कोरोना काल में बच्चों के स्वास्थ्य पर दें विशेष ध्यान- डॉ ओम प्रकाश
संक्रमण के दौर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए खानपान में पोषक तत्व ज़रूरी

दरभंगा कोरोना महामारी की दूसरी लहर में संक्रमण के मामले अब काफी हद तक कम हो गए हैं। इस बीच कई दिनों से कोरोना की तीसरी लहर के आने की बात भी की जा रही है। कहा जा रहा है कि तीसरी लहर बच्चों के लिए बेहद ही नुकसानदायक खतरनाक साबित हो सकती है। इस संबंध में डीएमसीएच के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ ओम प्रकाश ने कहा हालांकि दिल्ली स्थित एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने हाल ही में यह कहा था कि इसका अभी कोई संकेत नहीं मिला है कि कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए नुकसानदायक खतरनाक होगी। उन्होंने कहा था कि तीसरी लहर में बच्चों को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, वो तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। वहीं, कई अन्य विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर पहली और दूसरी लहर की तुलना की जाए, तो दूसरी लहर में कोरोना से संक्रमित होने वाले बच्चों का आंकड़ा लगभग दोगुना हो गया है। ऐसे में इस बात से इनकार भी नहीं किया जा सकता कि कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण नहीं बढ़ सकता है। इसलिए बेहतर होगा कि बच्चों का खास ख्याल रखा जाए और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) इम्यूनिटी को मजबूत बनायी या जाए, ताकि वायरस से वो लड़ सकें। आइए जानते हैं कि बच्चों की इम्यूनिटी को कैसे बढ़ाया जा सकता है…
बच्चों को मौसमी सीजनल फल-सब्जियां खिलाएं
डॉ प्रकाश ने कहा बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए उनके खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। उनके भोजन में मौसमी सीजनल फल और सब्जियों को शामिल करें। इससे उनकी इम्यूनिटी को और भी मजबूती मिलेगी। चूंकि फिलहाल गर्मी का मौसम है, ऐसे मे बच्चों को आम, अमरूद, आंवला, ब्रोकली आदि चीजें खिला सकते हैं। बताया बच्चों को आंवला और नींबू आदि की चटनी या अचार खिला सकते हैं या फिर मुरब्बा भी दिया जा सकता है। बच्चों को खट्टी-मीठी चीजें अधिक पसंद आती हैं। इससे उनकी इम्युनिटीइम्यूनिटी को भी मजबूती मिलेगी।
समय पर नाश्ता और खाना खिलाएं :
बच्चों की इम्युनिटी इम्यूनिटी को मजबूती तभी मिलेगी, जब उन्हें नाश्ते से लेकर खाने तक, सबकुछ समय पर मिले। समय पर खाना और हेल्दी खाना सिर्फ बच्चे ही नहीं, बल्कि सभी के लिए जरूरी होता है। इससे शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिलती है। बच्चों को आप नाश्ते में मैगी, पास्ता जैसी चीजें देने की बजाय घर पर बनी चीजें खिलाएं। आप उन्हें घी या गुड़ के साथ रोटी, ताजी हरी पत्तेदार सब्जी और हलवा आदि खिला सकते हैं। इसके अलावा दाल एक ऐसा आहार है, जो पौष्टिक होने के साथ-साथ स्वादिष्ट भी होता है। यह प्रोटीन, विटामिन और खनिज से भरपूर होता है। इसलिए बच्चों को रोजाना दाल जरूर खिलाना चाहिए। इससे न सिर्फ शरीर को ऊर्जा मिलती है, बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी भी मजबूत होती है।
बच्चों का टीकाकरण चक्र पूरा कराएं, इम्युनिटी बढ़ेगी
डॉ प्रकाश ने बताया बच्चों की इम्युनिटी की नींव गर्भावस्था से ही पड़ने लगती है। गर्भवती महिला को रूटीन चेकअप के दौरान पोषक व संतुलित आहार लेने की सलाह दी जाती है। कोरोना से यूं तो हर आयु वर्ग के लोग संक्रमित हुए हैं, बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होना बहुत जरूरी है। जन्म से लेकर पांच साल की आयु तक लगने वाले टीके, बच्चों को तमाम तरह की बीमारियों से बचाते हैं। रोगों से लड़ने के लिए शरीर में इम्यूनिटी मजबूत होती है। कहा कोरोना काल में बच्चों की खुराक (डाइट) से लेकर व्यायाम तक अभिभावकों को ध्यान देना होगा।
जन्म के बाद दिलाएं बीसीजी और हेपेटाइटिस बी का टीका
डॉ प्रकाश के अनुसार जन्म के बाद 24 घंटे के अंतराल में बच्चे को बीसीजी और हेपेटाइटिस बी का टीका तथा ओपीवी वैक्सीन मिल जानी चाहिए। ये डोज बच्चे को टीबी रोग, पीलिया और पोलियो से बचाव करती है। पैंटावैलेंट वैक्सीन बच्चों को डिप्थीरिया, काली खांसी, टेटनस, हेपेटाइटिस बी यानि पीलिया से बचाव करता है। यह टीका डेढ़ से ढ़ाई माह के अंतराल में लग जाना चाहिए। एमआर का टीका मीजल्स (खसरा) और रूबेला (जर्मन खसरा) से बचाता है। 9-12 माह की आयु में यह टीका लगना चाहिए। किसी कारण चूक गए हैं तो 15 वर्ष तक के बच्चों को टीका लगवा सकते हैं। रोटा वायरस की खुराक बच्चों को डायरिया से बचाव करती है। यह खुराक 6वें, 10वें और 14वें सप्ताह में दी जाती है। जेई का टीका बच्चों को जापानी बुखार से बचाता है। यह 9-12 माह की आयु तक लगना चाहिए। पीसीवी यानि न्यूमोकोकल कॉन्जगेट वैक्सीन बच्चों को निमोनिया से बचाती है। यह बच्चे को जन्म के 6वें, 14वें और तीसरी डोज नौ माह की आयु में मिल जानी चाहिए।
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