वैक्सीन लेने के बाद हल्का बुखार, सूजन और हल्का दर्द, बदन दर्द और थकान महसूस होने पर न घबराएं: डॉ अहसन हमीदी
-टीका लेने के 20 दिनों तक शारीरिक विषमताओं को नहीं करें नज़रअंदाज़
-असामान्य शारीरिक समस्या होने पर तुरन्त डॉक्टर से लें सलाह

दरभंगा कुछ राज्यों को छोड़कर अब बाकी पूरे देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में काफी कमी आई है और इस वजह से जगह-जगह दफ्तर, स्कूल, मॉल, धार्मिक स्थल खुल गए हैं, लेकिन फिर भी स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सतर्क रहने की सलाह दी है| क्योंकि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। डीएमसीएच के कोरोना नोडल ऑफिसर डॉ अहसन हमीदी ने कहा कोरोना महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान में जिले में अब तक 12 लाख से अधिक कोविड रोधी टीके लगाए जा चुके हैं। हर दिन हजारों लोगों को टीका लगाया जा रहा है, ताकि इस वायरस को खत्म किया जा सके। कहा जा रहा है कि भारत में दो से 18 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों के लिए भी कोविड-19 वैक्सीन अक्तूबर से उपलब्ध हो जाएगी। डॉ हमीदी ने कहा वैसे तो कोरोना वैक्सीन लगवाने के गंभीर साइड-इफेक्ट नहीं होते, लेकिन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक ट्वीट के माध्यम से आगाह किया है कि किसी भी कोविड-19 वैक्सीन को लगवाने के 20 दिनों के भीतर होने वाले लक्षणों पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
वैक्सीन लगवाने के बाद ये लक्षण हैं आम
डॉ हमीदी कहते हैं कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद कंपकंपी महसूस होना, हल्का बुखार, इंजेक्शन लगने की जगह पर सूजन और हल्का दर्द, बदन दर्द और थकान जैसे साइड-इफेक्ट तो आम हैं, इनसे घबराने की जरूरत नहीं है। ये लक्षण एक-दो दिन में अपने आप चले जाते हैं।
ये लक्षण दिखें तो निकट के सरकारी अस्पताल में करें सम्पर्क
सांस की तकलीफ (सांस लेने में कठिनाई)
छाती में दर्द
उल्टी होना या लगातार पेट दर्द होना
धुंधला दिखाई देना या आंखों में दर्द होना
तेज या लगातार सिरदर्द
शरीर के किसी भी अंग में कमजोरी होना
बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार उल्टी होना
दौरा पड़ना (उल्टी के साथ या उल्टी के बिना) (दौरा पड़ने के पिछले इतिहास की अनुपस्थिति में)
इंजेक्शन लगने की जगह से दूर त्वचा पर रक्त के छोटे या बड़े निशान होना।
निःशुल्क चिकित्सा सेवा का उठावें लाभ
वैक्सीन लगवाने के 20 दिनों के भीतर कुछ गंभीर लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। प्रखंड के सभी अस्पतालों में डॉक्टरों की नियुक्ति रहती है। 24 घंटे में निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहती है। किसी भी शारीरिक समस्या होने पर तुरंत इन सुविधाओं का लाभ उठाया जा सकता है। इसके अलावा निकट के आंगनबाड़ी सेविका से संपर्क किया जा सकता है। स्थिति गंभीर होने पर निःशुल्क एंबुलेंस सुविधा से हायर सेंटर पहुंचाने में भी कर्मी मदद करेंगे।
नए वैरिएंट से बचने के लिए टीकाकरण जरूरी
डॉ हमीदी ने बताया कोरोना के नए-नए वैरिएंट से बचने के लिए टीकाकरण बहुत जरूरी है। चूंकि अभी देश में डेल्टा वैरिएंट को लेकर खतरा बना हुआ है, ऐसे में चेन्नई में आईसीएमआर द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि डेल्टा वैरिएंट में टीका नहीं लिए लोगों के साथ-साथ टीका ले चुके लोगों को भी संक्रमित करने की क्षमता है, लेकिन टीका ले चुके लोगों में इसकी मृत्यु दर कम है।
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