायत सरकार को फण्ड देकर इस बीमारी से लड़ने के लिए और मुक्कमल बनाने की जरूरत है। लेकिन सरकार पंचायत सरकार पर अफसरशाही-तानाशाही को सौप रही है और उसके अधिकारों को छिनने का काम कर रही है। इस कोविड महामारी में पंचायतों के अधिकारों को बढ़ाना चाहिए ताकि पंचायत सरकार भी कोरोना बीमारी से लार सके लेकिन नीतीश कुमार लोकतांत्रिक अधिकारों की हत्या कर रही है। जिसे कभी बर्दास्त नही किया जाएगा। उन्होने सरकार से साफ तौर पर मांग किया कि 6 महीना तक पंचायत चुनाव टालकर पंचायत सरकार का कार्यकाल को आगे बढ़ाया जाए।

Check Also

• आयुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित… 

🔊 Listen to this   • आयुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की …