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कोरोना संक्रमण कम होने के बावजूद सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाने की अपील-

कोरोना संक्रमण कम होने के बावजूद सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाने की अपील-

नौकरी पेशा हो या व्यवसाई सभी ने संक्रमण मुक्त त्योहार मनाने को ले जागरूकता पर दिया जाए ध्यान- समाजसेवी विजय

भीड़ के मद्देनजर त्यौहार में खरीदारी करने के लिए परिवार के  कम सदस्य ही निकलें बाहर

दरभंगा  अक्टूबर माह से  हिंदू धर्मावलंबियों का  विशेष त्यौहारी दिन शुरू हो जाता है। नवरात्र से शुरू होने वाले त्यौहार छठ तक चलता रहता है। कोरोना का मामला कम होने के बावजूद सावधानी बरतनी जरूरी है। संक्रमण के मद्देनजर समाज के हर तबके के लोग चाहे वह सरकारी नौकरी कर रहे हैं या प्राइवेट जॉब करने वाले,  समाज सेवक हो या  सामान्य नागरिक,  चिकित्सक हो या अन्य पेशेवर,  बुजुर्ग हो या युवा सब सभी लोगों का मानना है कि सही व सुरक्षित तरीके से  त्यौहार मनाने को लेकर  लोगों में जागृति  होनी चाहिए  ताकि  आसपास के लोग सामूहिक रूप से  कोरोना संक्रमण से मुक्त होकर  दुर्गा पूजा, दीपावली व छठ मना सकेें। लोगों का कहना है कि दुर्गा पूजा में लोग घर से निकल कर  मां की मूर्ति का दर्शन करते हैं। लिहाजा इस स्थिति में भीड़ होना लाजमी है,  लेकिन कोरोना के इस दौर में भी कुछ सावधानी बरतें तो हम  संक्रमण मुक्त होकर त्यौहार का आनंद ले सकते हैं। निज़ी चिकित्सक डॉ विनय ने बताया कि  दीपावली का त्यौहार प्रमुख त्योहार है। यह त्यौहार आने से पूर्व ही सभी लोग अपने घरों, दुकानों, कार्यालयों की सफाई करने में व्यस्त हो जाते हैं, लेकिन आज करोना जैसी वैश्विक महामारी से यदि हमें बचना है, तो सफाई सावधानी से करनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह का कोई वायरस गंदगी के साथ हमारे शरीर में प्रवेश ना कर जाए। साथ ही दिवाली पर पटाखे जलाए जाते हैं, लेकिन इस बार पटाखे न चलाएं। पटाखों का धुआं सांस से संबंधित रोग, आंखों के रोग, एलर्जी के रोग पैदा करता है। साथ ही त्यौहार पर हर घर का मुखिया ख़रीददारी करने के लिए सिर्फ एक व्यक्ति को ही बाजार भेजें, तो बाजार में भीड़ भाड़ कम होगी। घर का मुखिया अपने परिवार के सदस्यों को फालतू घर से बाहर नहीं निकलने दे , तो यह वायरस अपने आप खत्म हो जाएगा। जो व्यक्ति खरीददारी करने निकलें, वह अपने मुंह पर मास्क लगा कर निकलें और सैनिटाइजर से बार-बार अपने हाथ धोएं। डॉ कुमार ने कहा कि त्यौहार सीजन में कोरोना का खतरा कम करने के लिए भीड़ में जाने से बचें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, घर से बाहर जाने पर मास्क जरूर लगाएं। त्यौहार के उत्साह में खान-पान में लापरवाही न रखें। कुछ ऐसा न खाएं, जो प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करे।

नियमों का पालन ज़रूरी
समाजसेवी व शिक्षक विजय कुमार ने  कहा कि कोरोना के चलते सरकार के साथ लोगों को भी त्यौहार सीजन के लिए कुछ नियमों का पालन करना चाहिए। पटाखे फोडऩे से वायु प्रदूषण बढ़ता है ,जो कोरोना संक्रमितों को ज्यादा प्रभावित कर सकता है। दिवाली पर मिठाइयां बांटने के लिए लोगों को एक दूसरे के घर जाना भी कम करना चाहिए। अत: लोगों को जागरूक करना पड़ेगा। विजय ने कहा कि लोगों में जागरूकता लाकर ही कोरोना के खतरे को कम कर सकते हैं।  हमें मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और हाथ धोने के साथ इन त्यौहारों पर संयम रख कर स्वयं को और दूसरों को बचाना होगा। कोरोना के कारण सभी प्रभावित हुए हैं। त्यौहार के सीजन में एक दूसरे से मिलने की बजाय घर में रहना होगा। बेहतर तो यह है कि वीडियो कॉल के जरिए मिलें । खरीददारी के लिए बाजार भी कम जाना होगा, ताकि संक्रमण का खतरा न रहे।

