Breaking News

सी एम कॉलेज,दरभंगा तथा माय होम इंडिया,मुंबई के द्वारा “विद्यापति की जन्मस्थली बिस्फी : मुद्दे एवं चुनौतियाँ” विषयक वेबीनार आयोजित

सी एम कॉलेज,दरभंगा तथा माय होम इंडिया,मुंबई के द्वारा “विद्यापति की जन्मस्थली बिस्फी : मुद्दे एवं चुनौतियाँ” विषयक वेबीनार आयोजित

मुख्य अतिथि के रूप में बिस्फी के विधायक हरिभूषण ठाकुर तथा मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व विधान पार्षद कामेश्वर चौपाल ने किया संबोधन

सर्वाधिक मधुर भाषा मैथिली युक्त मिथिला के कण-कण में ईश्वर तथा जन-जन में ज्ञान-विज्ञान का वास- हरिभूषण ठाकुर

हमारी चेतना का केन्द्र बिस्फी से हो संस्कार-संस्कृति, शिक्षण-प्रशिक्षण तथा स्वास्थ्य सेवा के प्रेरक कार्य- कामेश्वर चौपाल

अमूल्य धरोहर के रूप में विद्यापति के साहित्य का बंगाल,उड़ीसा,असम तथा हिंदी भाषी क्षेत्रों पर काफी प्रभाव- प्रो विद्यानाथ

बिस्फी में हो समृद्धि पुस्तकालय की स्थापना तथा विद्यापति की समस्त रचनाओं का हो संकलन- प्रो विश्वनाथ
मिथिला विश्व की सर्वाधिक मधुर भाषा है,जिसके कण-कण में ईश्वर तथा जन-जन में ज्ञान-विज्ञान का वास है। प्राचीन काल से ही भारत शिक्षा,संस्कृति और संस्कार के लिए प्रसिद्ध रहा है। मिथिला क्षेत्र की सभ्यता व संस्कृति इतनी विकसित थी कि देवगण भी लालायित रहते थे। बिस्फी के विकास में अनेक चुनौतियाँ हैं,पर हमें मिलकर इसे आगे बढ़ाना है।उक्त बातें बिस्फी के विधायक हरिभूषण ठाकुर ने सी एम कॉलेज,दरभंगा तथा माय होम इंडिया,मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में “कविकोकिल विद्यापति की जन्मस्थली बिस्फी : मुद्दे एवं चुनौतियाँ” विषयक वेबीमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में कहा। यद्यपि बिस्फी काफी उपेक्षित रहा है,पर अब हमलोग सेवा,त्याग तथा सामूहिकता से इसका नवनिर्माण करेंगे।
मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व विधान पार्षद कामेश्वर चौपाल ने कहा कि संपूर्ण मिथिला तपोभूमि है,जहां सीता-जन्मस्थली,शक्तिपीठ उज्जैन,अहिल्यास्थान,गौतम आश्रम,यगवनस्थल तथा विद्यापति जन्मस्थली बिस्फी आदि का अपना खास महत्व है, जहां से हमेशा ज्ञान-विज्ञान का प्रकाश मिलता रहा है। हमारी चेतना का केंद्र बिंदु बिस्फी से शिक्षा-संस्कार,सेवा-संस्कृति, शिक्षण-प्रशिक्षण तथा स्वच्छता-स्वास्थ्य जेसे प्रेरक कार्य हो।उन्होंने विद्यापति के विभिन्न भाषाओं में रचित ग्रंथों की चर्चा करते हुए कहा विद्यापति की कालजई रचनाओं की तुलना में बिस्फी को उचित सम्मान नहीं मिला है।उन्होंने सी एम कॉलेज द्वारा गोद लेने को बिस्फी के विकास में एक नवजागरण मानते हुए योजनाओं के माध्यम से समुचित विकास पर बल दिया। जहाँ उत्तम शिक्षा,निस्वार्थ सेवा, समुचित संस्कार तथा बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था हो।
सम्मानित अतिथि के रूप में एमएलएसएम कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य प्रो विद्यानाथ झा ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि अमूल्य धरोहर के रूप में विद्यापति के साहित्य का बंगाल, उड़ीसा,असम तथा हिंदी भाषी क्षेत्रों पर काफी प्रभाव पड़ा है। आज बिस्फी में विद्यापति स्मारक तथा साहित्यिक माहौल बनाने की जरूरत है।
अध्यक्षीय संबोधन में सी एम कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो विश्वनाथ झा ने कहा विद्यापति की कई रचनाओं का मधुर गायन करते हुए कहा कि बिस्फी में समृद्ध पुस्तकालय की स्थापना तथा विद्यापति की समस्त रचनाओं का संकलन होना आवश्यक है।वास्तव में विद्यापति की रचनाओं को महिलाएं एवं किसान-मजदूरों ने जीवंत रखकर जनसामान्य में प्रसिद्ध बनाया। उन्होंने विशेषकर गरीब,दलित व वंचितों के लिए रोजगारपरक प्रशिक्षण की व्यवस्था की आवश्यकता बताते हुए आमलोगों के लिए शिक्षा,स्वास्थ्य,स्वच्छता तथा जागरूकता हेतु अनवरत प्रयास करने की आवश्यकता बतायी। प्रधानाचार्य में जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों,प्रशासनिकों तथा सामाजिक लोगों के सहयोग से बिस्फी के लिए एक मास्टर प्लान बनाने का आह्वान करते हुए रवीन्द्र संगीत की तरह विद्यापति के गीतों को संग्रह कर विद्यापति संगीत के विकास हेतु एक महाविद्यालय की स्थापना की मांग की।
कार्यक्रम में जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय,नई दिल्ली के संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ जयप्रकाश नारायण,संस्कृत विश्वविद्यालय से डा प्रवीण शेखर झा,आर बी जालान कॉलेज से डा शंभू मंडल,एमएमटीएम कॉलेज से डा शिशिर कुमार झा,डा त्रिलोक कुमार झा,राहुल कुमार महतो सहित एक सौ व्यक्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का प्रारंभ शांभवी तानिया के गोसावनी गीत-जय जय भैरवी असुर भयावनी— से हुआ,जबकि विषय प्रवेश संस्कृत विभागाध्यक्ष डा आर एन चौरसिया ने किया। तदोपरांत पटना से रोहित महतो ने माय होम इंडिया के विविध क्रियाकलापों तथा उद्देश्यों की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर भारत के लोगों के प्रति दुर्भावना को दूर करना,उन्हें सहायता करना, नामांकन आदि करवाना तथा गरीब व भटके बच्चों को उनके घर तक पहुंचाना,राष्ट्रीयता को बढ़ावा देना,रक्तदान व स्वास्थ्य शिविर आदि का आयोजन करना संस्था का मुख्य कार्य है। तकनीकी सहायता अनिकेत शर्मा ने प्रदान किया। डा आर एन चौरसिया के स्वागत व संचालन में आयोजित वेबीनार में धन्यवाद ज्ञापन माय होम इंडिया के सामाजिक कार्यकर्ता एवं कार्यक्रम के संयोजक सुधांशु शेखर ने किया।

Check Also

• आयुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित… 

🔊 Listen to this   • आयुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की …