आयुष्मान कार्ड बनाने में तेजी लाने का जिलाधिकारी ने दिया निर्देश
•अब यूटीआईआईटीएसएल जिला में बनाएगा आयुष्मान कार्ड
•जिला व पंचायत स्तर पर पात्र लाभार्थियों का बनेगा कार्ड
•जिले में 23 लाख 70 हजार 685 लोगों का बनना है कार्ड

मधुबनी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाने में गति प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण भारत सरकार, नई दिल्ली ने यूटीआईआईटीएसएल के साथ करार किया है। जिसके तहत यूटीआईआईटीएसएल के कर्मी जिले सहित सभी प्रखंड के सभी पंचायत गांव में जाकर पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाएंगे। आयुष्मान कार्ड बनाने में लाभार्थी से किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। उक्त कार्य के सफल संचालन के लिए जिलाधिकारी अमित कुमार ने जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा अन्य विभागों को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया है। विदित हो कि पूर्व में भी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत फरवरी 2021 से मार्च 2021 के दौरान पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आयुष्मान पखवाड़ा का आयोजन किया गया था। जारी पत्र में जिलाधिकारी ने बताया जिले में 23 लाख 70 हजार 685 लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है,परंतु अब तक 2,30,895 लाभार्थी कार्ड बनाया गया है। शेष 21,39,790 लाभार्थियों का कार्ड बनाया जाना है। कार्ड बनाने के लिए अब कॉमन सर्विस सेंटर (वसुधा केन्द्र) और पंचायत भवन में क्रियाशील आरटीपीएस (लोक सेवा केंद्र) के अलावा यूटीआईआईटीएसएल के कर्मी भी सभी पंचायतों के गांव में जाकर कार्ड बनाएंगे।
कार्ड बनवाने में निम्न कर्मी करेंगे सहयोग:
जारी पत्र में जिलाधिकारी के निर्देश दिया है कि जिला परियोजना प्रबंधक जीविका, प्रखंड परियोजना प्रबंधक जीविका ,ग्राम स्तर पर जीविका दीदी को यूटीआईआईटीएसएल के कर्मी को आयुष्मान कार्ड बनाने में अपेक्षित सहयोग करेंगे। साथ ही जिला सामुदायिक उत्प्रेरक प्रखंड स्वास्थ्य उत्प्रेरक आशा के माध्यम से यूटीआईआईटीएसएल कर्मियों का आवश्यक सहयोग करेंगे।
पात्र लाभार्थियों का बनता है गोल्डन कार्ड:
केंद्र सरकार ने सितंबर 2018 को गरीबी से परेशान लोगों के नि:शुल्क उपचार के लिए आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की थी। इसमें सोशल इकनॉमिक कॉस्ट सेंसेज 2011 (सेक डेटा) के तहत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों को लाभ दिलाने के लिए पात्र माना गया था। बीओसीडब्ल्यू के पंजीकृत मजदूरों का भी आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है। इसी के तहत लोगों को लाभ दिलाया जा रहा है। जिला कार्यक्रमसमन्वयक कुमार प्रियरंजन ने बताया कि जिले भर में आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकारी अस्पताल सहित 5 प्राइवेट अस्पताल पंजीकृत हैं। इसमें लाभार्थी को लाभ लेने व गोल्डेन कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
जिलांतर्गत ,
•मधुबनी मेडिकल कॉलेज
•क्रिब्स हॉस्पिटल
•हरसन हॉस्पिटल
•मां उग्रतारा नेत्रालय
•आस्था सर्जिकल अस्पताल
सूचीबद्ध है एवं सभी सरकारी अस्पतालों में भी योजना का लाभ दिया जा रहा है। साथ ही योग्य निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया भी की जा रही है।
सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने बताया कि यह केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसे सफल बनाने में सभी की सहभागिता अनिवार्य है। पात्र लाभार्थी को इस योजना के तहत 5 लाख रुपए तक प्रति वर्ष मुफ्त इलाज के लिए सरकार द्वारा सूचीबद्ध अस्पतालों में सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
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