बचपन बचाओ आंदोलन ने किशनपुर गांव में बाल समिति का किया गठन

किशनपुर गांव के तीन बच्चों को बाल श्रम से पंजाब में बचपन बचाओ आंदोलन करवाया मुक्त
गांव आने पर मुक्त बालक बना बाल समिति का सरपंच
सीतामढ़ी नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी की संगठन बचपन बचाओ आंदोलन की ओर से सीतामढ़ी जिला के बथनाहा प्रखंड के किशनपुर गांव के मध्य विद्यालय मे बाल समिति का गठन किया गया,ताकि बच्चे अपने अधिकारों की वकालत खुद कर सके और गांव में बच्चों की आवाज बुलंद कर सके । बाल समिति के गठन से बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा के साथ बाल शोषण मुक्त ग्राम की परिकल्पना भी साकार हो सकेगी। बच्चों को देश का भविष्य निर्माता कहा जाता है बिना बच्चों के किसी भी सक्षम राष्ट्र का निर्माण मुमकिन नहीं है । लिहाजा समाज और सरकार की जिम्मेदारी होती है कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए हर जरूरी कदम उठाए । संगठन के पहल पर इस गांव के तीन बच्चों को पंजाब से बाल श्रम से मुक्त करवाया गया गांव आने पर बाल समिति के गठन में बालश्रम से मुक्त एक बालक को समिति का सरपंच बनाया गया ,इस अवसर पर बालश्रम से मुक्त बच्चों ने कहा की जैसा घटना हमारे साथ हुआ वह अपने गांव के दूसरे बच्चों के साथ नहीं होने देंगे हमारे तरह कोई भी बच्चा बाल मजदूरी के चंगुल में ना फंसे और हर बच्चों का जो अधिकार है वह उन्हें मिले । बाल समिति के गठन मे दीपू, नीतीश, विक्की, अभिषेक, शिवम ,रुपेश, रीपे, चंदा कुमारी ,श्रेया कुमारी , मुन्नी कुमारी एवं मंजीता को बाल समिति का सदस्य बनाया गया है । इस अवसर पर मध्य विद्यालय किशनपुर के शिक्षक राजेश कुमार एवं बचपन बचाओ आंदोलन के सहायक परियोजना अधिकारी मुकुंद कुमार चौधरी मौजूद थे।
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