15 नवंबर से खुलेगा आंगनबाड़ी केंद्र
-आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चे खा सकेंगे गर्म खाना
-आईसीडीएस के निदेशक ने पत्र जारी कर डीपीओ को दिया निर्देश

मधुबनी जिले के आंगनबाड़ी केन्द्र 15 नवम्बर से खुलेंगे। कोरोना वायरस को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों को लंबे समय तक बंद कर दिया गया था। अब आईसीडीएस के निदेशक ने पत्र जारी जिले की डीपीओ शोभा सिन्हा को पत्र जारी का निर्देश दिया है कि आगामी छठ के बाद जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पूर्व की भांति की जाने वाली सभी गतिविधियों का संचालन प्रारंभ किया जाएगा। केंद्र संचालन अवधि 15 नवंबर 2021 से 21 मार्च 2022 तक पूर्वाहन 10:00 बजे से अपराहन 2:00 बजे तक निर्धारित की गई है। विदित हो कि कोरोनावायरस संक्रमण के दौर में आंगनबाड़ी केंद्र बंद होने पर बच्चों को पोषक तत्व घर पर ही उपलब्ध कराया गया। साथ ही पौष्टिक गर्म खाना या उपर्युक्त पोषण की राशि उनके घर तक पहुचांयी गई। डीपीओ शोभा सिन्हा ने कहा अब कोविड-19 संक्रमण के मामले कम होने के कारण सरकार ने फैसला लिया है कि 15 नवंबर से जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को पूर्व की भांति संचालित किया जाएगा । साथ ही अब गोद भराई तथा अन्नप्राशन दिवस का आयोजन आंगनबाड़ी केंद्रों पर ही सेविका द्वारा किया जाएगा।
आंगनवाड़ी केंद्रों को साफ सुथरा रखने का निर्देश :
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी शोभा सिन्हा ने बताया आंगनबाड़ी केंद्रों और केंद्र के आसपास की सफाई रखने का निर्देश दिया गया है। कहा कि स्वास्थ्य का बेहतर होना साफ सफाई से ही संभव होता है। कोरोना काल में सभी आंगनबाड़ी केंद्र केवल केंद्र आने वाले शिशुओं के लिए ही बंद था। सभी सेविकाएं अपने केंद्र और पोषक क्षेत्र का नियमित निरीक्षण करती रही हैं । ऐसे में उन्हें केंद्र और इसके आसपास की सफाई का खयाल रखना जरूरी है।डीपीओ ने बताया सभी सेविकाओं और सहायिकाओं को साफ सफाई पर विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया गया है।
क्या है आंगनबाड़ी योजना:
ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से छह वर्ष के बच्चों और उनकी मां को कुपोषण से बचाने के लिए भारत सरकार द्वारा एकीकृत बाल विकास सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनबाड़ी योजना को आरंभ किया गया है। इस योजना के अंतर्गत गाँवों और कस्बों में घनी आबादी वाले क्षेत्रों में एक आंगनबाड़ी केंद्र खोला गया है। जिले में 4047 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं । इस केंद्र में सरकार द्वारा प्रदान की गयी अत्याधुनिक सुविधाएँ मिलती हैं , जो बच्चों और उनकी मां को कुपोषण से बचाते हैं। इन सुविधाओं के रूप में उन्हें पोषित भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं, खेल सामग्री, बच्चों की पुस्तकें, धात्री महिलाओं की सही समय पर जाँच और परामर्श, बच्चों को बुनियादी ज्ञान से शिक्षित करना इत्यादि है। आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चे और महिलाओं को घर जैसा वातावरण उपलब्ध कराया जाता है। जिससे उनको किसी भी प्रकार का संकोच न रहे।
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