तम्बाकू छोड़े, विजेता बने – डॉ रविकांत सिंह
हमारे लिए हर दिन तम्बाकू निषेध दिवस
तम्बाकू से सिर्फ कैंसर ही नहीं नाखून और बाल छोड़ मनुष्य के हर अंग को करता है प्रभावित

मधुबनी विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के मौके पर दिनांक 31 मई वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस के दौरान होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र मुजफ्फरपुर और 16 जिले के अपर अधीक्षक सह सहायक मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गैर संचारी रोग (एन सी डी ओ) ने भाग लिया। सभी ने तम्बाकू निषेध के लिए हर सम्भव प्रयत्न तथा इसे कार्यान्वित करने का प्रण लिया। होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डॉ रविकांत सिंह ने कहा कि कैंसर स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान को 16 जिलों में शुरुआत की गई है। 40% कैंसर सिर्फ तम्बाकू एवं तम्बाकू युक्त पदार्थ के सेवन से होता है। बिहार में सबसे ज्यादा मुंह का कैंसर होता है जिसमें 90% कैंसर तम्बाकू आदि के सेवन से होता है। कैंसर किसी का इंतजार नहीं करती है। तम्बाकू को किसी भी रूप में सेवन करने से मनुष्य का कम से कम 10 वर्ष आयु कम हो जाती है। तम्बाकू से सिर्फ कैंसर ही नहीं नाखून और बाल छोड़कर ये मनुष्य के हर जगह को प्रभावित करता है। बिहार में 40% कैंसर सिर्फ तम्बाकू के सेवन के कारण होता है । ज्यादातर लोग तम्बाकू का सेवन 17 उम्र से लेकर 22 उम्र तक के लोग ही शुरू करते है। ज्यादातर सेवन साथियों के दबाव के कारण ही शुरू होती है। जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी खराब हो जाती है। मुंह के कैंसर से ग्रसित 70 से 80 % लोगों की मृत्यु हो जाती है।
भारत सरकार ने हेल्पलाइन नंबर किया है जारी:
भारत सरकार ने इसके लिए एक हेल्पलाइन नो. भी जारी किया है 1800-11-2356 पर फोन करने पर टाटा कैंसर अस्पताल की तरफ से 1 साल तक फ्री काउंसिलिंग की जाती है।वही होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र मुजफ्फरपुर के डॉ गूँजेश ने बताया कि बिहार में होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र मुजफ्फरपुर ने इस 3 महीने में 1250 मरीज को देखा है जिसमें से 150 नए मरीज है और 20 से ऊपर बड़ी सर्जरी की गई है। अगर हमलोग कम उम्र और वयस्कों में तम्बाकू जागरूकता अभियान चलाएंगे तो इसका फायदा मिलेगा। जागरूकता के कारण लोग अगर जल्दी स्क्रीनिंग कराते है तो उसमें से 70% कैंसर के मामले कम हो सकते है। बिहार में कैंसर के ज्यादा मामले स्टेज 4 में आते है और तम्बाकू सेवन के कारण फिर उनमें से 70 से 80% लोगों को हम बचा नहीं पाते है। इसीलिए “तम्बाकू छोड़ें, जागरूक बने।”
16 जिलों में चलाया जा रहा है कैंसर स्क्रीनिंग व जागरूकता अभियान:
होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र मुजफ्फरपुर 16 जिलों में कैंसर स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान चला रही है जिससे कैंसर के लक्षण को ही चिन्हित कर उसका सही समय पर उपचार किया जा सके। ये जिला है वैशाली, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, समस्तीपुर, बेगूसराय, सिवान, पटना, भोजपुर, गया, औरंगाबाद, भागलपुर, नालंदा, बक्सर और जहानाबाद है।
वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनसीडीओ रखी अपनी राय:
औरंगाबाद जिला के एन सी डी ओ के.एन प्रताप ने कहा कि हम पहले से ही जिले में जागरूकता अभियान चला रहे है लेकिन होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र मुजफ्फरपुर का साथ मिल जाने से यह काम काफी आसान हो गया है। उम्मीद है कि हम तम्बाकू के खिलाफ अपनी योजनाओं को सुदृढ़ रूप से कार्यान्वित कर पाएंगे।
गया जिले के एनसीडीओ डॉ. फिरोज़ ने कहा कि कैंसर स्क्रीनिंग के लिए एक कमरे का चयन हो गया है अब हम कैंसर और तम्बाकू के खिलाफ सामुदायिक स्तर पर जागरूकता अभियान चला सकेंगे। दरभंगा जिले के एनसीडीओ डॉ सतेंद्र कुमार ने इस मौके पर कहा कि हमलोगों को सबसे पहले अपने घर से तम्बाकू छोड़ने की शुरुआत होगी, फिर हम तम्बाकू छोड़ने के लिए किसी ओर को कह सकते हैं। ऐसा नियम हो कि सरकारी संस्थाओं में तम्बाकू सेवन करने वालों कोई जगह नहीं होनी चाहिए। मधुबनी के एनसीडीओ डॉ. एस. पी सिंह ने कहा कि “घर में दीया जलाएं, फिर बाहर दीया जलाएं।” यानी तम्बाकू निषेध करने की शुरुआत अपने घर से करें फिर आसपड़ोस के लोगों को रोकें उससे ही तम्बाकू मुक्त बिहार हो पायेगा। पटना के एनसीडीओ डॉ रजनीश ने कहा कि होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र के साथ काम करने से तम्बाकू निषेध करने की योजना को एक दिशा मिल गयी है। सामाजिक स्तर पर इसके भयावहता को बताकर लोगों को जागरूक करने से तम्बाकू सेवन में कमी आएगी। बक्सर जिले के एनसीडीओ डॉ संजय कुमार ने कहा कि तम्बाकू रोकथाम की सबसे बड़ी बाधा यह है कि खुद 40% स्वास्थ्यकर्मी खुद तम्बाकू का सेवन करते है। हम स्कूलों के साथ जुड़कर तम्बाकू रोकथाम के लिए काम करेंगे क्योंकि स्कूल के समय से ही बच्चे अगर उसकी दुप्रभाव को समझ जाएं तो आने वाले 20 से 25 साल में तम्बाकू सेवन करने में मामले में अत्यधिक कमी देखने को मिलेगी। भोजपुर जिले के एनसीडीओ प्रवीण सिन्हा ने कहा कि तम्बाकू का सेवन कोविड के समय अत्यधिक खतरनाक है। उससे संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा है।
इस कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ रविकांत सिंह ने किया और उपस्थित अथितियों अभिनन्दन किया।
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