बचपन बचाओ आंदोलन की पहल पर बाल श्रम से ऐसे मिली आजादी , अब इस गांव में मजदूरी नहीं करेंगे बच्चे
बाल समिति के बच्चों ने मनाया स्वतंत्रता दिवस, शोषण से मुक्ति दिलवा कर बच्चों को शिक्षा ग्रहण करवाने का लोगों ने लिया संकल्प

सीतामढ़ी:- डुमरा प्रखंड के बरहरवा गांव में बचपन बचाओ आंदोलन की ओर से गठित बाल समिति के द्वारा स्वतंत्रता दिवस परम्परागत एवं सादगी के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर गांव के वार्ड नंबर 17 में झंडा फहराया गया। यह झंडोत्तोलन कुछ खास था,गांव के बुजुर्ग व्यक्ति राजकुमार ठाकुर ने तिरंगा झंडा फहराया। ध्वजारोहण के बाद सभी ने मिलकर राष्ट्रगान गाया और देश के स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान देने वाले शहीदों को नमन किया। साथ ही स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सभी ने मिलकर सुरक्षित बचपन ,सुरक्षित गांव बनाने का संकल्प लिया। हमारी भारतीय संस्कृति में यह कहावत भी है कि बच्चों भगवान का रूप होते है।लेकिन बच्चों को शिक्षा से वंचित करने से बढ़कर कोई अपराध नहीं है ऐसे बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए और उन्हें शिक्षा से जोड़ने के लिए ग्रामीणों ने संकल्प लिया है गौरतलब है कि नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित श्री कैलाश सत्यार्थी जी की संगठन बचपन बचाओ आंदोलन के द्वारा गांव में लगातार बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा के लिए किए गए कार्यो एवं ग्रामीणों के सहयोग से अब वह दिन दूर नहीं जब बाल शोषण मुक्त गांव का दर्जा बरहरवा गाँव को मिलेगा ।यह गांव अब बाल शोषण मुक्त गांव बनने की ओर निकल पड़ा है संगठन के द्वारा ना सिर्फ गांव के बालश्रम के शिकार हुए बच्चों को आजाद करवाया गया बल्कि योजनाबद्ध तरीके से गांव के लोगों को जागरुक कर एवं बाल अधिकारों की जानकारी देकर एक क्रांतिकारी बदलाव गांव में लाया गया है , गांव के कुछ बच्चों को बाल श्रम के लिए बाहर भेज दिया गया था उनकी माताए बैठक आदि में शामिल होकर जागरूक हुई और अपने बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए गाँव वापस बुलवा लिया है गांव में बाल विवाह , बाल तस्करी पर पूर्णता लगाम लगा है साथ ही गांव में बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा के प्रति लोगों के बीच एक अनूठी जन – जागृति का भी माहौल बना है । स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोगों ने संकल्प लिया है कि अब हमारे गांव के बच्चे कभी मजदूरी नहीं करेंगे क्योंकि हम सब नहीं मानते की गुलामी की बेड़ियां आजादी की चाहत से ज्यादा मजबूत होती हैं। मौके पर बचपन बचाओ आंदोलन के सहायक परियोजना अधिकारी मुकुंद कुमार चौधरी, बाल संरक्षण समिति के सदस्य सरवन ठाकुर, शुभम राज सिंह, उपेंद्र ठाकुर ,मीरीया देवी, रेनू देवी ,कृष्णा देवी आदि मौजूद थे।
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