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डॉ दिनेश ने निजी जमीन पर एक हजार एक पौधा लगाये जाने का लिया संकल्प

डॉ दिनेश ने निजी जमीन पर एक हजार एक पौधा लगाये जाने का लिया संकल्प

वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पौधारोपण कर डॉ प्रभाकर पाठक ने की अभियान की विधिवत शुरुआत

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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सीएम साइंस कॉलेज के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ दिनेश प्रसाद साह ने शनिवार को लक्ष्मीसागर स्थित अपने निजी जमीन पर एक हजार एक पौधा लगाये जाने के अभियान की शुरूआत की। इस अवसर पर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पूर्व मानविकी संकाय अध्यक्ष सह पूर्व पीजी हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ प्रभाकर पाठक एवं दरभंगा जिला भाजपा के पूर्व अध्यक्ष हरि सहनी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित हुए।
कोरोना के मानक का पूर्ण रुप से पालन करते हुए वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पौधारोपण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ डॉ प्रभाकर पाठक ने किया। मौके पर उन्होंने उद्गार व्यक्त करते कहा कि ‘चांद पर भी चढ़ गया हूं, बहुत आगे बढ़ गया हूं, पर भूल गया हूं यह कि आज कितना पड़ गया हूं…’। उन्होंने इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक एवं अनुपम बताते कहा कि डॉ दिनेश मेरे प्रियतम शिष्य रहे हैं। वे पढ़ाई लिखाई के अलावे सामाजिक सरोकार से भी इस प्रकार की रुचि रखते हैं, यह देखकर मैं अभिभूत हो रहा हूं। उन्होंने कहा कि एक पेड़ लगाना 10 पुत्र के समान होता है और इन्होंने एक हजार एक पेड़ लगाने का संकल्प लेकर अति प्रशंसनीय कार्य किया है। उन्होंने रामायण और महाभारत के अनेकानेक वनों के संदर्भ को उद्धृत करते कहा कि दुनिया में अच्छा और बुरा लोगों की दृष्टि पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि राजा दशरथ यदि राम को वनवास ना भेजते और राम अपने पिता की आज्ञा मानकर वनों में नहीं गये होते तो रावण जैसे आतताई का अंत नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि वनों का महत्व आदि काल से रहा है, आज भी है और कल भी रहेगा। हम यदि संकल्पबद्ध होकर शादी, मुंडन, उपनयन या जन्मदिन के अवसर दस-दस वृक्ष लगाने के लिए कृत संकल्प हो जाएं तो हमारी धरती फिर से हरी भरी होकर ‘हरित वसुंधरा’ कहलाएगी। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि ‘कुछ करके दिखाओ ऐसा, इतिहास जगमगाए। पृथ्वी हरी भरी हो जाए, आकाश मुस्कुराए…’
मौके पर हरी सहनी ने कहा कि मनुष्य धरती का वह श्रेष्ठतम प्राणी है, जिसके लिए सृष्टि के हित का चिंतन सर्वोपरि है। स्वस्थ जीवन एवं सृष्टि के संतुलन में वृक्षारोपण का महत्व सबसे बढ़कर है।लेकिन यह बहुत ही दुखद है कि जिस रूप में आबादी बेतहाशा बढ़ रही है, उसी रूप में हम पेड़ों की कटाई कर रहे हैं और इसका दुष्परिणाम हमारे सामने है।
इसलिए डॉ दिनेश जैसे महान लोगों की सोच को सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ाया जाना समय की मांग है।
डॉ दिनेश प्रसाद साह ने आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज संपूर्ण विश्व का पर्यावरण अत्यधिक दूषित हो गया है और इस पर्यावरण को संरक्षित एवं सुरक्षित रखने का सबसे कारगर उपाय इस पृथ्वी को हरा भरा बनाये रखना है और यह तभी हो सकता है जब पृथ्वी के प्रत्येक व्यक्ति यह संकल्प लें की एक पेड़ काटने से पूर्व हम कम से कम दस वृक्ष अवश्य लगाएंगे।कार्यक्रम में संजय कुमार मिश्र, रामानंद मंडल, सौरभ कुमार झा, अरुण कुमार, संजय साह, डाॅ सुभद्रा साह, रतन सिंह, रत्नेश, सोनू कुमार आदि की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

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