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आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना :भवन और अन्य निर्माण श्रमिकों (बीओसीडब्ल्यू) का बनेगा गोल्डन कार्ड

आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना :भवन और अन्य निर्माण श्रमिकों (बीओसीडब्ल्यू) का बनेगा गोल्डन कार्ड

•श्रमिकों का आयुष्मान कार्ड भी गरीब मरीजों की तर्ज पर मुफ्त में बनाया जाएगा
•5 लाख का मुफ्त मिलेगा स्वास्थ्य बीमा
•श्रमिकों का सूचीबद्ध अस्पतालों में ही बनेगा गोल्डन कार्ड

दरभंगा news 24 live अजित कुमार सिंह मधुबनी सहित राज्य के सभी जिलों में सरकार पुल, पुलिया, भवनों सहित अन्य निर्माण कार्यों में जुटे लगभग 15.50 लाख से अधिक निर्माण श्रमिकों को अब आयुष्मान भारत योजना का लाभ देगी। आयुष्मान योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक कुमार प्रियरंजन ने बताया जो लोग श्रम कानून के तहत निबंधित किए गए हैं। उन्हीं श्रमिकों को आयुष्मान योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया इस योजना के तहत श्रमिकों के परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। सरकार ने यह व्यवस्था की है कि श्रमिकों का आयुष्मान कार्ड भी आसानी से बनकर तैयार हो जाए। यह कार्ड बनाने के लिए लाभार्थियों को लेबर कार्ड और आधार कार्ड जरूरी होगा। कार्ड आयुष्मान गोल्डन योजना के तहत इंपैनल्ड (सूचीबद्ध) सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में ही बनाया जाएगा।

 

श्रमिकों का आयुष्मान कार्ड भी गरीब मरीजों की तर्ज पर मुफ्त में बनाया जाएगा:

आयुष्मान भारत के जिला कार्यक्रम समन्वयक कुमार प्रियरंजन ने बताया आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से केंद्र सरकार गरीब, उपेक्षित परिवार और शहरी गरीब लोगों के परिवारों को स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराना चाहती है।आयुष्मान भारत योजना को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भी कहा जाता है। यह योजना देश के गरीब लोगों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा देना है।

किसे मिलता है योजना का लाभ:

प्रियरंजन ने बताया, 2011 में सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना हुआ था । जिसमें पात्रता के आधार पर लाभार्थी की सूची भारत सरकार के द्वारा ही तैयार की गयी है। नई योजना के तहत भवन और अन्य निर्माण श्रमिकों (बीओसीडब्ल्यू) के श्रमिकों का भी आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाया जाना है।आयुष्मान गोल्डन कार्ड सुरक्षा योजना दुनिया का सबसे बड़ा स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है. आयुष्मान भारत योजना के जो लोग लाभार्थी हैं वह सीएससी सेंटर पर जाकर कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। कार्ड की पात्रता के लिए नए परिवार का नाम नहीं जुड़ सकता है, परंतु जो परिवार का नाम सूची में है और उनके यहां उनके परिवार के नए सदस्य का नाम जोड़ा जा सकता है-जैसे शादी होने के बाद पत्नी बच्चे का नाम जोड़ा जा सकता है।

जिले में 5 अस्पताल हैं सूचीबद्ध:

जिले में योजना अन्तर्गत जिले के सभी सरकारी अस्पताल सूचीबद्ध हैं एवं निजी अस्पतालों में मधुबनी मेडिकल कॉलेज, क्रिप्स हॉस्पिटल, आस्था सर्जिकल, मां उग्रतारा नेत्रालय एवं हरसन हॉस्पिटल सूचीबद्ध हैं। राज्य स्तरीय समीक्षा में निर्देश दिया गया है कि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लाभार्थियों को मुफ्त इलाज मुहैया करवाया जाय।

गोल्डेन कार्ड बनवाने के लिए लाभुकों को चाहिए ये कागजात :

जिला आईटी मैनेजर प्रभाकर रंजन ने बताया गोल्डेन कार्ड बनाने के लिए बीपीएल राशन कार्ड एवं प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना का पत्र जरूरी है। इसके बिना गोल्डन कार्ड यानी आयुष्मान भारत कार्ड नहीं बन सकता है। बीपीएल कार्ड धारक प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना का पत्र ब्लॉक में कार्यरत आशा कार्यकर्ता से आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

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