ऑनलाइन सामान खरीदने की सलाह
रेलवे विभाग में कार्ययरत संजीव बनर्जी ने बताया कि   इस बार वह खरीदारी करने के लिए बाजार नहीं जाएंगे। ऑनलाइन मार्केटिंग को तरजीह देंगे। आजकल मिठाई, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक आइटम यहां तक कि पूजा का सामान भी ऑनलाइन ऑर्डर किया जा सकता है। इसीलिए कोरोना वायरस से बचने के लिए इस त्योहार सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल होना चाहिए। इससे संक्रमण का जोखिम कम होगा। कोरोना महामारी ने हमें घर की चारदीवारों में बांधकर हमें अपने परिवारों के साथ वक्त बिताने का सुनहरा मौका दिया है। घर में अपनों के साथ मिलकर रहें और इसका आनंद उठाएं, वहीं त्यौहार के इस सीजन में हम अपनी अति आवश्यक जरूरत के लिए ही हाट-बाजार में जाएं। मूर्ति, दीपक, मिठाइयां आदि घर पर ही बनाएं। अनावश्यक खर्च व सामग्री जैसे कपड़े, पटाखे आदि पर अंकुश लगाएं, जिससे आर्थिक बचत भी होगी व कोरोना का खतरा भी कम होगा। उन्होंने यह भी कहा कि त्योहारी सीजन में कोरोना का खतरा कम करने के लिए मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग ओर सैनिटाइज करने पर तो ध्यान देना ही होगा। त्यौहार के दिनों में खरीदी के लिए बाजार में भीड़-भाड़ लगी होती है, तो भीड़ से बचें। इसलिए दूसरे व्यक्ति के संक्रमण से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है। सबसे ज्यादा सेहत पर ध्यान दें। गर्म पानी पीने पर ध्यन दें। इम्युनिटी बढ़ाने वाले फल खाएं। त्यौहार के दिन घर में ज्यादा साफ -सफाई पर ध्यान दें। कोई भी मेहमान घर आए, तो उससे दूरी बनाए रखें, ताकि संक्रमण का खतरा कम हो जाए।

सावधानी ही बचाव
संस्कृत विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त हुए बुजुर्ग  फूल कुमार मिश्रा ने बताया कि अनलॉक में कोरोना से डरना नहीं, मुकाबला करना है। इसके लिए हर सावधानी बरतें। मास्क जरूर लगाएं, लेकिन ऐसा मास्क जो अच्छी क्वालिटी का ट्रिपल लेयर वाला हो। मास्क कहीं से ढीला न हो, नाक के ऊपर तक और गर्दन के नीचे पूरी तरह चेहरा कवर होना चाहिए। खाने का सामान वहीं से खरीदें, जहां सभी ने मास्क लगाया हो। अपने साथ पेपर सोप या हैंड सैनिटाइजर जरूर रखें। समय-समय पर हाथ साफ करते रहें कहा कि त्योहार सीजन में हर संभव कोशिश की जाए कि मास्क एवं सामाजिक दूरी की पालना वास्तविक अर्थों में हो। जहां तक संभव हो भीड़-भाड़ वाले बाजारों में जाने से बचा जाए। बुजुर्गों एवं बच्चों का विशेष ध्यान रखा जाए। एक-दूसरे को इन नियमों की पालना नहीं करने पर टोका-टोकी कर अनुपालना करवाई जाए एवं जन-जागरण के लिए सावचेती अभियान चलाया जाए। कहा कि  कोरोना से बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और सरकार की गाइड लाइन की पालन करनी चाहिए। रिश्तेदारों और दोस्तों से आवश्यक हो तभी मिलें और सबको समझाएं कि जिंदगी रही तो जिंदगी भर मिलते रहेंगे। दुकानदारों को भी ‘नो मास्क, नो एंट्री के नियम की पालन करना चाहिए।

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