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संभावित तीसरी लहर को ले स्वास्थ्य विभाग सचेत डीएमसीएच माइक्रोबायोलॉजी विभाग के वरीय चिकित्सक की राय

बिहार में डेल्टा प्लस वैरिएंट का मामला नहीं : डॉ अहसन हमीदी

संभावित तीसरी लहर को ले स्वास्थ्य विभाग सचेत
डीएमसीएच माइक्रोबायोलॉजी विभाग के वरीय चिकित्सक की राय

दरभंगा एक बार फिर कोरोना की तीसरी लहर को लेकर संशय की स्थिति है। डेल्टा प्लस वैरिएंट के रूप में इस बार कोरोना की तीसरी लहर आने के संकेत मिल रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार देश में डेल्टा प्लस वैरिएंट के कुल 48 केस मिले हैं। इनमें सबसे अधिक महाराष्ट्र में 20 संक्रमित पाए गए हैं।  डीएमसीएच के माइक्रोबायोलॉजी के वरीय चिकित्सक सह कोरोना नोडल ऑफिसर डॉ हसन हमीदी ने बताया कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग सचेत है। इस क्रम में डेल्टा प्लस वैरिएंट की जांच के लिए बिहार में कोरोना संक्रमितों से संग्रह किये गये 50 सैंपलों को जांच के लिए भुवनेश्वर भेजा गया है। डॉ हमीदी ने बताया स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य में अभी तक डेल्टा प्लस वैरिएंट का कोई भी मरीज नहीं पाया गया है। बीते शुक्रवार को सैंपल भेजने के बाद रिपोर्ट आने पर ही पता चलेगा कि राज्य में यह वैरिएंट आया है अथवा नहीं।
क्या है डेल्टा प्लस वैरिएंट
डॉ हमीदी ने कहा विशेषज्ञों की मानें तो यह नया वैरिएंट डेल्टा या बी.1.617.2 वैरिएंट के म्यूटेशन के बाद बना है। जिसे डेल्टा प्लस (एवाई.1) भी कहा जा रहा है। दरअसल, डेल्टा वैरिएंट की स्पाइक प्रोटिन में के417एन म्यूटेशन जुड़ जाने का कारण यह डेल्टा प्लस वैरिएंट में तब्दील हो चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार यह पहले के वैरिएंट के मुकाबले और संक्रामक है, जो लोगों को तेजी से संक्रमित कर सकता है। हालांकि, वैज्ञानिक लगातार इसके प्रभाव को जानने में लगे हुए हैं।
डेल्टा प्लस वेरिएंट के लक्षण
नोडल ऑफिसर ने बताया स्वास्थ्य मंत्रालय की मानें तो डेल्टा प्लस पहले वाले वैरिएंट की तुलना में ज्यादा संक्रामक है। यह फेफड़े की कोशिकाओं में पहले के मुताबिक ज्यादा मजबूती से चिपक सकता है।

फेफड़ों को ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। यह हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को कमजोर भी कर सकता और उसे चकमा भी दे सकता है। डेल्टा प्लस वैरिएंट की चपेट में आने वालों में काफी गंभीर रूप से खांसी, जुकाम और कोल्ड देखने को मिली है।

इससे सिरदर्द, गले में खराश, नाक बहना जैसे आम लक्षण तो संभव है ही बाकी लक्षण विशेषज्ञ लगातार जानने में जुटे हुए हैं। उनका मानना है कि केस के बढ़ने के साथ लक्षण और सामने आ सकते हैं।
डेल्टा प्लस वैरिएंट से कैसे बचें_-
-जरूरत न हो तो घर से बाहर न जाएं
-अगर बहुत जरूरी हो तो मास्क पहन कर ही निकलें, कोशिश करें डबल मास्क पहनें.
-बाहर सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करें, 6 फीट की दूरी बनाएं रखें
-दिन भर में कई बार हाथों को 20 सेकेंड के लिए साबुन से धोना न भूलें
-घर या अपने आसपास को स्वच्छ रखें, नियमित रूप से डिसइंफेक्ट करते रहें
-बाहर से कोई समान मंगवा रहे तो उसे भी डिसइंफेक्ट करके ही इस्तेमाल करें
-सामूहिक कार्यक्रम न करें
-टेस्टिंग को देश में और बढ़ाना होगा
-वैक्सीनेशन की संख्या भी बढ़ानी होगी

वैक्सीन डेल्टा प्लस वैरिएंट पर है प्रभावी –
भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग की मानें तो कोविशील्ड और कोवैक्सीन कोविड के अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा जैसे सभी वैरिएंट के खिलाफ प्रभावी है। हाल ही में हुए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के अध्ययन के अनुसार, एस्ट्राजेनेका और फाइजर बायोएनटेक द्वारा सामूहिक रूप से बनाए गए कोविड वैक्सीन भी डेल्टा और कप्पा वैरिएंट के खिलाफ व्यापक रूप से कार्य करता है।

कोरोना से बचाव को लें टीका-
कोरोना से बचाव के लिए उचित व्यवहार के साथ ही विभागीय प्रोटोकॉल का अनुपालन करें। मास्क पहनें । हाथ को लगातार साबुन से साफ करें। बिना ज़रूरत के बाहर न निकलें । अतिआवश्यक होने की स्थिति में ही बाहर निकलें । भीड़ भाड़ में न जाएं । लाकडाउन छुटने के बावजूद सतर्कता ज़रूरी है। कोरोना का खतरा बरकरार है। हर हाल में कोरोना से बचाव के लिए टीका ज़रूर लें। किसी प्रकार की चिकित्सकीय मदद के लिए निकट के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सम्पर्क करें।

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