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दरभंगा DMCH बचाओ जनस्वास्थ्य अभियान के आवाहन पर आयोजित एक दिवसीय प्रतिवाद

सुपर स्पेशियलिटी वार्ड को चालू करने सहित अन्य मांग को लेकर आइसा का प्रतिवाद।

DMCH को बर्बाद करने वाले स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे को बर्खास्त करे -मुख्यमंत्री-संदीप

सीनियर डॉक्टरों को अस्पताल में बैठने को प्रेरीत करे अस्पताल प्रशासन- प्रिंस राज

4 बच्चों के मौत की उच्चस्तरीय जांच कराते हुए दोषी डॉक्टर पर करवाई हो- विशाल माझी

दरभंगा news24live अजित कुमार सिंह

दरभंगा DMCH बचाओ जनस्वास्थ्य अभियान के आवाहन पर आयोजित एक दिवसीय प्रतिवाद के माध्यम से आज आइसा के द्वारा  DMCH में बने नव निर्मित सुपर स्पेशियलिटी वार्ड के समक्ष प्रदर्शन किया गया। इस अवर पर DMCH सुपर स्पेशियलिटी वार्ड को चालू करने, डॉक्टर-कर्मचारी- नर्स की बहाली करने, Dmch की नियमित साफ सफाई करने, DMCH में सीनियर डॉक्टर की बैठने की गारंटी करने, कोविड से मरने वाले सभी परिजन को 10 लाख रुपया मुआवजा देने, DMCH में लगातार हुए 4 बच्चे के मौत की उच्च स्तरीय जांच कराते हुए दोषी डॉक्टर पर कारवाई करने, सहित अन्य मांगों को उठाया गया।
इस अवसर पर राजू कर्ण की अद्यक्षता में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए आइसा राज्य सह सचिव संदीप कुमार चौधरी ने कहा कि वर्तमान की भाजपा-जदयू की सरकार DMCH को बर्बाद करने और तुली है। स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर मंगल पांडे लापरवाह बने हुए है। सरकार को थोड़ा भी बिहार के जनता के प्रति टेंशन नही है।
जनता स्वाथ्य व्यवस्था, दबाई, डॉक्टर के बिना मौत हो रही है। आज बिहार सरकार DMCH को बर्बाद करने और तुली हुई है। सुपर स्पेशियलिटी वार्ड को 2018 में ही बनकर तैयार होना था लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था के लापरवाही के कारण अभी तक शुरू नही हुआ। सरकार DMCH के अस्तित्व को खतरे में डालना चाह रही है जिसे मिथिलांचल की जनता बर्दास्त नही करेगी और इसके खिलाफ आवाज को बुलंद करेगी।
वही आइसा जिला अध्यक्ष प्रिंस राज में कहा कि आज डॉक्टर-नर्स- कर्मचारी के बिना पंचायतों में स्वास्थ्य उप केंद्र बंद पड़ा हुआ है। जिसके चलते आज DMCH ओर ज्यादा वजन और रहा है। सरकार स्वास्थ्य उप केंद्र को खोलने के प्रति गभीर नही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रके भी डॉक्टर की संख्या पूरा नही है। साथी ही साथ दवाई की भी व्यवस्था
नही है। आज स्थिति यह है की सीनियर डॉक्टर सरकारी अस्पताल में समय देने के बदले अपने निजी क्लिनिक पर ज्यादा ध्यान देते है। जिसके कारण और व्यवस्था चरमरा गई है। अस्पताल में सीनियर डॉक्टर को देख मरीज को अपने आप मे संतुष्टि मिलती है लेकिन सीनियर डॉक्टर अस्पताल जाते ही नही है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से मांग किया कि सीनियर डॉक्टरो की समय सारणी बनाकर उन्हें अस्पताल में बैठने को लेकर प्रेरित किया जाय।
वही आइसा नेता विशाल माझी ने कहा कि DMCH बच्चा वार्ड में प्रत्येक 6 घंटे के अंतराल में 4 बच्चे की मौत हो गई लेकिन DMCH प्रशासन अभी भी गंभीर नही है। सीनियर डॉक्टर मृत्यु के बाद कुछ बयान देकर अपने आप को निर्दोष साबित करने के लगे हुए है।
उन्होंने सरकार से मांग किया कि DMCH में हुए 4 बच्चे के मौत की उच्च स्तरीय जांच करते हुए दोषी डॉक्टर पर करवाई की मांग की।

इस अवसर पर मोहम्मद सहाबुद्दीन, सिदार्थ राज, आमिर एकलाख, राहुल राज सहित कई लोग शामिल थे।

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