कोरोना संक्रमण के दौरान साफ़ सफाई में फ्रंटलाइन वर्कर सफ़ाई कर्मियों का करें सहयोग

•कोविड संक्रमित का कचरा उठाते वक्त रहें सर्तक
•थोड़ी सी असावधानी से फैल सकता संक्रमण
•हमेशा सरकारी दिशा निर्देशों का करें अनुपालन
दरभंगा कोरोना वायरस अपने साथ बहुत सारी चुनौतियां लेकर आया है। उनमें से एक है कोरोना संक्रमितों की वजह से निकलने वाला कचरा और उसका निपटान। कोविड-19 के ट्रीटमेंट, डायग्नोसिस और क्वारंटाइन के दौरान तमाम तरह की चीज़ों का इस्तेमाल होता है। इन चीजों के इस्तेमाल के बाद इनका निस्तारण ही सबसे बड़ी समस्या है। कोविड-19 के ट्रीटमेंट, डायग्नोसिस और क्वारंटाइन के दौरान तमाम तरह की चीज़ों का इस्तेमाल होता है। डीएमसीएच के कोरोना नोडल ऑफिसर डॉ. अहसन हमीदी ने बताया सरकारी दिशा-निर्देश के मुताबिक आइसोलेशन वार्ड्स, कलेक्शन सेंटर्स, टेस्टिंग लैब में कोविड वेस्ट के लिए अलग नियम हैं और क्वारंटाइन सेंटर्स और होम क्वारंटाइन के लिए अलग नियम हैं। कहा आइसोलेशन वार्ड्स, कलेक्शन सेंटर्स, टेस्टिंग लैब: सरकारी दिशा-निर्देश के मुताबिक, कोविड-19 वेस्ट के लिए अलग-अलग रंग के और डबल-लेयर्ड बैग या डिब्बे रखे जाने चाहिए। उन पर साफ़ तौर पर लेबल लगा होना चाहिए। जिन ट्रॉली से कोविड वेस्ट ले जाया जा रहा, उन्हें किसी दूसरे कचरे के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। जो सैनिटेशन स्टाफ कोविड-19 के कचरे को हैंडल कर रहा है, उन्हें किसी और ड्यूटी पर या दूसरे कचरे को हैंडल करने के लिए नहीं लगाया जाना चाहिए। कहा संक्रमण के मद्देनजर फ्रंटलाइन वर्कर जोखिम में अपना कार्य कर रहे है। हम सब का दायित्व है कि उनका सहयोग करें। इसके अलावा होम क्वारंटाइन: जो घर पर हैं, उन्हें बायोमेडिकल वेस्ट अलग करके पीले बैग में रखना होगा। फिर ये कचरा, स्थानीय प्रशासन द्वारा नियुक्त किए गए वेस्ट कलेक्शन स्टाफ को दे देना होगा।
सफाई कर्मी का रखे ख्याल:
गाइडलाइन्स ये भी कहती हैं कि जो कर्मचारी वेस्ट की हैंडलिंग और कलेक्शन के काम में लगे हैं। उन्हें पीपीई दी जानी चाहिए, जिसे वो हर वक्त पहनकर रखें। इसमें थ्री-लेयर मास्क, गाउन, हेवी-ड्यूटी ग्लब्स, गम बूट्स, सेफ्टी गोगल मिलनी चाहिए। कचरा उठाते वक्त ध्यान रखें ये बात अगर घर में कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है तो साफ-सफाई जितनी जरूरी है उतनी ही जरूरी उसका कचरा उठाते वक्त बरती जाने वाली सावधानियां। आइए जानते हैं कौन सी सावधानियां बरतना है जरूरी। 1. कोरोना पॉजिटिव मरीज, जिस भी चीज का इस्तेमाल करता है उसके कूड़े को ज्यादा देर न पड़ा रहने दें। ध्यान रखें कि कोई भी चीज खुली हवा में न रहे क्योंकि ये आपके और आपके परिवार के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं। 2-मास्क, सैनिटाइजर और ग्लब्स जैसे मेडिकल अपशिष्ट को एक अलग कंटेनर में ही रखें। भूलकर भी इसे घर के दूसरे कचरे के साथ न मिलाएं। 3-इस बात का ध्यान रखें कि मरीज जो भी कूड़ा किसी बाल्टी या फिर कंटेनर में डाल रहा है उसका मुंह बंद हो या फिर उसपर ढक्कन लगा हो। 4-कोविड मरीज का कचरा उठाते वक्त इस बात का खास ख्याल रखें कि जैसी ही कचरे की थैली आधी से ज्यादा भर जाए उसे तुरंत सील कर दें। इस तरीके से इसे फैलने से रोका जा सकता है। 5- जैसे ही कचरे की थैली को पैक कर लें उसके ठीक बाद अच्छी तरह से साबुन या फिर हैंडवाश से हाथ धोना न भूलें 6-कोरोना मरीज का कचरा आपके कचरे से न मिले और न ही दूसरे किसी व्यक्ति के कचरे से इसलिए आपको कचरे की थैली का रंग पीला रखना चाहिए। साथ ही इस थैली को कभी भी कचरे वाले को ना दे दें।
ऑफिस खुलने के बाद कुछ नियमों का करना होगा पालन:
लाकडाउन के समाप्ति के बावजूद कोरोना प्रोटोकॉल का अनुपालन करें। सरकार द्वारा कर्मचारियों को दिए गए निर्देशों में थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजेशन शामिल है। इसमे अपने सहकर्मियों से सोशल डिस्टेंसिंग और मुंह को मास्क से ढकना भी पड़ेगा। अपने साथ हैंड सैनिटाइजर या पेपर सोप और पानी जरूर रखें। घर से बाहर निकलने से पहले फेस मास्क पहनना जरूरी है। अपने चेहरे को फेस शील्ड से भी ढक सकते हैं। लंच, पानी की बोतल और जरूरी दवाएं साथ रखें। अपने साथ अपनी जरूरत की चीजों जैसे कि ईयरफोन, चार्जर, पॉवर बैंक और लैपटॉप का चार्जर आदि जरूर रखें। इससे किसी और से इन चीजों को लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।अगर ऑफिस में चाय और कॉफी पीने की आदत है तो अपने साथ घर से ही टी बैग्स वगैरह लेकर निकलें। ऑफिस की पैंट्री की चीजें इस्तेमाल करने से बचें। इसके अलावा कार या स्कूटर के जिन हिस्सों पर लोगों का हाथ सबसे ज्यादा लगने की संभावना है, उन्हें छूने से पहले साफ जरूर करें।
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