नए बिहार के तीन आधार, शिक्षा स्वाथ्य रोजगार नारा के आइसा का 5वां जिला सम्मेलन सम्पन्न।
25 सदस्यीय कमिटी के प्रिंस राज जिला अध्यक्ष व मयंक यादव सचिव चुने गए।
समाज को वैसी शिक्षा चाहिए जो मनुष्य को तर्क और वैज्ञानिकता लैस मनुष्य बनाये- प्रो सुरेंद्र सुमन
समान स्कूल शिक्षा प्रणाली को लागू करे सरकार – मोख्तार

दरभंगा नए बिहार के तीन आधार, शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार, मिथिलांचल में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना सहित अन्य नारो के साथ आज आइसा का पांचवा जिला सम्मेलन आज कुँवर सिंह महाविद्यालय में सम्पन्न हुई। सम्मेलन में उद्घाटन सत्र का संचालन आइसा जिला अध्यक्ष प्रिंस राज ने किया।
सम्मेलन का उदघाटन करते हुए जसम के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य प्रो सुरेंद्र प्रसाद सुमन ने कहा कि समाज को वैसी शिक्षा चाहिए जो मनुष्य को तर्क और वैज्ञानिकता लैस मनुष्य बनाएं। वर्तमान समय में जो नई शिक्षा नीति 2020 लाया गया है जिसमें पूरे शिक्षा व्यवस्था को निजीकरण में तब्दील करने का शत प्रतिशत प्रयास किया जा रहा है।
वर्तमान समय में केंद्र व राज्य की सरकारें शिक्षा व्यवस्था में बर्बाद करने में तुली हुई है, हमारे शिक्षा व्यवस्था को तर्क और वैज्ञानिकता से लैश करने बदले अंधविश्वास और मिथ्या को बढ़ावा दे रही है।
वर्तमान समय की मांग है की अपने वर्तमान व भविष्य के छात्र-नौजवानों को भविष्य को बचाने के लिए व शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की बदहाली के खिलाफ आगें आएं।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि आइसा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह बिहार प्रदेश अध्यक्ष मोख्तार ने कहा कि मोख्तार ने कहा कि अन्याय और समाज मे व्याप्त गैरबराबरी के खिलाफ न्याय के लिए आवाज़ बुलंद करने का नाम है आइसा, लड़ो पढ़ाई करने को-पढ़ो समाज बदलने को मुख्य नारों के साथ छात्र संगठन आइसा छात्र-छात्राओं को गोलबंद कर अपने साथ जोड़ने और संघर्ष तेज़ करने का काम करती है।
आइसा के मुख्य मांगों में से एक हमेशा से रहा है की देश में समान स्कूल प्रणाली आयोग को लागू किया जाएं। लेकिन देश में जो भी केंद्र व राज्य में सरकारें आई छात्र आंदोलन के प्रमुख मांग समान स्कूल प्रणाली आयोग के मुद्दे पर उदासीन है।
हमारी मांग है कि हमारे देश में दो तरह की शिक्षा व्यवस्था नहीं चलेगी, गरीबों के लिए कुछ और अमीरों के बच्चों के लिए कुछ और यह नहीं चलेगा।
कोविड के तीसरे दौर में प्रवेश कर चुके है वही पिछले दिनों हमलोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली के कारण हमने अपनों को खोया है।
लेकिन हम देख रहे है कि वर्तमान की सरकारें अभी भी स्वास्थ्य के मोर्चे पर मौन है। समय की मांग है कि हम छात्र-नौजवानों को एकजुट होकर वर्तमान समय में व्याप्त शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की बदहाली के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष तेज़ करें।
वही भाकपा(माले) जिला स्थायी समिति सदस्य नंदलाल ठाकुर ने कहा है कि देश का चौमुखी विकास शिक्षा व्यवस्था को ठीक किए बिना हम कल्पना नहीं कर सकते। विश्वगुरु का सपनें दिखाने वाली सरकार, शिक्षा व्यवस्था को ठीक करने के बजाएं बर्बाद करने का अभियान चला रही है।
वर्तमान समय में जो सड़ी-गड़ी व्यवस्था के खिलाफ छात्र-नौजवानों को आगे आना होगा और अपने शिक्षा के मौलिक अधिकार को बचाने के लिए एकजुट होकर संघर्ष तेज़ करना होगा।
