बरहरवा में स्कूली बच्चों ने बाल श्रम व नशा मुक्त गांव बनाने का लिया संकल्प
अन्य राज्यों में बाल मजदूरी करने वाले बिहार के बच्चों में एक बड़ी तादाद मिथिला क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से ताल्लुक रखती है, बाल श्रम मुक्त मिथिला की परिकल्पना को साकार करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी*

सीतामढ़ी बृहस्पतिवार को बचपन बचाओ आंदोलन की ओर से डुमरा प्रखंड के बरहरवा गांव के मध्य विद्यालय के परिसर में बाल श्रम व नशा मुक्ति जन जागरूकता अभियान के तहत स्कूली बच्चों को बाल श्रम व नशा मुक्त गांव बनाने हेतु लोगों को जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया। जागरूकता अभियान के दौरान बचपन बचाओ आंदोलन के सहायक परियोजना अधिकारी मुकुंद कुमार चौधरी ने बच्चों को बाल श्रम व नशा से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में बताया। इस अवसर पर एक सौ से अधिक स्कूली बच्चों ने बाल श्रम व नशा मुक्त गांव बनाने का संकल्प लिया। अन्य राज्यों में बाल मजदूरी करने वाले बिहार के बच्चों में एक बड़ी तादाद मिथिला क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से ताल्लुक रखती है .विभिन्न जगहों पर बाल श्रम करते हुए मिलने वाले बच्चे का बचपन कहां है ऐसी कौन सी मजबूरियांं हैं जो इन बच्चों को इस तरह मजदूरी करनी पड़ रही है। बाल श्रम एक ऐसा शोषण है जो बच्चों से उनके निर्दोष बचपन के अधिकार को लूटता है , जागरूकता ही बदलाव की कुंजी है और जागरूकता से ही बाल श्रम को रोका जा सकता है आज जरूरत है हम सभी को बाल श्रम रोकने के लिए सामूहिक प्रयास करने की ताकि बाल श्रम मुक्त मिथिला की परिकल्पना साकार हो सके। इस मौके पर मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक अशर्फी प्रसाद , शिक्षक लक्ष्मीकांत ठाकुर ,धीरेंद्र ठाकुर ,अशोक कुमार सहायक परियोजना अधिकारी मुकुंद कुमार चौधरी , ग्रामीण श्रवण ठाकुर, पंकज कुमार सहित विद्यालय के छात्र – छात्राएं मौजूद थे।
Darbhanga News24 – दरभंगा न्यूज24 Online News Portal