डीएम के सामने बाढ़ पीड़ितों का भीषण बारिस के बावजूद हुआ आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन।
बाढ़ पीड़ितों ने डीएम के गेट को घण्टो किया जाम
डीएम ने मीटिंग से उठकर सुना आंदोलनकारियों की मांग डीएम ने एक सप्ताह में निपटारा का दिया आश्वासन

लहेरियासराय 14 आंशिक बाढ़ प्रवाभित पंचायतों को पूर्ण प्रवाभित घोषित करने, गरीबों को हर हालत में बाढ़ राहत देने की गारंटी करने, प्रशासन के बाढ़ प्रवाभित पंचायतों के सूची से छूटे हुए पंचायतों के क़ई गांव बाढ़ से प्रवाभित रहें जैसे प्रेमजीवर पंचायत के बलहा- बेदीपट्टी, बांकीपुर, पुरखोपट्टी का दो वार्ड, हरपट्टी पंचायत का चक्का, डरहार नहर किनारे बसे दलित-गरीब, खैरा का नोनिया टोल, रामभद्रपुर का मुशहरी, उघरा गांव का निभा टोल, पासवान टोल, पँसिहा आदि जहाँ बाढ़ का पानी घरों में था उन गांवों को बाढ़ राहत देने जिला स्तरीय बाढ़ अनुश्रवण समिति व प्रखण्ड स्तरीय बाढ़ अनुश्रवण समिति की बैठक अविलम्ब करवाने, विस्थापित परिवारों को पॉलीथिन शीट देने, माल-मवेशी के लिए चारा का संकट झेल रहे पशुपालकों को पशुचारा का प्रबंध करने, रदद् राशनकार्ड को विशेष शिविर लगाकर राशन कार्डों को पुनः चालू करवाया जाय, जर्जर व खतरनाक हो चुके बहादुरपुर प्रखण्ड जाने का मुख्य सड़क को अविलंब बनाने, बहादुरपुर प्रखंड में गरीबों के खाद्यान्न की भयंकर लूट पर रोक लगाने आदि मांगो को लेकर भाकपा(माले) बहादुरपुर प्रखण्ड कमिटी के बैनर तले हजारों बाढ़ पीड़ितों ने भीषण बारिश के बावजूद डीएम के समक्ष आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन भाकपा(माले) राज्य कमिटी सदस्य अभिषेक कुमार, जिला स्थायी समिति सदस्य नंदलाल ठाकुर, खेग्रामस जिलाध्यक्ष जंगी यादव, पूर्व प्रमुख हरि पासवान, मुखिया कुमारी नीलम, गणेश महतो, विनोद सिंह, प्रवीण कुमार, सुनीता देवी, कोमलकांत यादव आदि के नेतृत्व में पोलो मैदान से निकलकर जेल रोड़, लोहिया चौक, लहेरियासराय टॉवर होते हुए डीएम के गेट को हिलाने लगे और जमकर बाढ़ राहत के सवाल पर नारा लगाने लगे। गेट पर ही हरि पासवान की अध्यक्षता में आयोजित सभा को सम्बोधित करते हुए भाकपा(माले) राज्य कमिटी सदस्य अभिषेक कुमार ने कहा कि बाढ़ ने इस बार आम जन-जीवन को समग्र रूप से प्रवाभित किया हैं। लगातार एक महीने से बारिश व उसके बाद नदी के उपलाने से क़ई इलाकों में बाढ़ आई। बहादुरपुर प्रखण्ड के पशिचमी 5 पंचायत मनियारी, सिमरा-नेहालपुर, जलवार, तारालाही व ओझौल पंचायत और पूर्वी क्षेत्र के पिरडी पंचायत जिसके बीचों-बीच कमला नदी बहती हैं बाढ़ में इन पंचायतों के अधिकांश गांव टापू में तब्दील हो गया। डीडीसी साहब ओझौल पंचायत के कोठिया, तरौनी गांव में जाने का प्रयास किये लेकिन भर जांघ पानी होने के कारण रास्ते से ही लौट आये। तारालाही पंचायत का धरनिपट्टी, धनैला, चांडी गांव, एकमी में लोगों के घरों में इतना पानी था कि लोग विस्थापित होकर माल-मवेशी के साथ सड़क पर थे। लेकिन इस बार बाढ़ राहत की बात तो दूर इन विस्थापित परिवारों को एक अदद पॉलीथिन शीट भी उपलब्ध नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि बाढ़ की विपदा उन लोगों से पूछिये जिन्हें अपने माल-मवेशी के लिए चारा के लिए इधर-उधर भटकते हुए लहेरियासराय, लहेरियासराय स्टेशन पर बाढ़ के एक महीने बाद भी आज दिख जाते हैं। इस बार बाढ़ ने बहादुरपुर प्रखण्ड के सभी पंचायतों के धान के फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। कोरोना की वजह से पिछले 4 महीने के लॉकडाउन और फिर बाढ़ ने गरीबों के रीढ़ ही तोड़ दिया हैं। और उसके बाद भी बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन द्वारा आंशिक-पूर्ण के नाम पर गरीबों को राहत से वंचित किया जा रहा हैं। इसको बाढ़ पीड़ित बर्दाश्त नहीं करेंगे। खेग्रामस जिलाध्यक्ष जंगी यादव ने कहा कि डीएम साहब खुद बाढ़ के आने तीसरे दिन पिरडी नवटोलिया गए थे नवटोलिया गांव पूरा डूबा हुआ था, पिरडी गांव में रोड़ पर पानी बह रहा था, पिरडी पंचायत का ये आखिरी छोड़ तहस उस समय धोई टिनहीँ पुल के तरफ से छपरार पूरा टापू बना हुआ था, पिरडी घाट के तरफ से कमलपुर-ब्रह्मोत्तरा के जाने के तरफ रोड़ पर सर से उपर पानी बह रहा था।लेकिन इस पंचायत को आशिंक कर दिया गया। बाद में अंचल निरीक्षक, पंचायत सचिव कृषि सलाहकार ने बाढ़ का आंकलन करके कहा कि पंचायत पूर्ण प्रवाभित हैं। इस रिपोर्ट के साथ अंचलाधिकारी ने जिला से मार्गदर्शन मांगा 15 दिन हो गया लेकिन जिला से कोई मार्गदर्शन नहीं देने की वजह राहत गरीबों का फंसा हुआ हैं। जिला स्थायी समिति सदस्य नंदलाल ठाकुर ने कहा कि इस बार बाढ़ राहत बचाव को लेकर प्रशासन की गम्भीरता इसी से लगाया जा सकता हैं कि अभी तक न जिला में और न ही प्रखण्ड में बाढ़ अनुश्रवण समिति की बैठक भी नहीं कराया गया। प्रदर्शन को बसतपुर पंचायत के मुखिया कुमारी नीलम, पिरडी पंचायत के तिलिया देवी, दामोदर पासवान, कोमलकांत यादव, कैलाश पासवान, शिवशंकर लाल देव्, समतोला देवी, जीवक्षी देवी, जगदीश महतो, सविता कुमारी, आदि लोगों ने सम्बोधित किया। डीएम से माले प्रतिनिधमंडल की वार्ता हुई जिसमें डीएम साहब ने एक सप्ताह में बाढ़ पीड़ितों के सवाल को हल करने का आश्वासन दिया।
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