बिहार में कुलपति की नियुक्ति में राज भावना के संरक्षण में लंबे समय से चल रही है अनियमितता-आइसा
ललित नारायण मिथिला विवि के कुलापति प्रो एसपी सिंह सहित हाल में बहाल सभी कुलापति के नियुक्ति व कार्यकाल हो उच्चस्तरीय जांच- आइसा
हाल में लागातर बिहार के कुलपति व प्रतिकुलती के इस्तीफे की भी हो उच्चस्तरीय जांच – आइसा
दरभंगा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ( आइसा) के राज्य व्यापी आवाहन
पर
ललित नारायण मिथिला विवि के कुलापति प्रो एसपी सिंह सहित हाल में बहाल सभी कुलपति के नियुक्ति व कार्यकाल की उच्चस्तरीय जांच कराने,
हाल में लागातर बिहार के भीतर कुलापति व प्रतिकुलती के इस्तीफे की भी जांच कराने, बिहार के सभी विवि पुस्तक खरीद बिक्री की जांच, बिहार के सभी विवि के कुलपति की संपत्ति की जांच, आर बी फ़ारसी विवि में हुए कॉपी खरीद बिक्री की उच्च स्तरीय जांच कराने, मिथिला को बदनाम करने वाले मिथिला विवि के कुलपति को बर्खास्त करने व उनकी संपत्ति की जांच करने की मांग को लेकर आज आइसा के द्वारा मिथिला विवि में प्रतिरोध मार्च व पुतला दहन किया गया। तथा सरकार व विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई।
इस अवसर पर विवि परिषर में आइसा जिला कमिटी सदस्य मोहम्मद सहाबुद्दीन के अद्यक्षता में आयोजित सभा को सबोधित करते हुए आइसा राज्य सह सचिव सह जिला अध्यक्ष प्रिंस राज ने बिहार में कुलपति की नियुक्ति में राज भवन के संरक्षण में लंबे समय से अनियमितता चल रही हैं। बिहार ऊपर भ्रष्टाचारी यूपी मॉडल को थोपा जा रहा है। बिहार के अंदर लगागतर कुलपति के घोटाले की खबर आ रही है। और जब इसकी जांच की बात होती है तो एक अधिकारी के समकक्ष लोगो को ही जांच टीम में सदस्य व अध्यक्ष बना दिया जाता हैं जिससे कि जांच पूरे तौर पर प्रभावित होता है। एक कुलपति के खिलाफ बनी जांच में दूसरे विवि के कुलपति को सदस्य व जांच टीम का अध्यक्ष बना दिया जाता है। जिससे कि जांच रिपोर्ट पर सवालिया निशान है।
आइसा नेता ने कहा कि राजभवन व कुलपति के बीच जो रिश्ता बना हुआ है उसका खुलासा होना चाहिए। साथ ही साथ ललित नारायण मिथिला विवि के कुलापति प्रो एसपी सिंह सहित हाल में बहाल सभी कुलापति के नियुक्ति व कार्यकाल हो उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
वही आइसा राज्य सह सचिव सह दरभंगा जिला सचिव मयंक कुमार यादव ने कहा कि मिथिला विवि के कुलपति ने मिथिलांनचल को बदनाम कर दिया है। विवि को भर्ष्टाचार के हवाले कर दिया हैं। जब किसी कुलपति व प्रतिकुलपति पर गंभीर आरोप सिद्ध होता है उन्हें बर्खास्त करने के बदले इस्तीफा दिला दिया जाता है। जिससे कि साफ- साफ स्पष्ट होता है की राज भवन के हस्तेक्षप के बाद कुलापति इस्तीफा दे देते है।
आइसा नेता ने मांग किया कि हाल में लागातर बिहार के भीतर कुलापति व प्रतिकुलती के इस्तीफे की भी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
इस अवसर पर आइसा राज्य सह सचिव राजू कर्ण, पूर्व जिला सचिव विशाल माझी, रिद्धि रानी, राजू कुमार झा, ओणम सिंह, सुधीर कुमार, चन्द्र मणि कुमार, सहित कई छात्र-छात्रा शामिल थे।
Darbhanga News24 – दरभंगा न्यूज24 Online News Portal