Breaking News

कोरोना वारियर्स के रूप में काम करने को लेकर 79 लैब टेक्नीशियन को मिला कोरोना योद्धा सम्मान

कोरोना वारियर्स के रूप में काम करने को लेकर 79 लैब टेक्नीशियन को मिला कोरोना योद्धा सम्मान

•कोरोना मरीजों की कर चुके हैं आरटीपीसीआर एवं एंटीजन जांच।
•कोविड- 19 महामारी के दौरान सैम्पलिंग कार्य में किया सराहनीय कार्य
•सिविल सर्जन कार्यालय में प्रशस्ति पत्र देकर कोरोना योद्धा के रूप में किया गया सम्मानित

मधुबनी कोरोना वायरस संक्रमण की जांच सुनिश्चित करने को लेकर जिले में कार्यरत 79 लैब टेक्नीशियन को 15 अगस्त के मौके पर सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा के द्वारा प्रशस्ति पत्र व गुलाब का फूल देकर सम्मानित किया गया। लैब टेक्नीशियन कोरोना फेज-1 से फेज-2 तक संदिग्ध कोरोना मरीजों के आरटीपीसीआर व एंटीजन जांच कार्य में लगे हुए हैं। इन लैब टेक्नीशियन के द्वारा साल 2020 के अप्रैल माह से लगभग जिले में 10 लाख से अधिक कोरोना संदिग्ध मरीजों की जांच की गयी है। लैब टेक्नीशियन मो. इस्मतुल्लाह उर्फ़ गुलाब कहते हैं, रमजान के पाक माह में रोजा रखता हूं, रोजा का मतलब ही मानव सेवा होता है। पिछले साल भी रोजा रखकर संदिग्ध मरीजों की जांच की थी,। बताते हैं कि कोरोना संक्रमण वायरस की जांच लेते समय पीपीई किट पहन तथा कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना होता है। सैंपलिंग के दौरान पीपीई किट पहनना होता है। निश्चित रूप से इसे पहनना आसान नहीं है, मुश्किल है। परेशानी वाला है, लेकिन पहनने के बाद आप बाकी लोगों से अलग दिखते हैं तो अपनी काबिलियत और काम के प्रति जिम्मेदारी का एहसास होता है। कई बार घंटों पीपीई किट पहने रहना पड़ता है,गर्मी के दिनों में पीपीई कीट पहनकर सैंपलिंग करना काफी कठिन होता है।
दो बार हुए कोरोना संक्रमित, जिले में सबसे ज्यादा लोगों को की कोरोना जांच:
राजनगर पीएचसी में कोविड-19 जांच करने वाले लैब टेक्नीशियन मो. इस्मतुल्लाह उर्फ़ गुलाब ने बताया आम इंसान होने के नाते कोरोना संक्रमित होने का डर तो बना रहता था परंतु अपने कार्य के प्रति समर्पण की भावना वह मानव सेवा के उद्देश्य से डर को दरकिनार कर पीपीई किट की पहनकर कोविड-19 सैंपलिंग की । शुरुआती दौर में माता-पिता, पत्नी, बच्चे से तो दूर रहना ही पड़ा। इसके अलावा समाज भी मुझसे वह मेरे परिवार से दूर भागते फिरा लगा कि समाज से मैं सपरिवार बहिष्कृत हूं। हालांकि समय बीतने के साथ-साथ धीरे-धीरे डर खत्म हुआ एवं मेरे कार्य के प्रति समाज का नजरिया फिर बदला। इसी क्रम में कोविड फेज टू में गुलाब कोरोना संक्रमित भी हुए उनका ऑक्सीजन लेवल 90 तक पहुंच गया था। 2 दिन ऑक्सीजन भी लेना पड़ा लेकिन हमेशा सकारात्मक सोच रखा। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद 14 दिन पूरा होते ही ड्यूटी पर लौट आए| मालूम हो गुलाब पिछले साल भी पॉजिटिव हो गए थे वह जिले में सर्वाधिक कोरोना की जांच करने वाले लैब टेक्नीशियन में से एकहैं । उन्होंने बताया पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर घबराएं नहीं सिर्फ आवश्यक सावधानियां बरतें ताकि संक्रमण का फैलाव ना हो| उन्होंने बताया कि संक्रमण होने के बाद आत्मविश्वास कहीं ना कहीं कमजोर होता है। आत्मविश्वास कमजोर होने के बाद बीमारी जो आसानी से ठीक हो सकती है उसे ठीक होने में ज्यादा समय लगता है।

अब तक नहीं ली एक भी छुट्टी, सेवा ही धर्म है:

गुलाब ने बताया कोरोना संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए हर समय एक्टिव रहना पड़ता है। बीते वर्ष ईद के दिन भी छुट्टी नहीं ली, लगातार कोरोना संदिग्ध मरीजों का आरटीपीसीआर व एंटीजन जांच कर रहा हूं। मो. इस्मतुल्लाह उर्फ़ गुलाब ने बताया हमेशा खुश रहता हूं, इससे इम्युनिटी पर कोई असर नहीं पड़ता है। गुलाब ने जिले के प्रशासनिक समेत कई विभागों के वरीय अधिकारियों की कोरोना जांच ली है। जिसमें कई कोरोना पॉजिटिव भी पाए गए हैं। बताते हैं कि कोरोना जांच में जो वरीय पदाधिकारी पॉजिटिव पाए जाते थे, उन्हें मानसिक रूप से मजबूत रहने की सलाह भी देता था।

सिविल सर्जन ने लैब टेक्नीशियन के कार्यों को की सराहना:

सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने बताया लैब टेक्नीशियन को यह सम्मान जिला स्वास्थ्य समिति की तरफ से द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण के तहत जिला में घर-घर सर्वे एवं प्रवासी व्यक्तियों के स्वास्थ्य स्क्रीनिंग, सैंपलिंग में उत्कृष्ठ योगदान एवं कोरोना काल के दौरान उनके द्वारा कार्य का तत्परता से निष्पादन, कोरोना काल में कार्य की महत्ता को देखते हुए उनके अभूतपूर्व सहयोग के लिए दिया गया है।इनके इस अविस्मरणीय एवं सराहनीय योगदान की प्रशंसा करते हुए सिविल सर्जन ने बताया लैब टेक्नीशियन से कोरोना काल में हमें बहुत महत्वपूर्ण सहयोग मिला उसके बाद हमने इस लक्ष्य को प्राप्त किया। सिविल सर्जन ने कहा एक सप्ताह के भीतर डीसीएचसी एवं सीसीसी में बेहतर कार्य किये गए। चिकित्सकों एवं पारा मेडिकल कर्मियों को भी सम्मानित किया जायेगा। इस अवसर पर मौके पर मौजूद सिविल सर्जन डा0 सुनील कुमार के साथ एसीएमओ डा. आर. के.सिंह एवं लेखा प्रबंधक शिव कुमार उपस्थित थे ।
इन्हें मिला सम्मान:
मो0 इस्मतुल्लाह उर्फ़ गुलाब,जयनारायण,राजेश पासवान,राजन झा,संजय कुमार,मो0 परवेज़ खान,मो0 नाज़िम,वसीम अंसारी आदि।

Check Also

• आयुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित… 

🔊 Listen to this   • आयुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की …