आइसा के राज्य सह सचिव संदीप कुमार चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय में देश का हर तबका अपने-अपने बुनियादी मांगों को लेकर संघर्षों में है।
वही दूसरी तरफ तमाम जनआंदोलनों की मांगों को पूरा करने के बजाए निरंतर दमन जारी है।
छात्र-नौजवान शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अधिकारों पर बढ़ते हमले के खिलाफ संघर्षरत है। देश में बेरोजगारी चरम पर है पिछले तमाम बेरोजगारी के आंकड़ों ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
ऐसे में सरकार बेरोजगारों को नौकरी देने के बजाए लाठी-गोली चलाकर छात्रों को जेलों में ठूस रही है। बेरोजगारी के खिलाफ छात्र-नौजवान केंद्र व राज्य की सरकार की गलत नीतियों का मुंहतोड़ जवाब देगा।
इनौस के जिला अध्यक्ष केशरी कुमार यादव ने कहा कि यह सम्मेलन बेहद संकट के दौर में हो रहा है। आइसा शुरू से ही बेहतर शिक्षा और सम्मानजनक रोजगार के लिए लड़ता रहा है। जब वर्तमान समय मे लगातार नीतीश-मोदी सरकार शिक्षा और रोजगार पर हमला कर रही है, वर्तमान समय मे हम सभी छात्र-नौजवानों को बेरोजगारी के खिलाफ अपने शिक्षा और रोजगार के अधिकार को बचाने के लिए संघर्ष तेज़ करना होगा।
इस अवसर पर इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद ने कहा कि… ऐसे में जब पूरा देश जबरदस्त संकट के दौर से गुजर रहा है वही विश्वविद्यालय प्रशासन से लेकर राज्य व केंद्र की सरकार छात्र-नौजवानों की समस्याओं पर उदासीन दिख रही है, शिक्षा व्यवस्था को ठीक करने बजाएं लूट तंत्र में तब्दील करने में आमादा है।
मिथिलांचल के छात्रों के भविष्य पर हम हमला नहीं सहेगें, आइसा मिथिला विश्वविद्यालय में व्याप्त शैक्षणिक और प्रशासनिक अराजकता के खिलाफ आइसा संघर्ष करते रहा है और आगें भी लड़ते रहेगा।
इस अवसर पर वक्ता के तौर पर भकाप(माले) जिला कमिटी सदस्य हरि पासवान, भूषण मंडल, कर्मचारी नेता कुमार अभिषेक, आइसा के राज्य उपाध्यक्ष सुनील कुमार ने संबोधित किया।
सम्मेलन में पर्यवेक्षक के तौर आइसा के राज्य उपाध्यक्ष वतन कुमार थे।
सम्मेलन से 25 सदस्यीय कमिटी का चुनाव किया गया जिसके अध्यक्ष प्रिंस राज, व सचिव मयंक कुमार यादव चुने गए।
इस अवसर पर नव निर्वाचित जिला अध्यक्ष प्रिंस राज ने कहा कि वर्तमान की केंद्र व राज्य सरकार के चलते मिथिलांचल के लोग उपेक्षा के शिकार बने हुए है। मिथिलांचल में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना मिथिलांचल में एम्स की स्थापना पर राजनीति हो रही है लेकिन अभी तक सिर्फ अखबार में ही मामला दौर रहा हैं । उन्होने कहा कि मिथिलांचल में केंद्रीय विश्वविद्यालय व एम्स की स्थापना को लेकर आइसा मुहिम चलाएगी।
नव निर्वाचित जिला सचिव मयंक कुमार यादव ने कहा कि संगठन को अब प्रखंड व कॉलेज स्तर पर मजबूत कर छात्र आंदोलन को तेज किया जाएगा।
5 वीं जिला सम्मेलन से जिला अध्यक्ष व सचिव के अलावा जिला सह सचिव के रूप में राजू कर्ण, ओनम सिंह, अभिषेक कुमार और उपाध्यक्ष के रूप में सबा रौशनी, शम्स तबरेज़, चंदन आज़ाद, राहुल राज कार्यालय सचिव संदीप कुमार के अलावे जिला कमिटी सदस्य के रूप में पंकज सदा , रोहित कुमार अभिषेक कुमार, जय देव प्रवासी, जगदम्बा प्रसाद, ललन यादव, पारस कुमार, ललन कुमार , साजन कुमार निखिल कुमार को चुना गया।
सम्मेलन में कई प्रखंड व कई कॉलेज के छात्र-छात्रा भाग लिए।
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