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टीकाकरण की भ्रांतियों को दूर करने निजी चिकित्सक के घर पहुंचे सिविल सर्जन,समझाकर कराया टीकाकरण

टीकाकरण की भ्रांतियों को दूर करने निजी चिकित्सक के घर पहुंचे सिविल सर्जन,समझाकर कराया टीकाकरण

•टीकाकरण के भ्रांतियों को दूर करने के लिए जिले में चलाया जा रहा व्यापक अभियान


मधुबनी जिले में 18 वर्ष से ऊपर के प्रत्येक व्यक्ति को टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विभाग द्वारा लगातार अनूठे प्रयास किए जा रहे हैं ताकि सौ फ़ीसदी लोगों का टीकाकरण किया जा सके। हर घर दस्तक अभियान के तहत हर घर पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग की टीम वंचित लोगों का टीकाकरण कर रही है। रिफ्यूजल रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। जिसके तहत लोगों के भ्रांतियों को दूर करके टीकाकरण किया जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा, केयर इंडिया के डीटीएल महेंद्र सिंह सोलंकी एवं इस्माहतुल्लाह उर्फ मो.गुलाब के नेतृत्व में टीम राजनगर प्रखंड के नरकटिया गांव में टीकाकरण से इंकार कर रहे होम्योपैथी के निजी चिकित्सक डॉ राजकुमार ठाकुर के घर पहुंचे। मालूम हो कि चिकित्सक द्वारा अपने क्लीनिक में आने वाले मरीजों को भ्रमित किया जा रहा था कि होम्योपैथिक दवा से कोरोना का इलाज कर सकता हूं तथा मैंने कोरोना के टीके की इजात कर ली है। मैंने खुद को तथा अपने परिवार के लोगों को कोरोना का टीका दे दिया है। इसलिए मुझे सरकार द्वारा संचालित टीकाकरण अभियान में टीका नहीं लेना है। यह बात वह गांव के अन्य लोगों व क्लीनिक पर आने वाले मरीजों को भी बताता था। लेकिन सिविल सर्जन के संज्ञान में आने के बाद सर्जन खुद चिकित्सक के घर पहुंच घंटों टीकाकरण के फायदे के बारे में समझा कर टीकाकरण के लिए चिकित्सक को राजी किया तथा अपने हाथों से डॉक्टर को टीका लगाया। उनके घर के चार अन्य सदस्य को भी टीका लगाया गया। साथ ही 30 अन्य लोग जो टीकाकरण से वंचित थे तथा किसी न किसी तरह के भ्रम में थे उनके भ्रम को दूर कर टीकाकरण किया गया।

टीकाकरण अभियान में भ्रांतियां को दूर करने की जरूरत:
सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने बताया टीकाकरण के प्रति समाज में शहरी क्षेत्र के अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की कमी एवं जागरूकता की कमी के कारण भ्रांतियां अधिक हैं। इन भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया टीकाकरण अभियान की शुरुआत से कुछ लोगों में यह भ्रांतियां थी कि टीका लगवाने के बाद लोग संक्रमित हो जाते हैं,बुखार आ जाएगा, बीमार पड़ जाएंगे, वैक्सीन के जरिए शरीर में कोरोना वायरस डाला जाता है, टीका लगने से कोरोना हो जाता है। ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण की राह में कुछ इस तरह के अफवाह और भ्रांतियों का फैलाव हुआ हैषजो अभियान की राह में रोड़ा बन रहे हैं। इस जाल को जागरूकता के हथियार से विभाग द्वारा काटने का प्रयास किया जा रहा है । स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन भ्रांतियों को दूर करने के लिए कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उन्होंने बताया इन भ्रांतियों को सामूहिक प्रयास से दूर करने की जरूरत है।

सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने बताया कि 18 वर्ष से पार हर वर्ग के लोग अपना और अपने परिवार के सदस्यों का टीकाकरण कराएं। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए कोरोना टीके की दोनों डोज लेना आवश्यक है । तभी हम सुरक्षित हो पाएंगे। मौके पर पूर्व प्रमुख गोपाल धिरासरिया,डा0 निरंजन कुमार,डा0 संजीव कुमार, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक महेश कुमार, भास्कर झा, सौरव कुमार अनीता तथा अन्य चिकित्सा कर्मी उपस्थित थे।

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