गर्म व तेज धूप में घर से बाहर निकलना खतरनाक, हीटस्ट्रोक से जा सकती है जान
• बहुत अधिक देर तक खाली पेट रहना लू लगने का है कारण
• मधुमेह व बीपी की दवा खाने वाले हीटस्ट्रोक के प्रति रहें सावधान

मधुबनी यास तूफान का असर कम होने के बाद जिला में तापमान में लगातार तेजी से इजाफा हो रहा है. इसके साथ ही गर्म हवा व चिलचिलाती धूप का प्रभाव काफी है. ऐसे में लू लगने की काफी मामले दिखते हैं. लू लगने के कारण मौत भी हो जाती है. हीटस्ट्रोक या लू से बचने के लिए सर्तकता व जानकारी जरूरी है. खानपान सहित धूप में बाहर जाने के दौरान सावधानियां बरतें ताकि कोई अनहोनी नहीं हो. शरीर में पानी की कमी इसका मुख्य कारण है. इसके अलावा गर्म हवा और धूप में लगातार काम करने या बाहर निकलने, गर्म मौसम में अधिक कपड़े पहनने, शराब का सेवन करने आदि से भी लू लगता है. अधिकतर हीट स्ट्रोक के मामलों उन लोगों के साथ देखा गया है जो बिना तरल पदार्थ लिये या खाली पेट बहुत अधिक देर तक गर्म व तेज धूप में रहते हैं. शिशुओं, छोटे बच्चों व बुजुर्गों सहित गर्भवती महिलाओं के लिए विशेषतौर पर सर्तकता बरतने की जरूरत होती है. इसके अलावा मधुमेह, मानसिक बीमारी, ब्लड प्रेशर की दवा का सेवन करने वालों के प्रति भी हीट स्ट्रोक को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है.
सर्तकता व जानकारी रख करें हीटस्ट्रोक से बचाव:
सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने बताया लू लगने से बचने के सर्तकता व जानकारी जरूरी है. सुबह 11 बजे से 3 बजे तक घर से बिल्कूल बाहर नहीं निकलें. यदि बाहर निकलना बहुत जरूरी हो तो पूरी तैयारी के साथ निकलें ताकि हीटस्ट्रोक से बचा जा सके.
लू से बचने के लिए इन उपायों का करें पालन:
• दोपहर के समय घर से बाहर नहीं निकलें
• खाली पेट अधिक देर तक बाहर नहीं रहें
• खाना में सुपाच्य और हल्के भोजन ही लें
• सूती के बने हुए ढीले व हल्के कपड़े पहनें
• शराब व कैफीन आदि के सेवन से बचें
• खूब पानी पियें, इलेक्ट्राल का इस्तेमाल करें
• छाते, टोपी या तौलिये से खुद को ढंकें
हीटस्ट्रोक का हो असर तो रखें ध्यान:
हीटस्ट्रोक का असर होने पर व्यक्ति को बुखार आ जाता है. इसके साथ ही उल्टी व दस्त की शिकायत होती है. ऐसे में मरीज का बुखार कम करने के लिए तुरंत पारासिटामोल दवा व उल्टी व दस्त होने पर नमक, चीनी व पानी या ओआरएस का घोल देना चाहिए.
लू लगने पर क्या करें:
• लू से पीड़ित व्यक्ति को ठंडे पानी से नहलायें.
• व्यक्ति के शरीर पर पानी से भिगोकर कपड़ा लपेट दें.
• अधिक से अधिक बार पानी व ओआरएस पिलायें.
• आवश्यक पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें.
• बेल या नींबू का शर्बत लाभकारी है.
• कच्चे आम का शर्बत बना कर पियें.
• पानी में नींबू और नमक मिलाकर पियें.
• पानी में ग्लूकोज मिलाकर पीते रहें.
• कच्चे आम के लेप से तलवों की मालिश करें.
लू लगने के लक्षणों की बारे में जानें:
• सिर व बदन में तेज दर्द
• कमजोरी व चक्कर आना
• मतली या जी मिचलाना
• सांस लेने में परेशानी
• पल्स का तेज चलना
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