बचपन बचाओ आंदोलन की ओर से गठित बाल समिति ने सशस्त्र सीमा बल के जवानों के साथ मनाई राखी, एसएसबी के जवानों ने ट्रैफिकिंग रोकने का बाल समिति से किया वादा

सीतामढ़ी/ परिहार :-
देश की सीमा की सुरक्षा कर रहे देश के जवान रक्षाबंधन के अवसर पर अपनी कलाई पर बहनों से राखी नहीं बंधवा पाते हैं. देश की सुरक्षा के लिए जवान दिन-रात सीमा पर डटे रहते हैं. भारत नेपाल सीमा लालबंदी बॉर्डर स्थित एसएसबी केम्प में कई जवानों को राखी बांधी गई है.नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित श्री कैलाश सत्यार्थी कि संगठन बचपन बचाओ आंदोलन की ओर से सीतामढ़ी जिला के परिहार प्रखंड के दुबे टोला गांव के गठित बाल समिति के सदस्यों ने भारत- नेपाल सीमा लालबंदी बॉर्डर स्थित सशस्त्र सीमा बल के 51 वीं बटालियन के कैंप मे रविवार को पहुंचकर बाल समिति के सदस्यों ने सैनिकों को राखी बांधी. भाइयों ने भी उनकी रक्षा का संकल्प दोहराया.
एसएसबी के जवानों को बहनों ने माथे पर तिलक लगाकर राखी बांधी और उनसे आशीर्वाद लिया. जवानों ने उन्हें उपहार भी दिए. इस दौरान बहनों ने उन्हें मिठाई खिलाकर उनका मुंह भी मीठा करवाया। इस सुरक्षा के बंधन के अवसर पर बाल समिति ने एसएसबी के सब इंस्पेक्टर को बच्चों की बढ़ती ट्रैफिकिंग को रोकने का वचन मांगा, जिसके बाद ट्रैफिकिंग को रोकने के लिए एसएसबी के जवान एवं उपस्थित सदस्यों के द्वारा संकल्प लिया गया। इस अवसर पर एसएसबी के सब इंस्पेक्टर जेठा भाई, बचपन बचाओ आंदोलन के सहायक परियोजना अधिकारी मुकुंद कुमार चौधरी, बाल संरक्षण समिति के सदस्य चंदन मांझी,शिव शंकर शर्मा , इंदिरा, आशा किमी आदि शामिल थे।
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